डेंगू के घरेलु उपचार – डेंगू बुखार के लक्षण क्या है

डेंगू के घरेलु उपचार: आज कल मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां भी बदलती जा रही है मतलब की बीमारियां और भी ज्यादा गंभीर और घातक होती जा रही है. क्योंकि बीमारियों के फैलने के कई कारण है जैसे हवा में, पानी में, हमारे द्वारा खाये जाने वाले भोज्य पदार्थों में प्रदूषण के कारण जो बेक्टेरिया पनपते है उनके कारण बीमारियां होती है और ज्यादातर लोग बुखार जैसी समस्या से पीड़ित रहते क्योंकि ये रोग बहुत आसान से फैलने वाला रोग है और ये मच्छारों के काटने से फैलता है.

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू मच्छर आम मच्छरों की प्रजाति का नहीं होता, यह खास प्रकार का विषैला मच्छर होता है, जिसके काटने से 3-5 दिन के भीतर पूरे शरीर में वायरस फैल जाता है.और इस तरह के बुखार होने पर कई तरह के लक्षण देखने को मिलते है.डेंगू बुखार मुख्‍य रूप से तीन प्रकार का होता है- साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) और डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS).साधारण डेंगू बुखार, जिसे क्‍लासिकल डेंगू भी कहते हैं. डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है. यह मच्‍छर साफ पानी में पनपता है और बहुत अधिक ऊंचाई तक नहीं उड पाता है.

डेंगू के घरेलू उपचार – डेंगू का आयुर्वेदिक इलाज

डेंगू में ठंड लगने के बाद तेज बुखार चढ़ना, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, भूख न लगना, गले में हल्का-हल्‍का दर्द होना,पीडित में नाक और मसूढ़ों से खून आना,शौच या उल्टी में खून आना, डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF) हो सकता है और इसके अलावा यदि महसूस हो, तेज बुखार के बावजूद उसकी त्‍वचा ठंडी हो, मरीज पर बेहोशी हावी हो, नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगे और ब्लड प्रेशर एकदम लो हो जाए, तो डेंगू शॉक सिंड्रोम डेंगू बुखार हो सकता है.

डेंगू के इलाज के आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह ले या फर्स्ट ऐड के लिए आप रोगी को पेरासिटामोल नाम की टेबलेट दे सकते है लेकिन उन्हें डिस्प्रिन या एस्प्रिन न दें. और बुखार ज्यादा गभीर होने पर आप रोगी के खून की जांच अवश्य करा लें.डेंगू के इलाज के लिए आप इस दवाओं के अलावा डेंगू के घरेलु उपचार भी कर सकते है और डेंगू के  बुखार में यदि वित् स की मात्रा शरीर में पूरी की जाए जोकि आपको आंवला, संतरा या मौसमी में अधिक मात्रा में पाई जाती है. और इससे रोगी के शरीर का इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है.

डेंगू के लक्षण और उपचार

डेंगू के घरेलु उपचार के आप दवाओं की साथ कुछ देशी उपचार भी कर सकते है जैसी हल्दी का दूध रोज सुबह शाम लेते रहे है इससे शरीर में शक्ति बनी रहती है. और आप तुलसी को पानी में उबालकर उसमे एक चम्मच शदद मिलाकर इसका सेवन करते है तो आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है.दूध और तुलसी के अलावा आयुर्वेदिक इलाज  कर सकते है, डेंगू के बुखार को गिलोय बेल की डंडी जल्द से जल्द काटती है, साथ ही यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की मात्रा को भी बढ़ाने में मदद करती है.

जिससे रक्तअल्पता का रोग नहीं होता है.गिलोय बेल की डंडी को काट कर उसे पानी में उबाल कर उस पानी को ठंडा कर रोगी को पिलाने से मात्र 45 मिनट के बाद बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ने शुरू हो जाती है. ये सबसे अच्छा डेंगू के घरलू उपचार में से एक है.नाक के अंदर की ओर सरसों का तेल लगाएं और उसे लगा रहने दें इससे बैक्टीरिया जो डेंगू के रोग के फैलता है वो नाक के मार्ग के द्वारा भीतर शरीर में नहीं जा पाता और डेंगू का खतरा कम हो जाता है.

डेंगू बुखार से बचने के उपाय और घरेलू नुस्खे

डेंगू के घरेलु उपचार- मेथी के पत्ते के द्वारा भी डेंगू के बुखार को कम किया जा सकता है यह बहुत ही आसान और सस्ता उपाय है. इसके प्रयोग के लिए आपको  मेथी की पत्तियां लेकर उन्हें पानी में डुबोना और उस पानी का सेवन करना है ऐसा करने से बुखार कम कम होता है एवं पीड़ित का दर्द दूर कर उसे आसानी से नींद में मदद होती है इसके अलावा, मेथी पाउडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं. या फिर आप पपीते के पत्तियों का इस्तेमाल भी कर सकते है इस उपयोग के लिए पपीते की पत्तियों कूट कर इसका रस पीने से आपका सर में दर्द, कमजोरी महसूस होना, उबकाई आना, थकान महसूस होना आदि जैसे बुखार के लक्षण को कम हो जायेंगे.

जैसा की आप जानते है कि एडीज एजिप्टी मच्छर ज़्यादातर दिन में काटते हैं ये खाली पड़े डिब्बों और गंदी जगहों में पैदा होते हैं.जो डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों को फैलते है तो इस मच्छर को पनपने से रोकने के लिए आप अपने घर के आस-पास कहीं भी पानी जमा न होने दें. इसके लिए गैरों पर या छत पर रखे हुए खली पीपे, टायर, पुराने गमले आदि में पानी ज्यादा दिनों तक न रहने दें.हमेशा अपनी घरों में रखी खाली बाल्टी और बर्तनों को हर समय उल्टा करके रखें. दिन और रात के समय अपने घरों में और आस पास बनी नालियों में नियमित रूप से मच्छर-नाशकों का प्रयोग करें.

यह सुनिश्चित करें कि घर के दरवाजे और खिड़कियों की जालियां फटी हुई तो नहीं है.यदि आपके घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, तो सुनिश्चित करें कि उन्हें या घर के किसी अन्य सदस्य को मच्छर न काटे और सोने से पहले हमेशा मच्छरदानी लगाकर सोएं. अगर आप कूलर का उपयोग करते हैं तो नियमित रूप से पानी की ट्रे को साफ़ करें. हमेशा कचरे के डिब्बे को ढककर रखे. मच्छरों को दूर रखने का एक प्राकृतिक उपाय है अपने घर की खिड़किओं के पास तुलसी के पौधे लगाना. यह मच्छरों को पनपने से रोकते हैं. मच्छर भगाने का एक और अदभुत तरीका कपूर का प्रयोग करना है. अपने कमरे की खिड़कियां और दरवाज़ों को बंद करके कपूर जलाएं और 10-15 मिनट तक कमरे को बंद रहने दें.