Heart Blockage के लक्षण, Heart Blockage के कारण, Heart Blockage Treatment In Hindi

Heart Blockage Treatment – हर जीव के अंदर एक दिल होता है जिसे Heart कहते है और ये शरीर का इंजन माना जाता है अगर इसमें किसी भी प्रकार की समस्या आ जाती है तो इसकी वजह से पूरा शरीर काम करना बंद कर अर्थात उसकी Death हो जाती है लेकिन Heart Blockage एक ऐसी समस्या है जोकि Human की pulses का सुचारू रूप से काम करना बंद कर देती हैं. इस दौरान Heart pulses पूरी तरह से मतलब pulsesरूक-रूक कर चलती है. लेकिन ये समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है क्योंकि ये Heart Blockage Treatment आम है.

इसलिए कुछ लोगों मे यह समस्या जन्म के साथ से ही शुरू हो जाती है. जबकि कुछ लोगों में बड़े होने पर Problem  गंभीर रूप ले लेती है. जिन लोगो के साथ ये समस्या जन्मजात होती है और Heart Blockage की problem को congenital heart blockage कहते है जबकि जन्म के बाद में हुई Heart Blockage की समस्या को acquired heart blockage कहते हैं. लेकिन आज काल ये समस्या बहुत ही ज्यादा होने लगी है क्योंकि modern रहन-सहन और खाने-पीने की आदतों में इतना कुछ Change हुआ है कि जिसे समझ पाना बहुत ही मुश्किल है और इस के चलते अधिकांश लोगों में Heart Blockage की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती ही जा रही है.

लेकिन Heart Blockage Treatment बहुत ही Easy है और जिस New Tech से इसकी जांच कि जाती है या फिर यूँ कहे कि Heart Blockage को जांचने के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (electro cardiogram) टेस्ट किया जाता है. Heart Blockage के symptoms किसी भी बिमारी के कोई न कोई लक्षण (Symptoms) तो होते ही है चूँकि Heart Blockage Symptoms कि बात करें तो इन्हे बहुत Easily Identify जा सकता है जो कि आप के लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि इन्हे जानकर आप Alert हो सकते हो और Heart Blockage Symptoms को जानकार आप किसी और कि मदद कर सकते है.

Heart Blockage Treatment In Hindi

सबसे पहला लक्षण Symptoms इसमें रोगी के शरीर और छाती chest में बहुत जोर से Pain होता है और इस pain के कारण ही उसकी सांस भी फूलना शुरू हो जाती है. और व्यक्ति को यदि Heart Blockage की बीमारी हो गई तो उससे कोई भी छोटा से छोटा काम करने में बहुत ही ज्यादा समस्या आती है और वो बहुत जल्दी थक जाते है और और भी बहुत मामूली कारण है जिन्हे Ignore नहीं करना चाहिए जैसे  सिरदर्द होना, चक्कर आना, या फिर अचानक से बेहोश हो जाना.Heart Blockage के कारण- हर बीमारी के कई कारण हो सकते हो सकते है हार्ट में ब्लॉकेज या रूकावट प्लॉक के कारण होती है, प्लॉक्स, कोलेस्ट्रॉल, फैट, फाइबर टिश्यू और श्वेत रक्त कणिकाओं का मिश्रण होता है, जो धीरे-धीरे नसों के भीतर की और ये सब बहुत ही ज़ोरो से चिपकने लगते है और जिनकी वजह से राखत का सही तरीके सुकुलेशन नहीं होता है और ये जो माल्टेरिअल जमा होता है इसे हार्ट ब्लॉकर कहते है और प्लॉक का जमाव गाढ़ेपन और उसके तोड़े जाने की प्रवृत्ति को लेकर अलग-अलग तरह के होते हैं.

लेकिन यदि ये Plaque में बहुत ज्यादा गाढ़ापन आ जाए या फिर ये रेत की तरह Hard होगा, तो ऐसे Plaque को Stable Plaque कहा जाता है और यदि यह Soft होगा या फिर किसी Gum के जैसा नसों के भीतर ये Plaque जमा हो जाए तो इसे आसानी से तोड़े जाने की सम्भवना होती है और इसे Unstable Plaque कहा जाता है. ये दोनों प्रकार के ब्लॉक बहुत ही ज्यादा Dangerous होते है क्योंकि ये सीधा heart पर Attack करते है जिससे Heart Attack जैसी गंभीर बीमारिया हो सकती है. दोनों प्रकार के प्लावके के बारे में कुछ ख़ास बात है जो रोगी के लिए बहुत ही जायदा फायदेमंद है.

Heart Blockage Treatment, Causes In Hindi –

स्टेबल प्लॉक (Stable Plaque):- Stable Plaque से रूकावट की मात्रा से कोई फर्क नहीं पड़ता, न ही इससे गंभीर heart Attack होता है. इस तरह का Plaque धीरे धीरे बढ़ता है, ऐसे में रक्त प्रवाह को नई आर्टरीज (artries) का रास्ता ढूंढने का मौका मिल जाता है, जिसे कोलेटरल वेसेल (collateral vessal) कहते हैं. ये वेसेल block हो चुकी Artery को Bypass कर देती हैं और Heart की मांसपेशियों तक आवश्यक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाती हैं.

अनस्टेबल प्लॉक (Unstable Plaque):- Unstable Plaque में, प्लॉक के टूटने पर, एक खतरनाक थक्का बन जाता है, और choletrol को विकसित होने का पूरा समय नहीं मिल पाता है. व्यक्ति की मांसपेशियां (muscle) गंभीर रूप से Damage हो जाती हैं और वह कई बार sudden cardiac death का शिकार हो जाता है. तो इस तरह से दोनों प्रकार के Plaque को हमने समझा लेकिन इसके क्या उपाय है इसका Treatment किस तरह से किस तरह से किया जा सकता है.Heart Blockage से बचने के लिए कई तरह के उपाय कर सकते है. जोकि आपको इस समय से बचाने में मदद करते है और आपको Fit बनाये रख सकते है और इससे बहुत ही जल्दी से हार्ट ब्लॉकगेग की समस्या को ख़त्म किया जा सकता है. ज्यादा धूम्रपान न करें, यहां तक कि कोई दूसरा धूम्रपान कर रहा हो, तो भी खुद को बचायें, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए daily Exercise को शामिल करना बेहद जरूरी है, समय पर भोजन करें, ऐसा भोजन करें, जिससे हृदय को लाभ हो और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए शरीर का Wight control रखें, Daily Exercise के साथ आप आधा घंटा पैदल चलें और हो सके तो Lift की जगह, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.

Heart Blockage Treatment

Heart Blockage Treatment आप घर पर कुछ उपाय कर सकते है जैसे एक कप दूध में लहसुन की तीन से चार कली डालकर उबालें. इस दूध को रोज पीएं आपको काफी राहत मिलेगी. एक गिलास दूध में हल्दी डालकर उबालें और गुनगुना रहने पर शहद डालकर पीएं. एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस, काली मिर्च और शहद डालकर पीएं. दो से तीन कप अदरक की चाय भी रोजाना पीएं. इसके लिए पानी में अदरक डालकर उबालें और शहद मिलाकर पीएं. ये सबसे आसान और बेहतर इलाज है और आप अपने में सलाद में अलसी के बीजों का इस्तेमाल करें. खाने में सामान्य चावल की जगह लाल यीस्ट चावल खाएं.मेथी दाने को रात भर पानी में भिगाकर, सुबह मेथी चबाकर खायें और बचा हुआ पानी पी जाएं.