गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में क्या खाएं और क्या न खाएं

गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में क्या खाएं और क्या न खाएं :- प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था में खान पान से लेकर कई सारी बातें की जाती है जिसमे सबसे अहम होता है महिला का खानपान, क्योंकि महिला के द्वारा खाया गया भोजन ही उसके होने वाले शिशु को पोषित करता है. यदि महिला का खानपान ठीक रहता है तो उसका शिशु भी ठीक रहता है. और इसलिए आज हम इस पोस्ट में आपको उन बातों के बारें बताएँगे जो सबसे ज्यादा पूँछी जाती है कि प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए लेकिन एक और बात है कि किस महीने में किस तरह का खानपान रखना चाहिए. गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में क्या खाएं और क्या न खाएं इसकी जानकारी बहुत जरूरी है.

प्रेग्नेेंट होने पर प्रेग्नेंसी का महीना पांचवे सप्ताह से शुरू हो जाता है. और कई सारी महिलाएं ऐसी भी होती है जिनमे प्रेग्नेंसी के लक्षण पहले महीने में दिखाई नहीं देते हैं. और इस वक़्त खान पान सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी से आपका होने वाला शिशु तंदुरुस्त रहता है. गर्भावस्था के तीसरे महीने में क्‍या खाना चाहिये ? गर्भावस्था के दूसरे महीने में, आपको सुबह बीमार सी फीलिंग रह सकती है जिससे आपको खाना खाने की इच्छा नहीं होती है. लेकिन फिर भी इस समय आपको अच्छा खाना खाना होगा.

गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में क्या खाएं और क्या न खाएं

किवी के फायदे :- याद आपको मैरिड लाइफ अच्छी रखनी है तो आपको रोज़ाना किवी का सेवन करना चाहिए और इस समय कीवी खाने का बहुत महत्व है, इस समय न्यूरल ट्यूब, विकसित होना शुरू होती है और बाद में बच्चे का दिमाग, रीड की हड्डी और तंत्रिकाओं का विकास होने लगता है. मलतब कि शिशु का बनाना शुरू हो जाता है. और गर्भावस्‍था के छटवें महीने में होने वाले परिवर्तन इसके साथ ही इस समय बच्चे का संचार तंत्र और हार्ट बीट भी विकसित होना शुरू होती हैं. इसलिए, प्रेग्नेंसी के दूसरे सप्ताह में डाइट खास मायने रखती है. और इस समय खानपान का विशेष ध्यान रखा जाता है.प्रेग्नेंसी के शुरूआती दिनों में क्या खान चाहिए. आपको फोलिक एसिड या फोलेट एक विटामिन बी है. जो कि सबसे अच्छा होता है एक गर्भवती महिला के लिये. और प्रेग्नेंसी के शुरुआती कुछ सप्ताहों में फोलिक एसिड लेना बहुत ही ज़रूरी है क्योंकि यह न्यूरल ट्यूब को सामान्य रूप से विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यदि आप फोलिक एसिड नहीं लेती हैं तो न्यूरल ट्यूब सही तरह विकसित नहीं हो पाती है या बच्चा समय पूर्व होता है. और जिसके करना आपका शिशु समय से पहले ही हो जाता है और इससे आपको और आपके होने वाले शिशु को जान का खतरा रहता है.

गर्भवती महिला का खान पान कैसा हो ?

गर्भवती महिला को अपने शरीर में शरीर में आयरन कि कमी नहीं होने देना चाहिए क्योंकि आयरन इस समय, आपकी ब्लड सप्लाई बच्चे तक भी रक्त का संचार करती है. यदि आप आयरन ठीक तरह नहीं लेंगी तो आपको थकान महसूस होगी और एनीमिया भी हो सकता है. और जैसी ही आपको पता चलता है कि आप गर्भवती है तभी से हर रोज़ 27 एमजी आयरन लेना शुरू कर दें और और ऐसे फलों का सेवन जिनमे सबसे ज्यादा आयरन की मात्रा होती है. गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में बच्चे का विकास शुरू हो जाता है.

कैल्शियम हमारे शरीर में हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है यदि शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होती है तो हमे हड्डी से संबधित रोग होना शुरू हो जाते है. और प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने से ही बच्चे की हड्डियाँ बनना शुरू होती हैं. इसलिए कैल्शियम की मात्रा को शरीर में बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है. इसलिए आपको रोजाना 1000 एमजी कैल्शियम लेना चाहिए. इसके लिए आप दूध से बने पदार्थों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें. और डेयरी फूड के साथ हरी पत्तेदार सब्जियाँ का सेवन जितना हो सके उतना करें. यदि आप कैल्शियम का सेवन नहीं करेंगी तो आपका शरीर आपकी हड्डियों से कैल्शियम लेना शुरू करता है जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. और आपको हड्डियों में और जोड़ो में दर्द होना शुरू हो जाता है.प्रोटीन हमारे शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है और प्रोटीन युक्त भोजन खाने से शरीर मजबूत और स्वस्थ रहता यही इसलिए प्रेग्नेंट महिला को सबसे ज्यादा अपने खाने में प्रोटीन लेना चाहिए और प्रोटीन युक्त सब्जियों व फलों का सेवन करना चाहिए. क्योंकि प्रोटीन से शरीर तो मजबूत होता ही साथ होने वाला बच्चा भी स्वस्थ होता है और इसकी मांसपेशियों को विकसित होने में काफी मदद मिलती है.और प्रोटीन से आपके बच्चे को आवश्यक ब्लड सप्लाई होती है. और प्रोटीन से वजन भी बढ़ जाता है इसलिए कम फैट वाले पनीर में और मछली का सेवन करें क्योंकि इनमें अधिक प्रोटीन अधिक मिलेगा. और इसलिए आपको 75 से 100 ग्राम प्रोटीन का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए.

कई बार महिला को याद नहीं रहता है और वो कुछ भी खा लेती है लेकिन गर्भावस्‍था के दूसरे महीने में आपको किन किन चीजों को नहीं खाना चाहिए. ये जान ने के लिए ध्यान से पढ़िए.

प्रेग्नेंसी के शुरूआती क्या न खाएं

मीट स्प्रेड लिस्टीरिया जैसे मीट स्प्रेड को प्रेग्नैंसी के दौरान बिलकुल भी नही खाना चाहिए क्योंकि इससे आपके होने वाले शिशु पर बुरा असर पड़ता है और मीट खाने से उसकी ग्रोथ पर असर देखने को मिलता है. इसलिए भूलकर भी इन दिनों में मीट को नहीं खाना चाहिए. सॉफ्ट चीज़ ब्री, रुक्फोर्ट और कंम्बर्ट जैसे चीज को न खाएं क्योंकि इनमें ई कोली बैक्टीरिया होता है और इन्हे खाने से इन्फ़ैक्शन या अन्य जटिलता का खतरा रहता है. इस समय आप आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आप लिवर का सेवन कर सकती हैं. लेकिन फिर भी इसका अधिक सेवन ना करें क्यों कि इसमें रेटिनल होता है जिससे गर्भपात का खतरा हो सकता है.जैसा की आप सब जानते होंगे शराब यानी एल्कोहल का सेवन आपके स्वस्थ के हानिकारक हो सकता है. और नहीं जानते है तो जान जाहिए क्योंकि इस समय एल्कोहल का सेवन खतरनाक है. इसलिए अल्कोहल के सेवन न करें जितना हो सकें इससे दूरी बनाये रखें. अंडे खान ठीक होता है और ये फायदेमंद भी है लेकिन  कच्चे अंडे कच्चे और अधपके अंडे प्रेग्नेंसी के दूसरे महीने में खाने से आपको नुकसान हो सकता है इसलिए इसका सेवन बिलकुल न करे और और सकें तो उबला अंडा खाएं और वो ज्यादा मात्रा में नहीं केवल 2 अंडे प्रतिदिन खाएं.