हिचकी दूर करने के उपाय

हिचकी दूर करने के उपाय: हिचकी आना कोई बीमारी नहीं है. वेसे तो हिचकी आना तो एक आम बात है. लेकिन आपको बार-बार हिचकी आ रहीं हैं और बंद नहीं होतीं तब ये काफी खतरनाक हो सकतीं हैं. और ऐसे में रोगी को बहुत दिक्कत का सामना करना पढता है.

इस बीमारी में मुहं बार बार सूखता है और बार-बार ही पानी पीने को मन करता है. हिचकियाँ आना आयुर्वैदिक और एलोपैथिक दवाओं से आप इसका इलाज कर सकते हैं. इसके अलावा घरेलू नुस्खों के द्वारा भी इनको बंद किया जा सकता है.

हिचकी आने के कारण

आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खे लेकर आये हैं जो आपको हिचकियों से बचा सकते हैं. इन हिचकियों के आने का कोई समय नहीं होता है. ये किसी भी समय आ सकती हैं और कई बार तो बहुत ही अधिक आती हैं. इतनी की ये एक गंभीर रूप धारण कर लेती हैं.

हिचकी एक ऐसी चीज हैं जिस पर हमारा कोई काबू नहीं होता हैं ये कभी भी आ सकती हैं| यदि हम किसी से खास बात कर रहे हैं या कोई काम कर रहे हैं| तो ऐसे में आपको हिचकी आने लगे तो आपका सारा काम ही ख़राब हो जायेगा| इसलिए आपको ऐसी विधियों का ज्ञान होना चाहिए, जिससे आप इन हिचकियों पर काबू पा सकें|

हिचकी के प्रकार हिचकी दूर करने के उपाय

जन साधारण में हिक्का को शकुन-अपशकुन के हिसाब से देखा जाता हैं| जब किसी को हिचकी आती हैं तो वह कहता हैं| कोई मुझे याद कर रहा हैं, इसलिए मुझे हिचकी आ रही हैं| लेकिन हम आपको बता दे हिचकी और याद करने का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं होता हैं.

यह एक वायु विकार का रोग होता हैं| जब छाती और पेट के बीच की मांसपेशी सिकुड़ने लग जाती हैं| तो हमारे फेफड़े काफी तेजी से हवा खींचने लगते हैं और सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगती हैं| इस पूरी प्रक्रिया में पेट की हवा ‘हिक-हिक’ आवाज के साथ-साथ हिचकी के रूप में मुंह से निकलती हैं|

  • गलत तरीके से खाना खाने में आने वाली हिचकी को अन्नाज हिचकी कहा जाता है.
  • कुछ समय के अंतराल में 2-2 बार हिचकी आती हो तो इसे यमला हिचकी कहते हैं|
  • जो शारीर के सभी मुलायम जगह पर दर्द देती हैं उसे महती हिचकी कहते हैं|
  • जब हिचकी नाभि की जगह से शुरू होती हैं और शारीर में दर्द करती देती हैं| ऐसी हिचकी को गंभीर हिचकी कहते हैं|
  • जो कंठ और दिल से शुरू होती हैं और समय के अंतराल में धीमी धीमी आती हैं| तो इस प्रकार की हिचको को हम क्षुद्र हिचकी कहते हैं|

हिचकी आने के कारण

हमारे दिमाग की नाडी में से एक नाड़ी हमें पेट तक जाती हैं| जिसे हम वेगस नर्व कहते हैं जब हमारे पाचन तंत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी हो जाती हैं तो तब हमें हिचकियाँ आना शुरू हो जाती हैं. लगातार लम्बे समय तक हिचकी के आने से डायफ्राम की मसल्स के अचानक सिकुड़ने की वजह भी हो सकती है.

हिचकियों की समस्या ज्यादा समय तक रहने से कई प्रकार की बीमारी हो सकती हैं. जैसे श्वसन रोग, फेफड़े के रोग, हैजा आदि अधिक मात्रा में तेल मसालों से बने चटपटे भोजन के सेवन से भी हिचकियाँ आ सकतीं हैं. इसलिए ऐसा भोजन कम ही करें.

कही लोगों को आदत होती हैं कि वे बहुत ही जल्दी खाना खा लेते हैं. और साथ ही खाना खाते समय बोलते भी अधिक हैं. इनके यही आदत हिचकियाँ का कारण बन जाती है. शराब आदि के सेवन से और कुछ पेन किलर दवा के सेवन करने से  पेट काफी सेंसेटिव हो जाता हैं और हिचकियों आने लगती हैं. कुछ रोगों में हिचकियां प्राणघातक भी हो सकती है. निरंतर हिचकियां आने से सांस रूक जाने से पीड़ित व्यक्ति मृत्यु का शिकार भी बन सकता है.

हिचकी रोकने के घरेलू उपचार

ठंडा पानी: जो हिचकी शॉक देने वाली होती हैं उससे राहत पाने के लिए आप ठन्डे पानी का सेवन करें| ठन्डे पानी को पीने से शारीर में किसी भी प्रकार की शॉक से distraction पैदा होता हैं| और हिचकी बंद हो जाती हैं|

ठंडा पानी
ठंडा पानी

हिचकी होने पर आप तुरंत एक ग्लास ठंडा पानी लें. और उसमे थोडा सा शहद डालकर पी लें. आप चाहे तो ठंडे पानी के गरारे या कुल्ला भी कर सकते हैं. बर्फ के कुछ लेकर आप इन्हें भी चूसने सकते हैं इससे भी आपको फयदा होगा.

उल्टा होकर पानी पीना: ठंडा पानी पीने से हिचकी में राहत तो मिलती ही है. लेकिन यदि आप जल्दी आराम चाहते हैं, तो आप इसी पानी को उल्टा होकर पिए इससे आपको और भी जल्दी और ज्यादा फायदा मिलेंगा. एक ग्लास में ठंडा पानी भर लें और अब आप कमर के बल झुकें और अपना सर निचे करें. अब पानी को उलटी तरफ से पियें, अगर हिचकी फिर भी आये तो आप ऐसे फिर से भी कर सकते हैं.

सांस को थामें: साँस को रोककर हिचकी को बंद करने का तरीके काफी पुराने समय से अपनाया जा रहा हैं| इससे खून में कार्बनडाईआक्साइड की मात्रा बढ़ जाती हैं और दिमाग भी डिस्ट्रक्ट होने लगता है.

एक गहरी और लम्बी साँस लें और फिर इसे अन्दर ही थामे रहें. आप इसे तब तक रोके जब तक आप रोक के रख सकते हैं. अब साँस को धीरे-धीरे से बाहर निकालें. फिर साँस अन्दर लें और फिर से लम्बी सांसे लें. ऐसा आप कुछ देर तक करते रहे जिससे आपकी हिचकी बंद हो जाएगी.

हिचकी रोकने के आयुर्वेदिक उपाय

चीनी का उपयोग: चीनी हिचकी का एक बहुत ही अच्छा उपाय हैं| चीनी का उपयोग छोटे बच्चो के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता हैं| छोटे बच्चो के लिए कोई और उपचार ठीक नहीं हैं| चीनी को सीधे से खाने पर भी हिचकियाँ ठीक हो जाती हैं और ये उपाय बच्चो के लिए बिलकुल सही हैं|

चीनी का उपयोग
चीनी का उपयोग

एक चम्मच में चीनी को ले लें. और मुंह में डालें फिर इस चीनी को 5 मिनट तक मुंह में रखे| इस चीनी को बिना चबाये ही खाए इसे अपने आप मुंह में घुलने दें फिर इसे एक घुट पानी पीके निगल लें|

जिन लोगो को मधुमेह की बीमारी हैं वो लोग इस उपचार को बिलकुल भी न करें. आपके लिए दुसरे उपचार भी हैं जो आपको नुकसान नहीं करेंगे और आराम से हिचकी भी बंद हो जाएगी.

मूंगफली का मक्खन: हिचकी को बंद करने के लिए मूंगफली के मक्खन का उपचार काफी समय पहले से किया जा रहा हैं| यदि आपके पास मूंगफली का मक्खन मौजूद न हो तो आप बादाम का उपयोग भी कर सकते हैं.

एक चम्मच मूंगफली के मक्खन को मुंह में डालें. इसे कुछ समय के लिए मुंह में ही रखें और फिर बिना चबाये निगल लें. यदि जरुरी हो तो इसके बाद एक ग्लास पानी पी लें. इससे आपको जल्द ही राहत मिलेगी.

सिरका का उपयोग: सिरका हिचकी को दूर भगाने में एक असरदार उपाय है. इसका खट्टा स्वाद दीमाग को डिस्ट्रक्ट करता हैं जिससे हिचकी बंद हो जाती हैं ये उपाय काफी अजमाने वाला उपाय हैं.

हिचकी बंद न हो रही तो क्या करे

आप हिचकी के इलाज के लिए आधा चम्मच सिरका को पानी के साथ निगल लें. यदि आप ऐसे नहीं लें सकते तो आप इसे पानी में घोलकर भी पी सकते हैं इससे भी आपको वही फायदा होगा.

Paper Bag का उपयोग: हिचकी दूर करने के लिए ये तरीका टेस्ट किया गया हैं. आप एक कागज का बैग बनाकर उसमे मुंह डालकर रखे. ऐसा करने से शारीर में कार्बनडाईआक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है. जिससे पेट जल्दी जल्दी साँस को अन्दर और बाहर लें लगता हैं और हिचकी बंद हो जाती हैं.

एक छोटे से कागज का बैग बना लें और उसमे अपने मुंह के चारो तरफ बांध लें जिससे बाहर की हवा अन्दर न आ पाए| अब धीरे धीरे गहरी ब्रेथ लें| और जब तक हिचकियाँ बंद न हो आप इस उपचार को दुबारा से दोहराएँ.

नींबू का उपयोग: नींबू का स्वाद खट्टा होता हैं जो की हिचकी को बीच बीच में रोकने में मदद करता हैं| नींबू का ये खट्टा स्वाद ही irritated nerves को overwhelm करके हिचकी बंद कर देता है.

हिचकी आने के उपचार

आधा चम्मच नींबू के रस बिना पानी के सीधे मुंह में डाल लें. इसका जोरदार खट्टा स्वाद आपको इसे निगलने के लिए मजबूर करेगा, लेकिन कुछ समय के लिए इसे मुंह में ही रखें. इससे तुरंत हिचकी दूर हो जाएँगी.

एक चम्मच नींबू के रस को आधा गिलास पानी में डालकर पी जाएँ. यह पहले उपाय से थोडा कम Effective हैं लेकिन इसका भी फायदा होता है. आप नींबू को आधा काटकर उसमे नमक छिड़क कर चूस भी सकते हैं.

हथेली के अंगूठे का उपयोग: जब आपको हिचकियाँ आ रही हों तब, आप अपनी दाईं हथेली को बाएं हाथ के अंगूठे से दबाएँ, और यही प्रक्रिया दूसरे हाथ से भी करें. आप अपने बाएं अंगूठे की गोलाई को भी दबा सकते हैं. इसके लिए अपने अंगूठे और तर्जनी के बीच इस गोलाई को दबाएँ, इससे आपकी नसों पर प्रभाव पड़ेगा, और इससे होने वाले दर्द से आपका ध्यान बंट जाएगा. और थोड़ी ही देर में आपको हिचकियाँ आना बिलकुल बंद हो जाएंगी.

लोगों की नज़रो से दूर हो जाएँ: जब भी आपको हिचकियाँ आये तो आप अपनी उँगलियों के द्वारा अपने कान अच्छी तरह से बंद कर लें. आप अपने कान के पीछे के हिस्से जो कि खोपड़ी के ठीक नीचे स्थित होते हैं.

लगातार हिचकी आना

इन्हें दबा भी सकते हैं इससे आपको कुछ देर के लिए शांति मिलेगी. जिसका सीधा असर आपके डायाफ्राम पर पड़ेगा कुछ समय के बाद आपको आराम का अनुभव होगा और आपकी हिचकियाँ ठीक हो जाएंगी.

जीभ बाहर निकालकर रखें: अगर आपको हिचकियाँ आ रही हैं, और आप इन्हें जल्दी से जल्दी रोकना चाहते हैं. तो आपके लिए यही सही होगा कि एक बार लोगों की नज़रों से दूर जाकर आप अपनी जीभ कुछ देर बाहर निकालकर रखें. ऐसा कई अभिनेताओं और गायकों द्वारा किया जाता है.

इससे गले के बीच के भाग को आराम मिलता है. और यह अच्छे से खुल जाता है. इससे आप आसानी से सांस ले पाते हैं और इसी प्रक्रिया के फलस्वरूप आपकी हिचकियाँ आनी बिलकुल बंद हो जाती हैं.

हिचकी को रोकने के असरदार उपाय

आपको जब भी हिचकियाँ आने लगे तो आप मूली के 4 ताजे पत्ते को लें लें| और इन्हें खा लें इससे थोड़े समय के लिए हिचकियाँ बंद हो जाएँगी|

आप हिचकी के लिए प्याज़ का उपयोग भी कर सकते हैं. प्याज़ को अच्छे से काट लें और धो लें. फिर इसमें नमक मिलाकर खा लें. आप ऐसा कुछ दिनों तक लगातार करें इससे आपकी हिचकियाँ बंद हो जाएँगी.

सोंठ, पीपल, आंवला और मिसरी सभी वनौषधियां 5-5 ग्राम मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लीजिये. 3 ग्राम चूर्ण शहद के साथ चाटने से हिचकियां आना बंद हो जाती हैं. अतीस 1 ग्राम, पिप्पली चूर्ण 125 मिलीग्राम और मिसरी 500 मिलीग्राम मिलाकर मातुलंग के रस से सेवन करने पर हिचकी विकार ठीक होता है. मातुलुंग रस उपलब्ध न होने पर पानी के साथ सेवन कर सकते हैं.

हिचकी की दवा

काली मिर्च से हिचकी का इलाज आराम से किया जा सकता है. 5 काली मिर्च को अच्छे से जलाकर और पीसकर बार बार सूंघने से हिचकी आना बंद हो जाती हैं ये बहुत ही सरल उपाय है. 400 ग्राम पानी लें और इसमें 4 इलाइची छिलके के साथ अच्छे से उबाल लें, जब पानी आधा हो जाएँ तो उसे उतार लें और इसे छान लें. जब भी आपको हिचकियाँ आये तो आप इसे एक बार में ही पूरा पानी पी लें इससे आपको तुरंत फायदा मिलेगा.

काली मिर्च
काली मिर्च

चन्दन हिचकी के लिए एक कारागार उपाय है. चन्दन को किसी महिला के दूध में घिसकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती हैं. साबुत उड़द दाल को लें और इसे जलते हुए कोयले पर डालें, फिर इसका धुआं को सूंघे इससे आपको हिचकी में राहत मिलेंगी.

1/4 चौथाई चम्मच काला नमक लें. और इसमें नींबू का आधा रस लीजिये. और इसको चम्मच शहद में मिलाकर लेने से तुरन्त हिचकी बंद हो जाती हैं. हिचकी दूर करने के लिए एक उपाय और. आप काला नमक और सेंधा नमक लेकर और खाने में डालने वाला नमक ले लें. इन सब को आपस में मिक्स कर लें, फिर इसे आधे चम्मच गर्म में डाल के सेवन करें.