आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति – Ayurvedic Health Tips In Hindi

Ayurvedic Health Tips In Hindi :- आयुर्वेद आज से नहीं बल्कि कई हज़ारों बर्ष पहले से निरंतर चला आ रहा है ये प्राचीन काल में भी उपयोगी था और आधुनिक काल में भी मानव के उपयोग है क्योंकि आयुर्वेदिक शास्त्रों में बताई गई बातें केवल हमारे ऊपरी त्वचा को से हमारे शरीर के आंतरिक अंगो को स्वस्थ रखने में हमारी मदद करते है.

और आयुर्वेद में बताई औषधियों का उपयोग भारत में ही बल्कि अन्य देशो में किया जा रहा है क्योकि बड़ी बड़ी बीमाईयों बहुत ही आसान से दूर करने की शक्ति रखता है और Ayurvedic Health Tips In Hindi में आप ये जान पाएंगे कि आयुर्वेद हमारे शरीर को रोगों कैसे बचाता है. आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में जानने के लिए आप Ayurvedic Health Tips In Hindi को ध्यान से आपको काफी लाभ प्राप्त होगा.

और बात करें आज के युग के बारे तो आधुनिक जीवन शैली पुरुषों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. ऐसे में पुरुषों को अपने स्वास्थ्य के बारे में पहले हीं सचेत हो जाना चाहिए, इससे पहले कि उनके खानपान या दैनिक जीवन की कोई आदत उन्हें बाद में महँगी पड़े. अगर आप अभी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो आपको किसी न किसी बीमारी का सामना करना पड़ेगा.

पुरुषों के लिए Ayurvedik Health Tips In Hindi

जंक फ़ूड के नियमित सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती है. इसलिए अगर जंक फ़ूड आपके दैनिक भोजन का हिस्सा है, तो आपको अपनी इस आदत को जल्द-से-जल्द अलविदा कह देना चाहिए. आपको अपने नाश्ते में आपको दो केले जरुर शामिल करने चाहिए. केले दिन भर आपके काम करने की उर्जा बरकरार रखेंगे और साथ हीं दिल की कई बीमारियों से भी आपको दूर रखेंगे.

अगर आप बहुत अधिक पैकिंग फ़ूड खाते हैं, तो आपको अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है. क्योंकि ऐसे फूड्स में ऐसे मेटल्स का उपयोग किया जाता है, जो पुरुषों के लिए अच्छे नहीं होते हैं.व्यायाम या सैर के बिना खुद को स्वस्थ्य रखने की कोशिश करना मूर्खतापूर्ण प्रयास है, इसलिए अगर आप खुद को स्वस्थ्य रखना चाहते हैं, तो व्यायाम या सैर को अपने दैनिक जीवन में शामिल जरुर करें.

आयुर्वेद में डिमेंशिया का उपचार

सोडा, कॉफ़ी, रेड मीट, चिप्स इत्यादि का कभी कभार हीं सेवन करें. क्योंकि इनका नियमित सेवन आपको लम्बे समय में नुकसान हीं पहुंचाएगा.खाने में अच्छी गुणवत्ता वाले तेल का उपयोग करें. खराब गुणवत्ता वाले तेल पुरुषों के लिए नुकसानदायक होते हैं. मोटापा पुरुषों की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए मोटापे से खुद को दूर रखिए.

अगर व्यायाम  करने के लिए आपके पास समय नहीं है, तो घर और दफ्तर में लिफ्ट की बजाए सीढ़ियों का उपयोग करें. अपने खाने में मौसमी फल और मौसमी सब्जी को शमिल करें. यह आदत आपको स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. सुबह नाश्ता जरुर करें, और ध्यान रखें कि रात का खाना हल्का होना चाहिए. डिनर 8 बजे तक में कर लेना चाहिए. वही व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता है.

जो सुबह जल्दी उठता हो. तो अगर आपको भी देर से उठने की आदत है, तो जल्द हीं अपनी इस आदत को बदल डालिए.
सलाद और अंकुरित अनाज को अपने भोजन का हिस्सा जरुर बनाएँ. भोजन करते समय एक समय में रोटी और चावल दोनों न खाएँ. लैपटॉप को जांघों पर रखकर काम न करें, इससे पौरुष क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इससे आप नपुंसक भी बन सकते हैं.

सौंदर्य बढाने के लिए Ayurvedic Health Tips In Hindi

और कई सारी आयुर्वेदिक ओषधियाँ है जिनकी मदद से आप अपने शरीर को बहुत ज्यादा स्वस्थ और मजबूत बना सकते है और ये बहुत ही सरल और सस्ता उपाय है और आयुर्वेदिक दवाओं के कोई भी साइडइफ़ेक्ट भी नहीं होती है ये केवल आपके शरीर को नहीं बल्कि आपके मन को भी शांत करने में आपकी मदद करते है और Ayurvedic Health Tips In Hindi के जरिये आप कई बीमारियों को दूर कर सकते है.

आयुर्वेद में डिमेंशिया का उपचार मुख्य रूप से वात संतुलन बहाल करने पर संभव है. इसलिए आयुर्वेद में डिमेंशिया का उपचार एक वात संतुलित आहार के साथ शुरू होता है. अश्वगन्धा: पाउडर के साथ दूध, घी या स्किम्ड दूध वाले व्यक्ति की पाचन क्षमता के अनुसार दैनिक आहार में पहली पुनः व्यवस्था है.स्नान से पहले दैनिक तेल मालिश आयुर्वेद में डिमेंशिया के इलाज का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा है.

Ayurvedic Health Tips In Hindi

आयुर्वेदिक पंचकर्म शोधन प्रक्रिया का एक हिस्सा है. धूनी और एनीमा जैसे अन्यकर्म शरीर को अंदर से साफ़ करने वाली प्रक्रियाओ की सहायता करते हैं. जड़ी बूटियों: अनेक आयुर्वेदिक संस्थान ब्राह्मी, अश्वगंधा आदि मुख्य जड़ी बूटियों से तैयार शांतिदायक टॉनिक व दवा, डिमेंशिया के इलाज के लिए विकसित कर रहे हैं.

भृंगराज का आयुर्वेद में बहुत ही ज्यादा महत्व है क्योंकि ये आपकी बालों को खूबसूरत और घना बनाने में मदद करता है और भृंगराज के तेल से बालों की मालिश करें. इससे बहुत जल्दी बाल आने लगेंगे. जटामांसी ये भी आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल आयुर्वेद में हेयर ग्रोथ के दवा के रुप में किया जाता है। इसे आप कैप्सूल की तरह खा भी सकते हैं और इसे सीधे बालों की जड़ में लगा भी सकते हैं.

आयुर्वेदिक हेयर वाश- आधा किलो शिकाकाई, मेथी एक पाव, करी पत्ता, तुलसी पत्ता और रीठा 100 ग्राम लें. इस सभी को मिला कर बालों को धोने लायक शैंपू बनाएं। इससे बालों की कई परेशानी दूर होने के साथ बालों में वृद्धि भी होगी.  कई सारी आयुर्वेदिक औषधियाँ है जो आपको FIT और Fine बनाने में आपकी मदद करती है. जैसी तुलसी के पत्तो को पीसकर लगाने से फेस सॉफ होता है.

आयुर्वेद में डिमेंशिया का उपचार

दूध और ऑलिव ऑइल मिलकर फेस की मसाज करे इससे मुहसो/पिंपल्स के दाग कम हो जाएँगे. जायफल को दूध में पीसकर लगाने से चेहरा सॉफ हो जाएगा. दही में नींबू का रस मिलकर चेहरे पर लगाए इससे आपकी त्वचा चमक जाएगी. राई के तेल में हल्दी और बेसन मिलाकर चेहरे पर लगाए आपका चेहरा ग्लो करने लगेगा.

हल्दी और माखन(बटर) मिलकर चेहरे पर लगाए इससे फेस की झाइया दूर हो जाएँगे. गुलाब जल, ग्लिसरीन और नींबू का रस मिलकर चेहरे पर लगाने से चेहरे में चमक आजायेगी. जामुन की बीज को पानी में पीसकर लगाने से फेस के पिंपल्स ठीक हो जाएँगे. मसूर की दाल पीसकर उसमे शहद मिलकर लगाने से फेस ग्लो करता है. आलू से चेहरे की मसाज करे इससे फेस के दाग धब्बे दूर हो जाएँगे.