Isabgol Benefits In Hindi

Isabgol: ईसबगोल का एक पौधा होता हैं जो मरुस्थलीय क्षेत्रों में पाया जाता हैं| ईसबगोल भारत में पाया जाता हैं इसे आयुर्वेद में उपयोग किया जाता हैं| आयुर्वेदिक भाषा में इसे अश्वगोल या अश्वकर्ना के नाम से जाना जाता हैं|

Isabgol Benefits In Hindi

ईसबगोल को आमतोर पर घोड़े की तरह कान है नाम से जाना जाता हैं| ये नाम इसे लिए दिया गया हैं क्योकि इसके बीज का आकार घोड़े के कान के सामान हैं| ईसबगोल इसका फ़ारसी नाम हैं ये एक प्रकार की झाडी होती हैं|

जिसके पत्ते धान के पत्तों के सामान डालियाँ पतली होती हैं| डालियों के उपरी सिरे पर गेंहू जैसी बालें लगी होती हैं| जिनके अन्दर बीज होते हैं बीजों का आकार छोटे छोटे नोकाक्रती और बादामी रंग के होते हैं|

ईसबगोल के फायदे

इसके प्रत्येक बीज के ऊपर एक सफ़ेद रंग का पतला आवरण होता हैं| जिसे औषधीय उपयोग के लिए अलग कर लिया जाता हैं और इसी को हम ईसबगोल की भूसी कहते हैं| ये पेट की कब्ज को दूर करने में सहायक होता हैं|

(Isabgol) ईसबगोल के फायदे

कब्ज के लिए उपयोग: जब भी किसी भी व्यक्ति को कब्ज की परेशानी होती हैं| तब वे डॉक्टर के पास जाता हैं लेकिन डॉक्टर भी अपने इलाज करने से पहले पीड़ित व्यक्ति को ईसबगोल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं|

क्योकि इसमें फैबर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता हैं और यह आंतो से पानी को अवशोषित करती हैं| और शारीर में अधिक बल्क बनाती हैं जो आँतों के संकुचन के कार्यो को उत्तेजित करता हैं| जिसके कारण पेट की कब्ज समाप्त हो जाती हैं|

रात जी सोने से पहले एक स्पून ईसबगोल और एक स्पून मिश्री का सेवा करें इससे आपको आराम मिलेंगा|

दस्त के लिए उपयोग: दस्त लगने पर शारीर में पानी की मात्रा अधिक हो जाती हैं| जिसे ईसबगोल पाचन तंत्र से अवशोषित कर लेता हैं| जिससे पानी की अधिकता कम हो जाती हैं और बल्क पानी का उत्पादन करता हैं|

जिससे शारीर में मौजूद मल कड़ा हो जाता हैं और दस्त कम आने लगते हैं| जब हल्के दस्त लगे हो तब आप ईसबगोल का इस्तेमाल कर सकते हैं| लेकिन यदि आपको अधिक दस्त लगे हैं या पेचिश हैं तो आप फ़ौरन चिकित्सक से मिलें|

आप 1 चम्मच ईसबगोल और 1 चम्मच मिश्री पाउडर को लें| और फिर इसमें 50 मिलीमीटर पानी मिला लें और फिर एक तरल पेस्ट तैयार हो जाता हैं आप इसे दिन में 3 बार सेवन में लें|

एसिडिटी के लिए उपयोग: आयुर्वेद का कहना हैं कि ईसबगोल अम्लता और सीने की जलन के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं| जब आपको पेट की परेशानी होती हैं जब आपका भोजन पाईप पारित होती हैं|

तो यह झिल्लीदार दीवारों के लिए लुब्रिकेट का काम करती हैं| यह एसिड को अवशोषित करके पेट से आंतो तक अधिक एसिड को बाहर निकाल देती हैं| इस प्रकार से पेट की एसिडिटी और सीने की जलन के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं|

रक्तचाप के लिए उपयोग: रक्तचाप के उपचार के लिए ईसबगोल बहुत ही लाभदायक होता हैं| ईसबगोल की भूसी (Psyllium) उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करती हैं| उच्च कोलेस्ट्रॉल हाई ब्लड प्रेशर के साथ हुआ हैं|

ईसबगोल के सेवन से रक्तचाप में वर्ध्दी होती हैं| जिससे रक्तचाप सही रहता हैं और कोई परेशानी नहीं होती हैं|

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए: इसके लिए भी Isabgol की भूसी का उपयोग किया जाता हैं| भूसी के उपयोग से ह्रदय रोग का खतरा कम हो जाता हैं Resarch में पाया गया हैं| कि Isabgol Psyllium कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल (LDL), और प्लाज्मा (AIP) के इंडेक्स को कम कर देती हैं|

आप सोने से पहले रात में 5 ग्राम इसबगोल का सेवन करें| इससे आपको कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलेगी और बहुत फायदा भी होगा|

ल्यूकोरिया स्राव को कम करने के लिए उपयोग: ल्यूकोरिया स्राव को कम करने में ईसबगोल की भूसी काफी हद तक लाभकारी होती हैं| ईसबगोल खमीर संक्रमण और अन्य रोगाणुओं के विकास को रोकता हैं|

यदि हल्की सूजन भी हो तो ये उसे कम करने में सहायक होती हैं| और इससे स्राव भी घट जाता हैं और आपको ल्यूकोरिया स्राव से राहत मिल जाती हैं|

त्वचा के सूखेपन के लिए उपयोग: आज के समय में सभी लोग इतने व्यास होते हैं| कि उन्हें खुद के लिए समय ही नहीं होता हैं जिस कारण वे अपने ऊपर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं| कई लोग तो इतने व्यास होते हैं|

कि समय पर पानी भी नहीं पी पाते जिस कारण से उनके शारीर में पानी की कमी हो जाती हैं| और उनकी त्वचा सूखी हो जाती हैं जिसके लिए ईसबगोल फायदेमंद होता हैं| इसके लिए ईसबगोल का पाउडर होता है जिसे मसाज के लिए प्रयोग किया जाता हैं|

सूखी खाँसी के लिए उपयोग: सूखी खाँसी के लिए ईसबगोल को चीनी के साथ मिलाकर लेते हैं| इसे खांसी के लिए बहुत अच्छा उपयोग माना जाता हैं| इससे गले की खराश और शुष्क खांसी को कम करने में मदद मिलती हैं|

स्वप्नदोष के लिए उपयोग: ये दोष ज्यादातर पुरुषो में पाया जाता हैं ये भी सच हैं| कि इनकी कोई उम्र नहीं होती हैं किसी भी उम्र के इन्सान को ये दोष हो सकता हैं इसके लिए आप ईसबगोल  सेवन कर सकते हैं|

इसके लिए आप एक स्पून मिश्री और एक स्पून ईसबगोल की भूसी को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ लिया जाता हैं|

मधुमेह के लिए उपयोग: मधुमेह का रोग लोगों में आम होता हैं| क्योकि ये रोग होना कोई बड़ी बात नहीं हैं| उच्च फाइबर आहार में हमेशा कम ग्लैसेमिक शर्करा के स्तर को कम करता हैं जिससे मधुमेह में राहत मिलती हैं|

वज़न कम करने लिए उपयोग: ईसबगोल का उपयोग सबसे अधिक मोटापे को कम करने लिए किया जाता हैं| इसके ज्यादा परिणाम वज़न कम करने लिए ही देखे गए हैं| क्योकि यह आपके वज़न के हिसाब से 14 गुना पानी सोखती हैं|

ये भी कहा जाता हैं कि मोटापे के लिए इसका उपयोग सही नहीं हैं| इसका सीधा असर आपकी भूख पर पड़ता हैं| लेकिन इसका उपयोग मोटापे से ग्रस्त लोगों में आहार सम्बन्धी फाइबर की आवश्कताओ के मुकाबले के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं|

ईसबगोल से होने वाले नुकसान

  • ईसबगोल का इस्तेमाल रोजाना नियमित रूप से करने पर ये आपको नुकसान करता हैं| नियमित उपयोग से अवांछित प्रभाव पड़ सकते हैं आयुर्वेद ने बताया हैं| कि इसमें भरी गुणवत्ता होती हैं जो शारीर में भारीपन पैदा करती हैं|
  • इसके उपयोग से भूख में कमी हो जाती हैं और पेट में भारीपन महसूस होता हैं|
  • अधिक सेवन से मामूली सूजन, मतली, छाती में जकड़न, खुजली आदि दोष होने लगते हैं|
  • यदि ईसबगोल का उपयोग आप कम पानी के साथ करते हैं| या फिर किसी और अन्य तरल पदार्थ के साथ करते हैं| तो इससे आपको छाती में दर्द, साँस लेने में कठिनाई, उल्टी आदि तकलीफ हो सकती हैं|
  • ईसबगोल अगर किसी को सूट नहीं कर रहा हैं| और किसी व्यक्ति की स्किन पर इससे जलन या खुजली आदि के लक्षण दिखाते हैं तो ये आपको नुकसान कर रही हैं| आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए|
  • बच्चो को इसकी बिलकुल कम मात्रा देना चाहिए| और केवल जरुरत होने पर ही देना चाहिए|
  • यदि आप ईसबगोल का सेवन कर रहे हो तो आपको इसके सेवन के दौरान पानी की प्रयाप्त मात्रा लेना चाहिए न की कम|