पथरी का इलाज घरेलू नुस्खों द्वारा

पथरी का इलाज घरेलू नुस्खों द्वारा: पथरी के बारे में आपने हमेशा सुना ही होगा कही बार कही लोगों के मुंह से हम सुनते हैं कि उसको पथरी हो गई है. लेकिन हम ने कभी ये जानने की कोशिश नहीं की ये पथरी हैं क्या और कैसे हो जाती हैं| ज्यादातर लोग पथरी के बारे में जानते हैं तो सिर्फ नाम से परंतु किसी से पूछा जाये तो कोई इसका जबाव नहीं दे सकता.

 पथरी के लक्षण हिंदी में

लोगों में इसी बात को देखकर हम आज पथरी के बारे में जानकारी को लेकर आये हैं| जिसमे आप जानेगे पथरी को पूरी तरह विस्तार से, पथरी की शिकायत जिस भी मानव को होती हैं उसे सबसे ज्यादा दर्द झेलना पड़ता हैं| क्योकि पथरी में और कोई परेशानी नहीं होती सिर्फ दर्द के केवल दर्द ही होता हैं|

पथरी का इलाज आसान घरलू नुस्खों से

पथरी में जो दर्द होता हैं उसे सहना आसान नहीं होता हैं इसका दर्द बहुत ही असहनीय होता हैं| पथरी आमतौर पर पेट में ज्यादा होती हैं इसलिए इसे पेट के गंभीर रोगों में से एक माना जाता हैं| डॉक्टर के पास पथरी के इलाज के लिए केवल ओपरेशन होता हैं या फिर पथरी शुरूआती हो तो फिर दवा भी काम कर जाती हैं| पथरी का इलाज बिना किसी ओप्रेसन के किया जा सकता है.

हम जो भी खाते पीते हैं और हमारे खाने में कुछ ऐसे हानिकारक पदार्थ भी शामिल होते हैं| जो पेट में ही रह जाते हैं और धीरे धीरे इक्कठा होकर पथरी का रूप लें लेते हैं| आप चाहे तो पथरी का इलाज डॉक्टर से भी करा सकते हैं लेकिन जब यदि आपके पास उससे भी अच्छा उपाय हो तो आप डॉक्टर के पास क्यों जायेंगे|

पथरी के प्रकार

कैल्शियम स्टोन – Calcium Stone कैल्शियम स्टोन किडनी का सबसे आम प्रकार हैं| कम ओक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने से इस प्रकार के स्टोन का विकास होता हैं जिससे ये पथरी होने का खतरा होता हैं|

यूरिक एसिड स्टोन Uric Acid Stone इस प्रकार की पथरी पुरुषो में अधिक होती हैं या गाउट की समस्या से पीड़ित लोग या कीमोथेरेपी से गुजर रहे लोगो में अधिक होती हैं| इस प्रकार की पथरी तब होती हैं जब मूत्र में एसिड की मात्रा बहुत अधिक हो जाती हैं|

पथरी के प्रकार
पथरी के प्रकार

स्ट्रावाइट् स्टोन Struvite Stone इस प्रकार की पथरी ज्यादातर महिलाओ में होती हैं| इसमें स्टोन बड़े हो जाते हैं और मूत्र में बाधा पैदा करते हैं ये स्टोन गुर्दे को भी संक्रमण करते हैं|

सिस्टीन स्टोन Cystine Stone इस प्रकार की पथरी बहुत ही कम लोगों में होती है ये केवल उन महिला व पुरुषो में होती हैं| जिनमे अनुवांशिक विकार सिस्टीनुरीया होता हैं इस प्रकार की पथरी में एक एसिड हो शारीर में स्वभावीक रूप से होता हैं उसका रिसाव किडनी से मूत्र में होता हैं| लेकिन पथरी का इलाज का इलाज संभव है|

पथरी होने के कारण

  • अनुवांशिकता विकार होने के कारण
  • मूत्र में आई रुकावट को अनदेखा करने के कारण
  • पेट दर्द होने के कारण
  • पेट का लम्बे समय तक ठीक से साफ न रहने के कारण
  • आपके रहने की जगहों के कारण भी पथरी हो जाती हैं
  • खाने में ऐसे पदार्थो का सेवन करने से हो हानिकारक होते हैं
  • कैल्शियम वाली दवाओ के अधिक सेवन से
  • आपके शारीर में विटामिन ए और विटामिन डी की मात्रा अधिक होने के कारण
  • बहुत अधिक समय तक बीमार होने के कारण

पथरी के लक्षण

बहुत अधिक दर्द होना इतना की सेहन करना ही मुश्किल हो जाता हो
पेशाब करते समय दर्द होना
मूत्र में धुंधलापन होना
मूत्र से असामान्य गंध आना
सामान्य से अधिक बार पेशाब करने की इक्छा होना
मतली या उल्टी होना
ठण्ड अधिक लगना
बुखार का होना
इतना अधिक दर्द होना की आप आराम से बैठ न सके, खड़े न हो सके
मूत्र में रक्त का आना
पेशाब करने में कठिनाई होना
जब गुर्दे में पथरी होती हैं तो दर्द रुक-रुक के होता हैं| जैसे 10 मिनट के लिए दर्द का होना और फिर अचानक व धीरे-धीरे दर्द गायब होने लगता हैं
पथरी के कारण कमर में दर्द होता हैं
कभी कभार यह पेशाब भूरी गुलाबी और लाल रंग में भी आती हैं

गुर्दे की पथरी का घरेलू उपचार

नींबू और जैतून के तेल का सेवन: नींबू और जैतून के तेल का उपयोग खास कर पित्ताशय में किया जाता हैं| और इसका उपयोग पथरी के इलाज में भी किया जाता हैं| इससे पथरी का इलाज करने में बहुत अधिक लाभ मिलता हैं|

पथरी को निकालने के लिए ये उपाय बहुत असरकारी होता हैं| पथरी में जो पत्थर जम जाते हैं उन पत्थरो को जल्दी ख़त्म करने में ये लाभकारी होता हैं| पथरी का इलाज घरेलू तरीकों से किया जा सकता है.

एक चम्मच ताजा नींबू का रस लें, और फिर इसमें एक चम्मच जैतून का तेल लें, और फिर इनमे पानी को मिला लें और अच्छे में मिक्स करें| इसका उपयोग आप लगातार तीन दिन तक नियमित रूप से करें|

आप इसे दिन में 2 से 3 बार करे अगर यह नुस्खा 4 से 5 दिन में पथरी को बाहर निकालना शुरू कर देता हैं लेकिन यदि आपको ज्यादा बड़ी पथरी हैं तो आप ये उपाय ना करें क्योकि ये आपके लिए नहीं हैं|

गेंहू की घास के रस का सेवन: जैसा की हम जानते हैं कि गेंहू किस प्रकार हमारे लिए लाभदायक होते हैं| उसी प्रकार पथरी के इलाज में भी गेंहू की घास लाभकारी होती हैं| इस घास में Magnesium, Potassium, Iron, Amino acids, Chlorophyll और Vitamins B भी पाया जाता हैं|

ये सारे तत्व निरोगी जीवन और पथरी, पेट से सम्बंधित रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं| रोजाना 1 गिलास गेंहू की घास का जूस पिए ये पथरी के लिए लाभकारी होता हैं यदि आप इसे ऐसे नहीं ले सकते तो आप इसे तुलसी के पत्ते के साथ भी ले सकते हैं|

Kidney Beans का सेवन: Kidney beans को पथरी के इलाज का घरेलु उपाय में बहुत ही प्रसिध्द माना जाता हैं| इसके अन्दर से बीज को निकल लेते हैं फिर इन्हें गर्म पानी में डाल देते हैं|

फिर इस पानी को धीमी आंच में आग पर तब तक उबाले जब तक यह beans मुलायम न हो जाएँ| इन beans को मुलायम होने में लगभग 3 से 5 घंटे का समय लगता हैं|

अब जब आप इन Kidney beans को दबायेंगे तो इन में से रस निकलता हैं| जिसे आप रोजाना सेवन करें पर इस बात का ध्यान रहे कि रस 24 घंटे से अधिक समय का न हो| आप हर रोज ताजे रस का ही सेवन करें|

सेब के रस का सेवन: सेब का रस पथरी के पत्थरो को निकालने में लाभकारी होता हैं| क्योकि इसमें Alkalinizing Effects होते हैं जो की खून और पेशाब पर सकारत्मक असर करता हैं|

पथरी का देसी इलाज

आप दो बड़ी चम्मच Organic apple cider vinegar लें, फिर इसमें एक छोटी चम्मच शहद मिला लें और अच्छे से मिक्स करें| फिर इस कप गर्म पानी लें लें और इनको आपस में मिक्स कर लें| आप इसका उपयोग दिन में 2 से 3 बार करें|

अनार का सेवन: अनार में Astringent Properties पाया जाता हैं जो कि किडनी स्टोन को कम करने में मदद करता हैं| आपको रोजाना एक या दो ताजा अनार खाना चाहिए| रोजाना अनार खाने की आदत को आप डाल लें या फिर जूस पिए|

आप चाहे तो अनार को रोजाना खाने में सलाद के साथ मिक्स करके भी खा सकते हैं| आप चाहे तो इस एक और उपाय को कर सकते हैं| एक चम्मच अनार के दाने लें और फिर इन्ही मिक्सी में अच्छे से पीसकर पेस्ट बना लें| फिर इस पेस्ट को आप रोजाना Horse gram soup के साथ सेवन करें|

तुलसी के पत्तो का सेवन: तुलसी के पौधे के बारे में तो हम सब जानते ही हैं| तुलसी का पौधा हर प्रकार के रोग में काम आता हैं और ये पौधा पथरी के इलाज के लिए भी लाभकारी होता हैं|

एक चम्मच तुलसी के पत्तो का जूस लें, फिर इसमें एक चम्मच शहद मिला लें, और दोनों को अच्छे से मिक्स कर लें रोजाना नियम से इस नुस्खे का उपयोग करें| इसके साथ ही रोजाना तुलसी के पत्तों को चबाने की आदत भी बनाये|

तुलसी के पत्तों की चाय का सेवन: जैसे की पथरी के इलाज में तुलसी लाभकारी हैं. वैसे ही तुलसी के पत्तों की चाय भी पथरी के लिए लाभकारी होती हैं| 5 से 6 तुलसी के पत्तों को लें और अब इन्हें एक कप गर्म पानी में अच्छे से उबाले.

उबाल जाने के बाद इसमें एक चम्मच शहद को मिला लें और अच्छे से मिक्स कर लें| फिर ठंडी होने के लिए रख दें और जब ये तुलसी के पत्तों की चाय ठंडी हो जाये तो आप चाय को पी लें.

तरबूज का सेवन: तरबूज से गुर्दे की पथरी का इलाज किया जा सकता हैं| ये बात तो सब जानते हैं कि तरबूज में 75% से भी अधिक पानी पाया जाता हैं| और इसमें कुछ ऐसे पदार्थ भी होते हैं.

जो किडनी को मजबूत बनाते हैं साथ ही गुर्दे की पथरी होने वाले पदार्थों को भी कम करते हैं. आप रोज जितने अधिक तरबूज का सेवन करेंगे उतना ही अधिक आपको फायदा भी होगा इसे खाने से पानी की मात्रा पूर्ण रहेगी.

तरबूज में बहुत अधिक मात्रा में पानी पाया जाता हैं इसलिए आप इसे जितना अधिक खाओगे आपको पेशाब भी उतनी ही अधिक लगेगी और आप फिर इससे आपकी पथरी पिघलने लगेगी और पेशाब के रूप में बाहर निकलेगी|

अजवाइन का सेवन: अजवाइन आमतौर पर सभी के घरो में पाई जाती हैं.अजवाइन में Anti-spasmodic Properties होती हैं| जो कि पथरी में होने वाले दर्द को कम करने में सहायक होती हैं. दर्द कम करने के साथ-साथ ये पथरी बनाने वाले पदार्थ को भी ख़त्म करता हैं.

अजवाइन के सेवन से पेशाब भी अधिक आती हैं जिससे पथरी में दौगुना लाभ होता हैं| आप रोजाना नियमित रूप से एक ग्लास अजवाइन के जूस का सेवन करें आप चाहे तो अजवाइन की चाय भी बना के लें सकते हैं|

करेला का सेवन: करेले में Magnessium और Phophorus नामक तत्व होता हैं| पथरी बनने से रोकता हैं और बनी हुई पथरी को मिटाने में मदद करता हैं| और साथ ही साथ शारीर में खून को साफ भी करता हैं|

आप इसका जूस निकाल कर जूस को भी पी सकते हैं| रोजाना एक ग्लास और एक कप करेले के जूस का सेवन करें आप चाहे तो करेले की सभी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं ये भी फायदेमंद हैं|

केले का सेवन: जब आपको पथरी हैं तो आपको केले का सेवन करना बहुत अधिक लाभाकरी हो जाता हैं| क्योंकि केले में Vitamin B6 होता हैं यह पथरी बनाने वाले क्रिस्टल को पथरी बनाने से रोकता हैं|

और यदि पथरी पहले से ही हैं तो उसे तोड़ने में मददगार होता हैं| गुर्दे की पथरी को मिटाने के लिए हमें 100 से 150 मिलीग्राम  Vitamin B6 की जरुरत होती हैं इसके लिए आप सुबह, दोपहर और शाम को केले का सेवन करें|

प्याज़ का सेवन: अभी अभी कुछ समय पहले ही एक शोध किया गया हैं| जिसके अनुसार प्याज गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए बहुत फायदेमंद हैं| अगर आप रोजाना सुबह उठकर खाली पेट 70 ग्राम प्याज के जूस का सेवन करें|

पथरी के दर्द से राहत

पथरी के लिए आप नारियल पानी का सेवन करें यह भी एक तरल पदार्थ हैं. और इसमें पथरी को दूर करने वाले गुण भी पाए जाते हैं.
आंवले के चूर्ण को मूली के साथ रोजाना सुबह के समय खाए. आंवला पेशाब करने ने लाभकारी होता हैं.

पथरी के लिए जरुरी हैं कि हमारा पाचन तंत्र सही और मजबूत हो| यदि पाचन तंत्र नहीं नहीं हुआ तो हम जो भी खाते हैं वो पच नहीं पाता| और पथरी होने का खतरा बन जाता हैं|

पथरी का इलाज के लिए क्या खाना चाहिए

  • आप फल और सब्जियों का सेवन अधिक करें.
  • गेंहू और चावल का सेवन भी करें.
  • फलो में आम, अंगूर, पपीता, खीर, नारियल, नाशपाती, अनानास, सेब, ककड़ी, गाजर आदि का सेवन करें.
  • पथरी में आलू इलायची तथा गन्ना को चूसने से होता हैं फायदा.
  • पानी को गर्म करके थोड़ी थोड़ी मात्रा में दिन भर पीना चाहिए.

पथरी का इलाज करने के लिए खाने में क्या नहीं खाना चाहिए

पथरी में देर में पचने वाली चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए. कोल्डड्रिंक, मांस, मंच्छी का सेवन ना करें. दूध, पनीर, सोया पनीर, सोया दही, फ़ास्ट फ़ूड, रेस्टोरेंट फ़ूड आदि का सेवन नहीं करना चाहिए.

एल्कोहोलिक पदार्थों में प्यूरीन पाया जाता है, जो किडनी स्टोन के निर्माण में सहयोगी बनता है, इसलिए इस समस्या में शराब का सेवन भी ठीक नहीं हैं. तला-भुना भोजन से हमें न केवल किडनी के संदर्भ में, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ज्यादा-से-ज्यादा दूर ही रहना चाहिए.

पथरी के मरीज इन बातों का भी रखे ख्याल

बिस्तर पर पूर्ण आराम करें आराम में कोई भी कमी ना रखें. दर्द की जगह पर गर्म सिकाई करें. शरीर को उस अवस्था में रखें, जिसमें दर्द से आराम मिलता हो. योगासन में हलासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवन मुक्तासन करें.

पेशाब के वेग को न रोकें. अपनी मर्जी से दर्द निवारक एलोपैथिक दवाएं सेवन न करें. यदि आप व्यायाम करते हैं और इसका शोक रखते हैं| तो आप कुछ दिनों के लिए व्यायाम को ना करें| पथरी होने पर व्यायाम करने से आपको नुकसान हो सकता हैं.