माँ का दूध बढ़ाने के तरीके | क्या खाने से दूध बढ़ता है

माँ का दूध बढ़ाने के उपाय: जब लड़की माँ बनती है तो उसे सबसे अधिक ख़ुशी होती है. और बच्चा जब धरती पर आता है| तो उसे सबसे पहले माँ के दूध की ज़रुरत होती है. जन्म लेने के बाद बच्चे के सही शारीरिक विकास के लिए माँ का दूध बहुत गुणकारी माना गया है.

 

माँ का दूध बढ़ाने के उपाय
Image Source-Google

नयी प्रसूता माँ अपने बच्चे को कैसे दूध पिलायें

दुनियाभर की सभी माताएं अपने बच्चे का पालन पोषण की शुरुआत इसी आहार से करतीं है. और बच्चे को भी जन्म लेने के बाद सबसे पहले उसे माँ के दूध की जरुरत होती है| इसी से उसकी दुनिया से जुड़ाव की पहली शुरुआत होती है. नए जन्म लिए बच्चे को माँ के स्तन से दूध पीना नहीं आता|

उसे थोड़ा सिखाना पड़ता है. धीरज रखते हुए प्रयास करने से बच्चा दूध पीना सीख जाता है| बच्चे को दूध पीना सिखाने का ही तरीका होता है. बच्चे को रुई के छोटे से टुकड़े से या साफ अंगुली से शहद चटाया जाता है| सिर्फ जीभ पर स्वाद मिल जाये इतना सा ही चटाना चाहिए| (माँ के दूध बढ़ाने के उपाय)

इससे उसे चाटने, चूसने और निगलने का तरीका समझ आ जाता है. इसके बाद शिशु माँ के स्तन से दूध आसानी से पी लेता है| लेकिन यदि यंही पर माँ के दूध में रुकावट आ जाये किसी कारण से माँ का दूध न निकले, या कम हो जाये शारीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओ के स्तनों में दूध नहीं उतर पाता है|

Maa Ka Doodh Badhane Ke Upay
Image Source-Google

माँ के स्तनों में दूध कम होने के कारण

गर्भनिरोधक गोलियां सेवन करने से|
अधिक से अधिक दवाइयां लेने के कारण|
बच्चे को दूध कम पिलाने के कारण|
पाकिफिएर का उपयोग करने से|
बच्चे को रात में अधिक दूध पिलाने के कारण|
माँ के तनाव लेने के कारण|

माँ का दूध के काम होने के कारण
Image Source-Google

माँ के बीमार होने के कारण या फिर लम्बे समय से बीमार होने के कारण|
जड़ी-बूटियों के सेवन के कारण|
मादक पदार्थों के सेवन से|

माँ का दूध बढ़ाने के घरेलू नुस्खे

लहसुन का सेवन: लहसुन को खाने से दूध बढ़ता है आप लहसुन को कच्चा न खाए, बल्कि इसे सब्जी में डालकर खाएं लहसुन का नियमित रूप से पीने से माँ के स्तनों में दूध बढ़ने लगता है|

स्तनपान करते समय: जब भी आप बच्चे को दूध पिलाये तो उस समय अपने स्तनों पर दबाव दें, और समय समय पर स्तन को बदलते रहे| ऐसा करने से आपका बच्चा भी आसानी से दूध पी लेता है और इससे आपके दूध में भी बढ़ोतरी होगी|

सौंफ का सेवन: सौंफ को खाने से पेट साफ रहता है और साथ ही दिल भी मजबूत होता है| सौंफ के सेवन से घाव जल्दी भरते है और ये स्तनों में दूध की कमी को भी पूरा करते है, इसलिए आप दूध बढ़ाने के लिए सौंफ का सेवन करें| (माँ का दूध बढ़ाने के उपाय)

तनाव से दूर रहे: जब कोई भी महिला माँ बनती है, तो उस समय माँ को किसी भी प्रकार की कोई भी टेंशन नहीं लेना चाहिए| क्योंकि तनाव लेने से माँ के शरीर पर बहुत बूरा असर पड़ता है| जिस कारण से माँ के स्तनों में दूध की कमी होने लगाती है इसलिए कुछ भी हो तनाव नहीं लेना चाहियें|

माँ के स्तन का दूध बढ़ाने के लिए औषधीय उपचार

सफ़ेद जीरा: सफ़ेद जीरे को अच्छे से पीस ले और फिर चूर्ण बना ले, रोजाना आधा से 2 ग्राम सुबह शाम दूध में डाल कर पिलाने से दूध बढ़ता है| सफ़ेद जीरा, सोंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बारीक़ चूर्ण बना लेना चाहिए, और फिर एक चम्मच की मात्रा में ताजे पानी के साथ प्रतिदिन 3 बार पिलाये|

सफ़ेद जीरा
Image Source-Google

सफ़ेद जीरा, सोंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बारीक़ चूर्ण बना ले, और रोज सुबह शाम हल्के गर्म दूध में मिलाकर पिलाये|

काला जीरा: कालाजीरा को आधे से 2 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह शाम खुराक के रूप में देना चाहिए, इससे माँ के दूध बढ़ता है|

कलोंजी: कलोंजी को लगभग 1 ग्राम की मात्रा में रोजाना सुबह शाम बच्चे को जन्म देने वाली माँ को देना चाहिए इससे गर्भाशय की शुध्दि होती है|

सोफ़: सोंफ 500 ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बनाकर रख ले, फिर इस चूर्ण को पीसी हुई मिश्री में मिलाकर रोजाना सुबह शाम 2 चम्मच की मात्रा में गुनगुने दूध के साथ सेवन करना चाहिए|

मेथी: मेथी के बीजो को बारीक़ पीसकर पेस्ट बनाकर प्रतिदिन सुबह शाम देने से दूध बढाता है| 20 ग्राम मेथी ले और उसे बारीक़ पीसकर चूर्ण बना ले, और फिर 250 मिलीमीटर दूध में अच्छी तरह से पकाए जब दूध लगभग 60 मिलीमीटर यानी चोथाई बच जाएँ तब दूध में मिश्री को डालकर माँ को पिलाये|

केसर: केसर को पीसकर स्तनों पर लेप करने से माँ का दूध बढ़ता है और माँ को राहत भी मिलती है| दर्द नहीं होता और आराम से दूध उतर जाता है ये माँ के लिए सबसे अच्छे होता है| अगर आप लेप नहीं कर सकते तो आप केसर को दूध में मिलाकर माँ को पिला सकते है ये भी फायदेमंद होता है|

केसर
Image Source-Google

कपास: कपास के बीजो को पीसकर सुबह और शाम बच्चे को जन्म देने वाली माँ को पिलाने से दूध की कमी नहीं होती और न ही कोई परेशानी होती है सब ठीक ही रहता है| अब कपास के बीज की गिरी को लगभग 2 से 3 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक़ चूर्ण बनाकर दूध में डालकर खीर बनाकर खाए|

कपूर: यदि किसी माँ को मारा बच्चा होता है या किसी कारण से वे मर जाता है तो उस स्थिति में माँ के आचल में जो दूध होता है| वो दिन प्रतिदिन बढ़ता है और उपयोग न होने से माँ को परेशानी होती है तब कपूर को पानी में घिस कर लेप बना कर स्तनों पर तीन बार लगाने से आराम मिलता है|

गाजर: माँ को बच्चे के समय गाजर के रस का अधिक उपयोग करना चाहिए इससे दूध बढ़ता है| और खून में भी कमी नहीं होती है ये माँ के लिए स्वास्थ्य वर्धक होती है|

चुकंदर: माँ को चुकंदर का रस का रोजाना सेवन करना चाहिए| (माँ का दूध बढ़ाने के उपाय)

मूंगफली: गर्भवती महिलाओ को रोजाना एक मुट्टी भर मूंगफली खाना चाहिए इससे दूध बढ़ता है, और सेहत के लिए भी लाभकारी होता है|

पपीता: पक्का हुआ पपीता खाने से या फिर कच्चे पपीता की सब्जी बनाकर खाने से भी लाभ होता है|

पपीता की सब्जी बनाकर खाने से भी लाभ होता है|
Image Source-Google

मुलहठी: मुलहठी को बारीक़ पीसकर 2 चम्मच मुलहठी का चूर्ण बना कर और 3 चम्मच शतावर का चूर्ण एक कप दूध में उबल ले, और जब दूध आधा बचे तब दूध को उतर कर रख ले और सुबह शाम एक एक कफ दूध के साथ पिए|

चना: यदि माता अपने बच्चे को दूध की नहीं पिला पा रही है और दूध की कमी महसूस करती है| उसे लगभग 50 ग्राम काबुली चने को रात को दूध में भीगा के रख देना चाहिए, और सुबह शाम दूध को छानकर अलग करके गर्म करके पीना चाहिए और चनो को चबा कर खा लेना चाहिए|

इससे सभी परेशानी ख़त्म हो जाती है दूध भी बड जाता है और परेशानी भी नहीं होती है|

दशमूलारिष्ट: 15 से 25 ग्राम दशमूलारिष्ट ले और पानी के साथ खाना खाने के बाद रोजाना खाया करें, इससे गर्भवती महिला के गर्भ की शुध्दी होती है और दूध की भी शुध्दी होती है|

एरण्ड: एरण्ड पाक को 10 ग्राम से 20 ग्राम तक लेके गुनगुने दूध के साथ प्रतिदिन सुबह शाम को पिलाने से माँ के दूध बढ़ता है|

कमल गट्टे: प्रतिदिन कमल गट्टे की खीर बनाकर खिलने से दूध बढ़ता है| (माँ का दूध बढ़ाने के उपाय)

कसेरू: कसेरू के फल और मिश्री को मिलकर शरबत बना ले, और इसी शरबत को रोजाना सुबह शाम सेवन करे इससे माँ के स्तनों में दूध का संक्षर अच्छा होता है|

कलम्बी: करमी की सब्जी रोज बनाये और माँ को खिलाये इससे माँ हल्का महसूस करती है और दूध भी बढ़ता है|

Maa Ka Doodh Badhane Ke Upay
Image Source-Google

गुडरी: गुडरी की सब्जी बनाकर माँ को खिलने से स्तन संबधी बीमारियों से राहत मिलती है, और दूध की होने वाली सभी परेशानी को भी दूर कर देती है|

गर्भवती होने के समय माँ को खाने में क्या खाना चाहिए

गर्भवती होने के समय माँ को दूध पीना चाहिए, हल्का भोजन खाना चाहिए, ज्यादा फलो का सेवन करना चाहिए, पानी को अधिक पीना चाहिए, शारीर में खून की कमी होने से बचने के लिए मछली, अंडे, पालक, सोयाबीन, जामुन खाए और आप चाहे तो चुंकदर का रस भी ले सकती है या खा सकती है, हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करे, आलू चावल ज्यादा ले, आदि चीजो का सेवन करे|

गर्भवती होने के समय माँ को खाने में क्या नहीं खाना चाहिए

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनसे गर्भावस्था के दौरान आपको दूर रहना चाहिए ये आपके शिशु के लिए असुरक्षित साबित हो सकते हैं, जैसेः अपाश्च्युरिकृत दूध (भैंस या गाय का), फफुंदीदार पपड़ी वाली चीज, कच्चा या आधा पक्का मांस, मादक पेय, कैफीन की मात्रा भी कम कर देनी चाहिए|

माँ बनाने के बाद क्या खाना जरुरी है

अंडा: डिलीवरी के बाद महिलाओं को प्रोटीन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है| और अंडा इसका सबसे अच्छा स्त्रोत हैं इससे शरीर को ताकत मिलती है और यह विटामिन डी की कमी को भी दूर करता है|

अंडा
Image Source-Google

ओट्स: ओट्स फाइबर का अच्छा स्त्रोत होने के साथ ही आयरन की जरूरत पूरी करने में भी बहुत उपयोगी है| ओटमील मां को तनाव से भी दूर रखता है|

पालक: पालक आयरन का खजाना है इसके साथ ही ये विटामिन ए का भी अच्छा सोर्स है, आप इसे जूस, सब्जी, सलाद किसी भी तरह से अपनी डाइट में शामिल कर सकती है|

दूध: दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है इसमें विटामिन डी, बी और प्रोटीन होने के साथ ही कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं| इसके साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है|

विटामिन ई: विटामिन ई का प्रमुख स्त्रोत होने के कारण हर नई मां को अपनी डाइट में बादाम इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है| इसमें मिलने वाला ओमेगा 3 मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है|