दांत अंदर करने के तरीके – Daant Ander Karne Ke Tarike

दांत अंदर करने के तरीके :-  सभी लोगो के दांत जीवन में दो बार उगते है जिसमे किसी के दांत सीधे और एक समान होते है जिसके कारण उनके दांत बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है और और कुछ लोगो के दांत बहुत बढे और ड़ेढे मेढ़े होते है और खुश होने पर हंसी अपने आप ही हमारे चेहरे पर दस्तक देती है. कभी-कभी यह हंसी आउट ऑफ कंट्रौल हो जाती है और हंसते समय हमारे दांत बाहर आ जाते हैं लेकिन हमें उस समय बहुत बुरा लगता है जब हमारे टेढे-मेढे दांतों पर सबकी नजर पड़ती है. और वो देख कर हमारी अलोचना करते है तो हमें बहुत ही ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होती है और हमें उन पर गुस्सा भी आता है लेकिन हम कुछ कह नहीं पाते क्योंकि ये हमारी कमजोरी है. लेकिन दांत अंदर करने के तरीके बहुत ही आसान है.

दांत अंदर करने के तरीके

लेकिन क्या आप जानते है कि टेढ़े-मेढे दांत हमारी पर्सनैलिटी पर काफी नैगटिव असर डालते है चाहे हम कितने भी अच्छे हो लेकिन हमारे दांत सब खराब कर देते है और टेढ़े दांत सब पर पानी फेर देते हैं. इसके अलावा टेढ़े दांतों की वजह से बोल-चाल के कुछ शब्दों, जिसका उच्चारण करते समय हमें दातों का सहारा लेना पड़ता है, में रूकावट आती है.जिसके हम लोगो के बीच हंसी एक पात्र बन जाते है और वहीं ऐसे दांतों को साफ करने में भी परेशानी होती हैं क्योंकि ब्रश ठीक ढंग से साफ़ नहीं कर पाता है. और ये होना ही क्योंकि अगर दांतों पर ढंग से ब्रश नहीं होगा तो गंदगी जमा होगा जो बाद में दांतों के खराब होने का कारण बनते हैं.

इसलिए टेढ़े-मेढ़े दांतो से छुटकारा पाना बहुत जरूरी है. ताकि हम अपने आप को दुसरे लोगो के सामने अच्छे दिख सके. क्योंकि आज की दुनिया में दिखावा ही सब कुछ है. दांत अंदर करने के तरीके के जानना बहुत जरूरी है अगर आपके बहुत ज्यादा बाहर की तरफ निकले हुए है. इसका सबसे आसान तरीका तो यही की दांतों में फिक्स्ड ब्रेसिज या तार लगाकर इन्हें सीधा किया जाता है. और अंदर भी किया जा सकता है. तार टेम्पररी या पर्मानेंट, दोनों तरह से ही लगाई जाती है. स्थाई तौर पर तार लगाने से दांतों पर दबाव डाला जाता है, जिससे दांत सही जगह पर सेट हो जाएं. और इसकी मदद से और दांत अंदर करने के तरीके से आप आसानी अपने टेढ़े मेढ़े दांतों को ठीक कर सकते है.

आर्थोडोन्टिक्स के इलाज के बाद मरीज को च्वुइंगम, टॉफी और चॉकलेट जैसी चीजें नहीं खानी चाहिएं तथा मीठे और ज्यादा ठंडे खाद्य पदार्थों का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. इससे आपके दांतों पर ज्यादा असर पड़ेगा. और उन्हें ठीक होने में ज्यादा वक़्त लग सकता है. वैसे तो किसी भी उम्र में आप टेढ़े दांतों का इलाज करवा सकते हैं लेकिन अगर इसका इलाज जल्दी हो तो बेस्ट है क्योंकि कम उम्र में जबड़े मुलायम रहते हैं. इलाज के परिणाम शीघ्र सामने आते हैं.

टेढ़े-मेढ़े दांतों का ट्रीटमेंट करकें उन्हें ऐसे ही नही छोड़ना चाहिए क्योंकि इसके बाद भी इनके सरकने और टेढ़े-मेढ़े होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए यह जरूरी है कि ट्रीटमेंट खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक डॉक्टर से सलाह लेते रहें. और दांत अंदर के तरीके के बारे अधिक जानकारी रखें यही आपके लिए सबसे बेहतर होगा.अगर आप भी दांत अंदर करने के तरीके को अपने है और इलाज करें तो आपको कुछ ख़ास बातों का ध्यान में रखना होगा जैसे टेढ़े-मेढ़े दांतों के ट्रीटमेंट के बाद उसे ऐसे ही न छोड़ दें क्योंकि इसके बाद उनके सरकने और टेढ़े होने की संभावना बनी रहती है इसलिए समय समय पर डाक्टर से सलाह लेते रहें. और बच्चे को हर छःमहीने के बाद डैंटिस्ट के पास लेकर जाएं ताकि उनकी आदतों जैसे कि अंगूठा चूसना, जींभ से बार-बार अपने ऊपरी दांतों को धकेलना, दांतों से होंठ अथवा गाल काटते रहना आदि आदतें जो दांतों को टेढ़ा-मेढा करती हैं, को हटाया जा सकें.

क्योंकि कम उम्र में इनका इलाज आसानी से किया जा सकता है इसलिए जितना जल्दी हो सके अपना इलाज बचपन में कराएं. अगर किसी बच्चे में मुंह से सांस लेने की आदत है तो भी इस आदत को दूर किया जाना चाहिए क्योंकि इस आदत की वजह से ऊपर वाले आगे के दांत बाहर की तरफ़ आने लगते हैं. अगर आपके बच्चे के दूध वाले दांत नहीं गिरे लेकिन पास की गलत जगब पर पक्के दांत निकलने लगे हैं तो बच्चे को डैंटिस्ट के पास ले जाकर दूध के दांत निकलवाएं नहीं तो पक्के दांत वहीं फिक्स हो जाएंगे. आप नियमित रूप से हर छःमहीने बाद बच्चों को डैंटिस्ट के पास जाकर दांत चैक करवाते रहें. अगर कुछ प्रॉबल्म होगी तो वह साथ-साथ ठीक होती रहेगी.