आंखों में पानी आना – Ankhon Me Paani Aana In Hindi

आंखों में पानी आना :- ऑंखें हमारे शरीर का वो हिस्सा है जो यदि हमारे शरीर में नहीं हो तो हम इस दुनिया में किसी को भी नहीं देख पाएंगे ये हमारे शरीर का कैमरा होता है जो दुनिया की हर खुरबसुरत और सभी चीजों को देखने में मदद करती है और इसलिए हमें हमारी आँखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये बहुत ज्यादा संवेदनशील होती है. और ये किसी भी प्रकार के बदलाव होने पर प्रभावित होती है जैसे मौसम बदलने पर या बरसात, सर्दी या गर्मी होने पर पर इन पर प्रभाव पड़ता है. और खासकर बरसात में के दिनों में हवा में नमी और प्रदूषण होता है तो आँखो से पानी  आने लगता है. और तेज धुप के कारण भी आँखों में जलन होती है जिससे भी आँखों में पानी आ जाता है और सर्दी के मौसम में नमी और ठंडक के कारण भी आँखों में पानी आ जाता है और इसके और भी कई कारण हो सकते है. आंखों में पानी आना आम बात है.

आंखों में पानी आना

जैसे कि गर्मियों में धुल और हवा तेज होती है जिससे आंधी और लू से भी आँखो दिक्कत होती है जीके कारण भी आँखो से पानी आने लगता है. और आँखों में किसी भी प्रकार का कचरा जाने पर भी और आँख में तीली या ऊँगली आदि लग जाएं पर आँखों से पानी आने लगता है. और यदि आपको आँखों में खुजली होती है तो उसके कारण भी आँखों से पानी आ सकता है या फिर आँखों में एलर्जी होने के कारण आप अपने हाथों से जब आखों से खुजली करते है तो तुरंत आराम मिल जाता है. लेकिन आँखों से पानी आने लगता है. या फिर ज्यादा देर आँखोनो को खुला रखने पर आँखों से पानी आना शुरू हो जाता है.

आंखों का फूलना :- आपने कभी नोटिस किया होगा कि आँखों में कभी कभी सूजन आ जाती है और फूल भी जाती है और इसका कारण क्या है ? कई बार देर तक सोने पर बच्चो की ही नहीं बल्कि बड़ों की आँखों में सुबह सूजन आ जाती है. और इसका कारण रात में कूलर की हवा के कारण सूजन हो सकती है. और आँखों से जुडी कोई भी समस्या होने पर भी आँखों में से पानी आने लगता है.

आंखों में पानी आना और उनमे जलन होना

लेकिन इसका इलाज भी ही आसान है इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसी अगर आँखों में किसी भी तरह की दिक्कत आती है तो आप सबसे पहले अपनी आँखों को ठंडे पानी से धों लें और किसी मुलायम तोलिये से साफ़ कर लें.लेकिन याद रखें आँखों को साफ़ करते वक़्त उन्हें रगड़े नहीं क्योंकि ऐसा करने से आपको और भी ज्यादा तकलीफ होगी. और गंदे हाथों या नाखून को भूलकर भी अपने आँखों में डालें. यदि आँखों में किसी भी तरह की खुजली हो रही है तो साफ़ रुमाल से आँखों की हलकी मालिस करें. और रोज़ाना अपनी आँखों को गुलाब जल से साफ़ करने मतलब आँखों में दो से तीन बूँद गुलाब जल डाल कर कुछ समय के लेट जाएँ इससे आपको काफी लाभ होगा.

और यदि आपकी आँख फुलने लगी या उनमे सूजन होने लगी है तो रात को दूध की मलाई आंखों पर रखकर सो जाये, सुबह आंख बिलकुल तरोताजा मिलेगी. शुध्द शहद आपकी आंखों के लिए सबसे बेहतर है आप रोज़ाना यदि अपनी आक्न्हों में शहद को लगाते है तो आपकी आँखों की सूजन और जलन खत्म हो जाएगी. गर्मी के कारण आंखे लाला हो गई है तो ठन्डे खीरे के गोल गोल टुकड़े कर के उन्हें अपनी आँखों पर लगा लें इससे आपको दो फायदे होंगे एक तो आपकी आँखों की जलन और लाली दूर होगी और दूसरा आपकी आँखों के नीचे के काले घेरे हट जायेंगे.

आजकल मोबाइल और टीवी देखने का प्रचलन बहुत ज्यादा है और हर कोई व्यक्ति दिन और रात मोबाइल को या टीवी को देखते रहते है जिससे भी आँखों में पानी आने जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए देर तक टीवी को न देखें और न ही वीडियो गेम्स खेले रोज सुबह और सुबह बाहर घूमने के लिए जाएँ. घर में बना देसी काजल आंखों में नियमित लगाने से आंखे स्वस्थ और साफ रहते है.धूल भरे वातावरण और गैजेट्स के इस्‍तेमाल के बीच आंखों की समस्‍या आम हो गई है. यदि आपकी आंखों में जलन और पानी आने जैसी समस्‍या है तो यह उनकी कमजोरी का भी लक्षण हो सकता है. इस तरह की समस्‍या ड्राई आई सिंड्रोम के कारण भी हो सकती है. ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़‍ित व्‍यक्ति के लिए जाड़ों के मौसम में परेशानी बढ़ जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार इस रोग से पीड़ि‍त व्‍यक्ति की आंखों में पानी आता रहता है. इसके लिए कई कारण जिम्‍मेदार हो सकते हैं, इनमें मौसम से लेकर हार्मोन में बदलाव के साथ ही अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं भी शामिल हैं.

किसी व्‍यक्ति की आंखे पर्याप्‍त आंसू उत्‍पादित न करें या किसी के आंसू जल्‍दी सूख जाएं तो उसे भी ड्राई आई सिंड्रोम की समस्‍या हो सकती है. आंखों में खुजली, धुंधली दिखाई देना और आंखों में चुभन महसूस होना भी इसके ही संकेत हैं.और आँखों को खुजाने पर भी आंखे लाल हो जाती हैं. किसी अच्छे नेत्र विशेषज्ञ ने कहा है कि उम्र के बढ़ने के साथ आंखों में पानी निकलने में जो तंत्र होता है वो कमजोर पड़ने लगता है, जिससे आंखे सूखी पड़ जाती हैं. और उनमे लाली आ जाती जिससे भी आँखों में जलन होती है.

बूढ़े व्यक्तियों की आंखों में पानी आना आम बात है. उम्र के साथ ही हार्मोन में बदलाब आने शुरू हो जाते है. जिससे आंखों की तरलता पर बुरा असर पढता है. लेकिन यह चौंकाने वाली बात होती है कि ड्राई आई सिंड्रोम के रोगी की आंखे अधिक तरल दिखाई देती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सूखी होने के कारण आंखे जरूरी तरलता बनाए रखने के लिए अधिक आंसू स्रावित करती हैं. और आँखों में पानी आना कोई बुरी बात नहीं है. लेकिन आप को अपनी आँखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.