गले की ख़राश को दूर करने के उपचार – Gale Ki Kharas Ko Door Karne Ke Upchaar

गले की ख़राश को दूर करने के उपचार: – हम सभी के सभी के शरीर में कुछ न कुछ बदलाब होते रहते है और ये बदलाब ज्यादा जब हो जाते है जब मौसम बदलते है और मौसम के बदलने से कई तरह की बीमारियों से शरीर ग्रसित हो जाता है और कई सारे रोग जैसे पेट दर्द, सर्दी जुखाम, चक्कर आना और गले में खराश आदि कई तरह के रोग शरीर में आसानी से फ़ैल जाते है और ये रोग होना आम बात है. इसमें गले में कांटे जैसी चुभन, खिचखिच और बोलने में तकलीफ जैसी समस्याएं आती हैं.और ज्यादा लोगो को ये समस्या हो ही जाती है इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि गले में खराश होना कोई बड़ी बाद नहीं है.

और गले की ख़राश को दूर करने के उपचार के बहुत सारे है लेकिन आपके तब गंभीर हो सकती है जब आप इस समस्या को नज़रअंदाज़ करते है तो ये बीमारी आपके लिए कई तरह के गले से सम्बंधित परेशानियों की जड़ बन सकती है. गले में खराश की बात करें तो किसी विशेष उम्र के व्यक्ति को नहीं होती है ये किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन बच्चों को, जो ज्यादातर स्मोकिंग करते है उनको ये समस्या ज्यादा होती है. और ये उन लोगो को ज्यादा होती है जिनमे रोगप्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है या जिन लोगों को एलर्जी बहुत ही जल्दी होती है. उन्हें गले में ख़राश होने की समस्या अक्सर बानी रेहती है.

गले में खरास होने के कारण:-  हमारे गले में दोनों तरफ टॉन्सिल्स होते हैं, जो कीटाणुओं, बैक्टीरिया और वायरस को हमारे गले में जाने से रोकते हैं, लेकिन कई बार जब ये टॉन्सिल्स खुद ही संक्रमित हो जाते हैं, तो इन्हें टॉन्सिलाइटिस कहते हैं. इसमें गले के अंदर के दोनों तरफ के टॉन्सिल्स गुलाबी व लाल रंग के दिखाई पडम्ते हैं. ये थोड़े बड़े और ज्यादा लाल होते हैं. कई बार इन पर सफेद चकत्ते या पस भी दिखाई देता है गले का इनफ़ेक्शन आमतौर पर वायरस-बैक्टीरिया के कारण होता है.गले में खराश अक्सर सभी को होती रहती है. खराश होने पर गले में दर्द, चुभन हो सकती है, निगलने में परेशानी हो सकती है, गला सूखा सूखा लगता है वैसे तो टॉन्सिलाइटिस का संक्रमण उचित देखभाल और एंटीबायोटिक से ठीक हो जाता है, लेकिन इसका खतरा तब अधिक बढ़ जाता है,डिप्थीरिया नामक  बीमारी के कारण भी गले में परेशानी हो सकती है. गले की ख़राश को दूर करने के उपचार और घरेलू उपाय बहुत ही आसान है.

जब यह संक्रमण स्ट्रेप्टोकॉक्कस हिमोलिटीकस नामक बैक्टीरिया से होता है. तब यह संक्रमण हृदय एवं गुर्दे में फैलकर खतरनाक बीमारी को जन्म दे सकता है. हूपिंग कफ के कारण गले में खराश और तेज खांसी होती है जो 2 महीने तक रह सकती है. और आप को ये बता दे कि मोनो न्यूक्लोसिस नामक वाइरल इन्फेक्शन के कारण गले में खराश हो जाती है. इस बीमारी के लक्षण गले में खराश के अलावा बुखार , सिरदर्द , थकान, आदि हो सकते है. ये एक डेढ़ महीने में अपने आप ठीक हो जाते है. स्कूल जैसी जगह में इसके होने की सम्भावना अधिक होती है जब यह संक्रमण स्ट्रेप्टोकॉक्कस हिमोलिटीकस नामक बैक्टीरिया से होता है.और मीज़ल्स के कारण गले मे खराश, बुखार, कफ़, लाल आँखें, मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना और मुह में सफ़ेद धब्बे हो सकते है. और भी कई सारी समस्याएं हो सकती है.

गले की ख़राश को दूर करने के उपचार एवं आसान घरेलू उपाय

गले यदि आपको जलन हो रही है या फिर बार बार कफ आ रहा है तो सबसे पहले साधा पाने से गरारा करें यदि आपका इससे भी कोई काम नहीं होता है तो आप घर में मौजूद साधा नमक को पानी में मिला लें फिर उसे गुनगुना करे. और इस गुनगुने पानी से गरारे करें. और सबसे ख़ास बात हमेशा याद रखें कि गरारे करने के तुरन्त बाद कुछ ठंडा जैसे लस्सी या फिर आइसक्रीम या फिर कोई भी ठंडा पेय पदार्थ न लें. यदि आप ऐसा करते है तो इससे गले में आराम मिलेगा.

वैसे तो नमक के गुनगुने पानी से सभी को आराम मिल जाता है लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो आप एक कप पानी में 4-5 कालीमिर्च एवं तुलसी की थोंडी सी पत्तियों को उबालकर एक कप काढ़ा बना लें और इस काढ़े को धीरे-धीरे पी जाए, और यदि आप ऐसा दो से तीन बार भी दिन में करते है तो आपका सर और जुखाम भी दूर हो जाता है जिससे शरीर में कफ़ जमा नहीं हो पता है और गले की खराश की समस्या ने निजात मिलती है और ये सबसे बेहतर और आसान उपचार है.

यदि किसी को बहुत तेज बुखार आ रहा है और साथ गले बहुत दिनों से ख़राश की समस्या बनी हुयी है तो उसके सबसे बेहतर है. तो इस उपाय करे ये बहुत ही कारगर साबित होगा और और इस उपाय को करने के लिए अदरक, इलायची और काली मिर्च को मिला कर इसकी चाय बनाकर पीएं और दिन में यदि आप दो बार भी इस चाय का सेवन कर लेते है तो गले की खराश में बेहद आराम पहुंचाती है. साथ ही इस चाय में जीवाणुरोधक गुण भी हैं. और इस चाय को पीने से आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है इसलिए आप का इसका सेवन रोज़ाना करना चाहिए. इस चाय को नियमित रूप से पीने से गले को आराम मिलता है और खराश दूर होती है.

सिरका एक बहुत ही उपयोग दवा मानी जाती है यदि गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से भी गले के रोग दूर हो जाते है. काली मिर्च का उपयोग आप और भी तरह से कर सकते है आप काली मिर्च और 2 बादाम के साथ पीसकर इसका चूर्ण बनाकर यदि आप लेते है तो सेवन करने से गले के रोग दूर हो जाते हैं. और भी कई तरीके कच्चा सुहागा आधा ग्राम मुंह में कम से कम एक मिनट तक रखें ऐसा करें के बाद उसका रस चुसते रहें. गले की ख़राश को दूर करने के उपचार और घरेलू उपाय बहुत ही आसान है.

और यदि आप इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहोराते है तो आप खुद देखेंगे की  दो तीन घण्टों मे ही गला बिलकुल साफ हो जाएगा. और आपके सीने से भी कफ़ हट जायेगा.और ऐसा करने के बाद आप थोड़ी थोड़ी देर में सौंफ चबाते रहे और सुबह सुबह यदि ऐसा करते है तो आपको काफी आराम मिलेगा. और सबसे ख़ास बात है इस समय किसी भी प्रकार का  धूम्रपान न करें और ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन न लें.