बिच्छू के काटने का इलाज – Bicchu Ke Katne Ka ilaj in Hindi

बिच्छू के काटने का इलाज- जब वातावरण में और मौसम में परिवर्तन होने कारण जमीन की सतह गर्म हो जाती है अर्थात गर्मियों के दिन आते है जमीन के भीतर रहने वाले जानलेवा और जहरीलें कीड़े मकोड़े जैसे सांप, बिच्छू आदि बाहर निकलने लगते है. और वे अपने बिलों से निकल कर नया ठिकाना ढूढ़ना शुरू कर देते है. और ये ज्यादातर ऐसे ठिकाने ढूढ़ते है जंहा पर ठण्ड हो और ज्यादा भीड़भाड़ न हो. और इन कीड़े मकोड़ों मेसे कुछ कीड़ें ऐसे होते है जिनके काटने पर व्यक्ति को पानी पीना भी नसीब नहीं होता है अर्थात उनका ज़हर शरीर में इतनी तेजी से फैलता है की उनके द्वारा काटे गए व्यक्ति की जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है. और उन कीड़ों का ज़हर उतारना भी बहुत ही ज्यादा मुश्किल होता है. बिच्छू के काटने का इलाज बहुत ही आसान है.

और उन्ही कीड़ों से एक सबसे ज़हरीला और खतरनाक कीड़ा बिच्छू होता है, जिसके काटने पर शरीर के हर अंग में बहुत तेजी से जलन होने लगती है. और जिस भी व्यक्ति को बिच्छू काट लेता है. तो उस ब्यक्ति का दर्द और जलन के कारण बहुत बुरा हाल हो जाता है और वे बहुत तेज तड़पने लगता है. तो फ़िक्र न करें क्योंकि आर्युवेद में हर दवा का इलाज मौजूद है. और जिनके पयोग से हम खुद बिच्छू के काटने का इलाज कर सकते है और बहुत ही आसान और सरल प्रक्रिया है.

बिच्छू के काटने का इलाज

यदि किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के जानवर ने काट किया है और ज्यादा समय बर्बाद न करते है हुए आपको तुरंत उस व्यक्ति को जंहा काटा गया है उस स्थान पर आपको किसी कपडे से ऊपर की तरफ अच्छे से बाँध देना चाहिए. किसी भी जानवर के काटने पर जैसे सांफ या बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े मकोड़े के द्वारा काटे स्थान पर अपामार्ग के पत्तों और मूली का ताज़ा रस लगाने से जलन और दर्द दूर हो जाता है. यदि उन पत्तों का रस लगभग दो तीन चमच्च पीड़ित व्यक्ति दो से तीन बार दिया जाता है तो उस काटे गए स्थान जलन और ज़हर का असर बहुत हद तक कम हो जाता है.

बिच्छू या सांफ के काटने पर इलाज करना बहुत ही जरूरी हो जाता है क्योंकि ये ज्यादातर आपके लिए जानलेवा हो सकता है. इन कीड़े के ज़हर को कम करने के लिए कई प्रकार की जड़ी बूटियों और घर के आस पास मौजूद चीजों से ज़हर को खत्म किया जा सकता है. निर्मली या फिर इमली के बीजों को किसी खुरदुरे पत्थर पर पानी के दो चार बूँद डालकर और उन बीजों को घीस कर उस घिसे हुए पदार्थ को जंहा बिच्छू या सांप ने काटा है उस स्थान पर डंक मारा है वंहा पर इस घीसे हुए बीजों पर लगाने पर या फिर बीज को उस काटे गए स्थान पर लगाते है. बिच्छू के काटने का इलाज बहुत ही आसान है.  तो कीड़े जैसी सांप या बिच्छू का ज़हर उतर जाता है और उस काटे गए भाग में जलन होना भी बंद हो जाती है.

दूसरा और सरल उपाय यह है कि पोटेशियम परमैंगनेट एवं नींबू के फूल (साइट्रिक एसिड) इन दोनों को बारीक पीसकर अलग-अलग बॉटल में भरकर रख लें और शरीर के जिस स्थान पर सांप या बिच्छू के डंक मारा है उस स्थान पर मूँग के दाने जितने नींबू के फूल का पाउडर एवं पोटेशियम परमैंगनेट का मूँग के दाने जितना पाउडर रखें और ऊपर से उस स्थान पर एक बूँद पानी भी डाल लें और कुछ समय बाद ज़हर का असर काम हो जायेगा है और पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा आराम मिलता है. और सबसे कारगर और असरदार दवा है.

अगला उपाय सबसे बेहतर उपाय है इस उपाय को करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है आपको केवल एक पत्थर को अच्छे से साफ करना है और उस उस पर फिटकरी को अच्छे से घिसना है. और आपके शरीर में जिस स्थान पर बिच्छू या सांप ने डांक मारा है उस जगह पर इस घिसी हुयी फिटकरी के लेप को लगाऐं और इसे आग से थोड़ा सेक लें. चाहे कितना भी ज़हरीला बिच्छू या सांप हो इनके काटने पर आप इस उपाय को आजमाएं यदि आप इस विधि का उपयोग करते है तो उस कीड़े का ज़हर तीन मिनट में ही उतर जायगा.

यदि आपको इन उपाय से भी फायदा न हो तो घर में मौजूद बारीक पीसे गए सेंधा नामक और प्याज को मिलाकर जंहा बिच्छू ने काटा है उस स्थान पर लगते है तो ज़हर भी उतर जाता है, जलन भी कम हो जाती है.और यदि इतना न हो सके तो सबसे सरल उपाय और इलाज यही के आप घर में जाएँ और माचिस की पांच सात तीलियों का मसाला निकल लें और उस मसालें को साफ़ पानी में घिसकर सांप या बिच्छु के डंक लगाए स्थान पर लगते है तो उसका ज़हर उतर जायेगा और पीड़ित की जान भी बच जाएगी. और शरीर में ज़हर के कारण होने वाली जलन भी कम हो जाएगी.

और ध्यान रहे जब किसी को बिच्छु काट ले तो तुरंत उस जगह को करीब चार इंच ऊपर से किसी कपड़े से या रस्सी से बांध देना चाहिए. जिससे की ज़हर पुरे शरीर में न फ़ैल पायें. इसके बाद किसी साफ सेफ्टी पिन या चिमटी को गर्म करके त्वचा में घुसे ड़ंक को निकाल लें और ऊपर दिए आसान से इलाज के द्वारा ज़हर और जलन को पूरी तरह से खत्म करें.