पीलिया का इलाज घरेलू उपचार देशी नुस्खों द्वारा

पीलिया का इलाज: पीलिया एक बहुत गंभीर बीमारी है और पीलिया लीवर (यकृत) से सम्बंधित एक बीमारी है. इस रोग में रोगी की आँखे एवं शरीर का रंग पीला पड़ जाता हैं और भी कई तरह के बदलाब शरीर मी आते है जैसे नाखूनों के रंग का पीला होना एवं मूत्र का पीला होना आदि इसमें पीला रंग शरीर में बहुत ज्यादा देखने को मिलता है. पीलिया का रोग दिखने में बहुत साधारण सी बीमारी लगती है, मगर पीलिया का इलाज सही समय पर उपचार नहीं कराया जाता तो ये बहुत भयंकर बीमारी में परिवर्तित हों जाती है जिससे रोगी की जान को तक खतरा हो जाता है. मतलब पीलिया एक जानलेवा बीमारी बन सकती है यदि इसका उपचार ठीक तरह से न कराया जाए.

शरीर में यह रोग खून में पित्त रस (bile) की अधिकता की कारण से होता है. और खून में पित्त रस रबिलरुबिन की मात्रा बढने से होता है. शरीर में पित्त रस का निर्माण हमारे यकृत में होता है जो कि हमारे द्वारा खाये गए भोजन को पचाने और शरीर के पोषण हेतु बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है. भोजन को आंतों में सडने से रोकने का काम भी यही करता है. इसके कारण ही हमारी पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है यदि ऐसा नहीं होता है इसका कारण यह कि आप पीलिया रोग से ग्रसित हो चुके है. इसलिए आप नारियल पानी का अवश्य करें.

पीलिया का इलाज और इसके होने के क्या कारण हैं

पीलिया होने के कई कारण होते है और पीलिया मुख्यता तीन तरह का होता है पहला हेमोलाइटिक जांडिस में खून में से लालरक्त कणिकाओं को मिटा देता है जिसे कारण खून में बिलरूबिन बढ़ता जाता है जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है और पीलिया हो जाता है. और दूसरा कारण ये है की शरीर बिलरूबिन के ड्यूडेनम में खून जाने से रोकता है जिससे पीलिया हो जाता है. तीसरे प्रकार का पीलिया लिवर के सेल्स को जहरीली दवा या विषाणु संक्रमण से नुकसान पहुंचने की वजह से होता है. ये भी पढ़ें- अच्छी और गहरी नींद लाने के उपाय

पीलिया होने के कई लक्षण होते है जैसे शरीर और आँखों के रंग का पीला होना और भी कई लक्षण है जैसे शरीर में अत्यंत कमजोरी आना, बहुत तेज सिरदर्द होना, ज्वर (बुखार) होना, मिचली होना, उल्टियां होना, भूख न लगना, बहुत जल्दी थकावट होना, सख्त कब्ज होना, आंख जीभ त्वचा और मूत्र का रंग पीला होना आदि कई लक्षण है. अवरोधी पीलिया अधिकतर बुजुर्ग लोगों को होता है और इस प्रकार के रोग में त्वचा पर जोरदार खुजली मेहसूस होती है.

पीलिया का घरेलू इलाज – जॉन्डिस ट्रीटमेंट इन हिंदी

रोगी को दिन में कम से कम 2 हरे नारियल का पानी पिलायें, नारियल तुरंत खोल कर तुरंत ही पानी पिलाना है, इसको ज्यादा देर तक रखना नहीं है. एक दिन के बाद ही पेशाब का कलर बदलना शुरू हो जायेगा. ऐसा निरंतर 4-5 दिन करने के बाद आप बिलकुल स्वस्थ अनुभव करेंगे. ऐसे में रोगी को जो भी इंग्लिश दवा दी जा रही हो उसको एक बार बंद कर दी जाए. अगर रोगी कि हालत बहुत सीरियस हो तो उसको इसके साथ में ग्लूकोस दिया जा सकता है. और बाकी पूरा दिन सिर्फ नारियल पानी पर ही रखें. ये प्रयोग अनेक लोगों पर पूर्ण रूप से सफल रहा है. लीवर में होने वाले किसी भी रोग के लिए भी इस प्रयोग को निसंकोच अपनाया जा सकता है. ये भी पढ़ें- स्वादिष्ट नारियल की बर्फी ऐसे बनायेंपीलिया को ठीक करने के कई घरेलू उपाय होते है जिनकी मदद से आप पीलिया को ठीक कर सकते है. सही भोजन और रोजाना व्यायाम पीलिया को दूर करने का आसान और सरल उपाय है. लेकिन स्थिति बेहद खराब होने पर आराम करना चाहिए. और पीलिया को दूर करने का सबसे आसान तरीका यह की आप कुछ तक खाना न खाये केवल संतरा, नींबू, नाशपती, अंगूर, गाजर, चुकंदर, गन्ने का रस पीना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा. ये भी पढ़ें- महिला के किन अंगों को छूने से वो जल्दी उत्तेजित हो जातीं हैं

हरी सब्जियों के सेवन से पीलिया को कैसे दूर भगाएं

पीलिया के मरीज को जितना हो सके उतना पानी पीना चाहिए क्योंकि पानी को अमृत माना जाता है जो की हर मर्ज की दवा है इसलिए आयुर्वेद में पानी को कई रोगों को दूर करने में सहायक होता है. सभी वसायुक्त पदार्थ जैसे घी ,तेल , मक्खन , मलाई कम से कम 25 दिनों तक बिल्कुल न खांए. इसके बाद थौडी मात्रा में मक्खन या जेतून का तैल उपयोग कर सकते हैं लेकिन अपने खाने में हरी सब्जियों और फलों का जूस का इस्तेमाल जितना हो सके करें क्योंकि खानपान ही आपको तंदुरुस्त रखता है. ये भी पढ़ें- गर्भवती होने से कैसे बचें

पित्त भोजन को पचाने और शरीर के पोषण के लिये जरूरी है. यह भोजन को आंतों में सडने से रोकता है. अगर पित्त ठीक ढंग से आंतों में नहीं पहुंचेगा. तो पेट में गैस की शिकायत बढ जाती है और शरीर में जहरीले तत्व एकत्र होने लगते हैं. पीलिया  हो सकता मरीज को मूली के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए. स्वास्थ्य सुधरने पर एक दो किलोमीटर घूमने जाएं और कुछ समय धूप में रहें. अब भोजन ऐसा होना चाहिये जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन सी ,विटामिन ई और विटामिन बी काम्पलेक्स मौजूद हों. पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद भी भोजन के मामले में लापरवाही न बरतें. क्योंकि खानपान ही आपके शरीर को स्वस्थ और ताकतवर बनाता है.

दही खाना पीलिया के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है

यदि आप पीलिया को झट से खत्म करना चाहते हैं तो आंवला आपके लिए बेहद उपयोगी है 50 ग्राम आंवले के रस में दो से तीन मिलीग्राम तुलसी के पत्तों का रस मिला लें. और इसका एक जूस बना लें और इस यूज का सेवन सुबह से काम करने से आपका पीलिया दो से 3 दिन में ही खत्म हो जाएगा. और आपके पेट से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाएंगे. और यदि आप सुबह शाम गन्ने के रस का सेवन करती हैं तो अभी आपका पीलिया पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. और ज्यादा फायदे के लिए आप गन्ने के रस में नींबू के रस को भी मिलाने इससे भी आपको फायदा मिलेगा. और पीलिया होने पर दही का सेवन अवश्य करें क्योंकि पीलिया को नष्ट करने वाले अच्छे बैक्टीरिया दही में मौजूद होते हैं.

दही आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है. तरबूज, केला, अनन्नास, संतरा, मौसंबी आदि फलों का सेवन जरूर करें और जितना हो सके खाना कम खाए. प्याज भी आपके पीलिया को दूर करने में मदद करता है प्याज के रस में नींबू के रस को मिलाकर या फिर प्याज के ऊपर नींबू का रस डालकर इसका सुबह से आम सलाद की तरह सेवन करने से पीलिया के लक्षण बहुत जल्दी हट जाते हैं. धनिया के 10 ग्राम बीज रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उस पानी को छानकर पी लें यह पानी लीवर के सारे टॉक्सिंस को दूर करेगा और पीलिया से छुटकारा दिलाएगा और इसी प्रकार जौ का पानी यानी पारले वाटर भी लीवर को डिटॉक्सीफाई करता है और पीलिया को दूर करता है. मरीज को मूली के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए.