हिचकी रोकने के घरेलू उपाय – Home Remedies For Hiccups in Hindi

हिचकी रोकने के घरेलू उपाय:– हिचकियाँ हर व्यक्ति को कभी भी और किसी भी वक़्त आ सकती है लेकिन एक लोगो की मानसिकता के अनुसार कुछ लोगों को मानना है कि किसी को कोई व्यक्ति जब याद करता है तो हिचकियाँ आती है लेकिन इसमें कोई भी सच नहीं है बल्कि हिचकी आने कारण कोई और ही है.

जैसे हिचकी आने के कारण, हिचकियाँ असल में डायाफ्राम के द्वारा लगातार आने वाले म्योक्लोनिक झटके होते हैं जिसके कई कारण हो सकते है जैसे आप के द्वारा जल्दी-जल्दी खाना या फिर डायाफ्राम में असहजता एवं ज्यादा टेंशन (व्याकुलता) इत्यादि इसके प्रमुख कारण है.

हिचकी रोकने के उपाय

हिचकी रोकने के घरेलू उपाय कई हैं हिचकी आना कोई रोग नहीं है ये केवल एक आम समस्या है लेकिन इसमें व्यक्ति को काफी परेशानी होती है लेकिन कई सरे हिचकी रोकने के घरेलू उपाय जो आपको हिचकियों से बचा सकते हैं. हिचकियाँ किसी भी वक़्त आ जाती है.

हिचकी रोकने के घरेलू उपाय

और कभी कभी इतनी गंभीर हो जाती हैं  की आप किसी से ठीक से बात भी नहीं कर पाते है और न हीं ठीक से खाना खा पाते और न ही कोई काम ठीक कर पाते  है. तो इस समस्या से छुटकरा पाने के लिए कुछ घरलू उपाय कर सकते है. हिचकी रोकने के घरेलू उपाय में आप सबसे पहले कुछ ऐसी ट्रिक है जो की बेहद ही आसान और सरल है.

जिसमे आप अपनी हथेलिओं को अंगूठे से दबाते है तो भी आपकी हिचकियाँ रुक जाती है इस प्रक्रिया करने के लिए आपको अपनी दाईं हथेली को बाएं हाथ के अंगूठे से दबाएँ और यही प्रक्रिया दूसरे हाथ से भी दोबारा करें और फिर आप अपने बाएं अंगूठे की गोलाई को भी दबायें.

और इसके लिए अपने अंगूठे और तर्जनी के बीच इस गोलाई को दबाएँ रखें और धीरे धीरे एक प्रक्रिया को बार बार करें. ऐसा करने आपको नसों पर असर पड़ेगा और इससे होने वाले दर्द से दूर तो नहीं होगा लेकिन आपका ध्यान दर्द पर से हैट जायेगा.

एवं हिचकियाँ आना रुक जाएंगी. और यदि आपको यह समस्या बहुत सारे लोगों के बीच में आये तो मेज़ के नीचे भी इस प्रक्रिया को कर सकते है जिससे आपको कोई देख ना पाए. और आपकी हिचकियाँ भी रुख जाएँ.यदि आपको बहुत तेज हिचकियाँ आ रही है तो आप को शांत रहना है.

लम्बी-लम्बी सांसें लेना और हो सके तो अपनी सांसों को कुछ देर तक रोक लें यदि ऐसा करते है तो आपके फेफड़े में कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide) से भर जाती हैं और इस प्रक्रिया के फलस्वरूप आपके डायाफ्राम (diaphragm) की समस्या में काफी फायदा मिलता है इससे  आपकी हिचकियाँ भी बंद हो जाती हैं और फिर आप सामान्य तरीके से सांस ले सकते है.

हिचकी रोकने के लिए नींबू और शक्कर

ये सब करने के बाद भी आपकी हिचकियाँ बंद नहीं हो रही है तो आप कुछ देर तक आपकी जीभ को कुछ देर के लिए बाहर निकल कर रखें. जिस आपका अच्छी तरह से खुल जाता है और आपकी आवाज़ भी ठीक तरह से निकलने लगती है. और ऐसा करने आपकी हिचकियाँ भी रुक जाती है.

जब भी आपको हिचकियाँ आएं तो ठन्डे पानी को पीना चाहिए इससे आपके शरीर की प्रणाली को झटका लगेगा और हिचकियाँ भी रूक जाएंगी. एक गिलास में ठंडा पानी लें और इसमें शहद का मिश्रण करें. ऐसा करें से आपकी हिचकियाँ बहुत ही जल्दी रुक जाती है. और यदि पानी पीकर उल्टा लेट जाते है तो भी आपकी हिचकियाँ रुक जाती है.

हिचकी रोकने के लिए नींबू और शक्कर
हिचकी रोकने के लिए नींबू और शक्कर

हिचकियाँ आने पर आप थोड़ी से शक्कर भी खा सकते है या फिर किसी खट्टे फल जैसे नींबू या सिरका का इस्तेमाल कर सकते है जो आपकी हिचकियों को रोक देता है और फिर न असर तो आप कुछ देर तक सांस को रोक लें लेकिन इतनी नहीं की सांस रोकने से फेफड़ों को नुक्सान हो ऐसा करने से डायफ्राम रुक जाता है.

जिससे आपकी हिचकियाँ ख़त्म हो जाएँगी. अगर किसी व्यक्ति को अचानक को डरा देते है या फिर शॉक कर देते है मतलब चौंका देते है तो उसका ध्यान हिचकी से हट जाता है जिससे अचानक साँस रुक जाती है. जिससे आपकी  हिचकियाँ रुक जाती है.