बरगद के दूध का प्रयोग कैसे करें

बरगद के दूध का प्रयोग:- बरगद के पेड़ को तो सभी जानते हैं दोस्तों भारत में कई जगह इसको वट वृक्ष कहा जाता है और अंग्रेजी इसे Banyan Tree बोलते हैं इस पेड़ में बढे चमत्कारी गुण मौजूद हैं और इसका पेड़ का तना, उसकी छाल और, पत्ते, और फल यहाँ तक की इसका दूध सब बहुत ही काम के चीज़ें हैं.बरगद के दूध के फायदे

यहाँ इस पोस्ट में हम आपको आज बता रहे हैं के बरगद के दूध का प्रयोग कैसे करें और शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, मरदाना कमज़ोरी, शारीरिक व यौन दुर्बलता को कैसे दूर करें.

बरगद के पेड़ के बारे में जानकारी और इसका महत्व

बरगद के पेड़ का परिचय :- दोस्तों भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो बरगद के पेड़को न जानता हो लगभग सभी ने इसको देखा हुआ है हमारे भारत में इसको वट वृक्ष, और बढ़ के नाम से भी जानते हैं और इस पेड़ को हमारे यहाँ बहुत पवित्र माना गया है। विशेषतौर पर बरगद के पेड़ को पर्व या तीज, त्यौहार पर इसकी पूजा की जाती है। सेक्स करने से स्किन में निखार कैसे आता है यहाँ पढ़ें

बरगद का पेड़ एक बहुत ही बड़ा और विशाल होता है। वट वृक्ष की मोटी मोटी शाखाएं होती हैं और इन शाखाओं से इसकी जटाएं लटककर जमीन तक पहुंचती हैं ये बहुत मज़बूत होती हैं और तने का रूप ले लेती हैं जैसे-जैसे बरगद का पेड़ पुराना होता चला जाता है, वैसे-वैसे इसका चरों तरफ का दायरा बढ़ता ही जाता है। ज़्यादातर यह पेड़ आपको भारत में हर जगहों पर जैसे के विशेषकर मन्दिरों, किलों, पुरानी गढियों या फिर कुओं के आस-पास देखने को ज़रूर मिलते हैं.

इसके पत्ते कड़े व मोटे होते हैं और ये अंडाकार में होते हैं, इनका निचला भाग थोड़ा खुरदरा, और ऊपरी भाग चिकनापन लिए हुए होता है। बरगद के पत्तों को तोड़ने पर दूध निकलता है। बरगद के पेड़ में फूल जाती हुई ठंड में और फल बारिश के महीनों में लगते हैं। फरवरी और मार्च के महीनों में बरगद से पत्तियां झड़कर गिरने लग जाती हैं, और बाद में नए पत्ते निकलते हैं. बरगद का फल पकने पर लाल रंग का हो जाता है। और इस पेड़ को इसकी शाखाओं से बड़ी बड़ी जटायें लटकने के कारण दूर से ही इसे आसानी से पहचाना जा सकता है. मोज़े पहनकर सोने के फायदे हैं बहुत यहाँ पढ़ें

बरगद के दूध का प्रयोग कैसे करें – How To Use Banyan Milk With Batasha

बरगद के फल, तना और छाल, यहाँ तक के दूध भी बहुत काम आते हैं ये औषधीय गुणों से भरपूर हैं और बरगद के दूध का प्रयोग कैसे कर्रें ये हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे. वट वृक्ष का दूध प्रयोग करने से आपकी शारीरिक का यौन दुर्बलता समाप्त होती है व वीर्य के विकार और स्वप्नदोष में भी बहुत फायदा मिलता है और साथ साथ आपकी स्तभ्न शक्ति भी बढ़ जाती है.

जिनको शारीरिक कमज़ोरी है या स्वप्नदोष की शिकायत रहती है और वीर्य पतला हो उन्हें बरगद के दूध का सेवन सुबह खली पेट करना चाहिए बताशे पर ५-६ बूँदें दूध की टपका लें और फिर खा लें इस तरह से आप 5  से 7 बताशे रोज़ खा सकते हैं. इसके प्रयोग से आपके सम्भोग करने की शक्ति भी बढ़ती है बरगद के पेड़ के बहुत फायदे हैं और स्त्री रोगों में भी ये गजब का काम करता है उसके लिए आप निचे पढ़ें. होठों का कालापन कैसे दूर करें यहाँ पढ़ें

बरगद के पेड़ का प्रयोग बहुत से रोगों में लाभकारी है

बरगद का पेड़ कसैला , शीतल, मधुर, और पाचन शक्तिवर्धक, भारी, पित्त, कफ (बलगम), व्रणों (जख्मों), धातु (वीर्य) विकार, पेशाब की जलन, योनि विकार, ज्वर (बुखार), वमन (उल्टी), विसर्प (छोटी-छोटी फुंसियों का दल) तथा शारीरिक और यौन दुर्बलता को खत्म करता है। यह दांत के दर्द और स्तन की शिथिलता (स्तनों का ढीलापन), रक्तप्रदर, श्वेत प्रदर (स्त्रियों का रोग), स्वप्नदोष, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, बहुमूत्र (बार-बार पेशाब का आना), अतिसार (दस्त), बेहोशी, योनि दोष, गलित कुष्ठ (कोढ़), घाव, बिवाई (एड़ियों का फटना), सूजन, वीर्य का पतलापन, बवासीर, पेशाब में खून आना आदि रोगों में गुणकारी है.

काम शक्ति बढ़ाने में बरगद के पेड़ का प्रयोग

काम शक्ति बढ़ाने में भी बरगद के पेड़ का प्रयोग ऐसे करें और इसके साथ ही बहुत से रोगों में भी ये लाभकारी है यहाँ पढ़ें कुछ रोगों का इलाज. लगभग 50  ग्राम बरगद की ताज़ी कोपलें (मुलायम पत्तियां) इनको लेकर आप 250 मिलीलीटर पानी में जब तक पकायें जब एक चौथाई पानी बचे इसके बाद  इसे मतलब उस पानी को छानकर आधा किलो दूध में डालकर पकायें.बरगद के पत्ते का उपयोगअब इसमें आप लगभग 10 ग्राम ईसबगोल की भूसी और 10 ग्राम शकर मिलाकर पिएं आप देखंगे के सिर्फ 7 दिन तक इसको पीने से आपका वीर्य कितना गाढ़ा हो गया है और आपकी कामशक्ति में जबरजस्त बढ़ोत्तरी हुयी है.दूध से बनी रबड़ी का सेवन भी अगर 10 से 15 दिन कर लिया जाये तो ये काम शक्ति को बढ़ाती है और वीर्य भी गाढ़ा करती है और शरीर की दुर्बलता में भी काफी लाभ करने वाली होती हैं यहाँ पढ़ें घर में स्वादिष्ट रबड़ी कैसे बनायें.

आलस दूर करने में 

यदि आपको बहुत ज्यादा आलस आता है किसी भी काम करने आपको बहुत जल्दी थकान हो जाती है या फिर आपका मन किसी काम को करने में नही लगता है. या फिर आपको हर वक्त नींद आती रहती है. तो आपके लिए बरगद के तत्व आपके आलस को दूर कर देंगे. आप बरगद के हरे सुस्ख पत्तों का चूर्ण बना लीजिये.बरगद के दूध के फायदे और नुकसानऔर फिर उस चूर्ण को लगभग एक लीटर पानी में मिला लीजिये फिर इस पानी में आप थोडा नमक मिला लीजिये. अब तैयार मिश्रण का सेवन आपको सुबह और शाम करना है आप कुछ ये महसूस करेंगे की आपका आलसपन कैसे दूर हो जायेगा. ये बहुत ही कारगर उपाय इसे आप जरूर अपनाएं.

कमर दर्द और हर्द्य रोगियों के लिए दवा 

यदि आपको उठते समय या बैठते समय या किसी सामान को उतारने या रखने में कमर में दर्द होता है. या फिर आपको किसी तरह की दिल की बीमारी है तो आप बनयान ट्री यानी की बरगद के पेड़ के कुछ कोमल लाल पत्तों को लीजिये और उन्हें थोड़े पानी के साथ ऊबाल लीजिये और फिर इसमें थोड़ी सी मिश्री को मिला लीजिये इससे स्वाद में इजाफ़ा हो जायेगा.बरगद का पत्ताअब इस घोल को बरगद के दूध की कुछ बूंदे मिलाकर इसमें थोड़े से शक्कर के बताशे भी मिला लीजिये अब इसका सेवन सुबह और शाम को खाने से पहले कीजिये इससे आप के दिल से जुडी सभी समस्या ख़त्म हो जाएगी और और बरगद के दूध को आप यदि अलसी के तेल साथ मिलकर अपने जोड़ो पर और कमर पर मालिश करेंगे तो आपको बेहद आराम मिलेगा और शरीर की थकावट भी दूर होगी. ये मिश्रण आपके बबासीर की बीमारी को ठीक करता है.