पेट के कीड़े होने के लक्षण और इलाज – Pet Ke Keede Hone Lakshan Or Ilaj

पेट के कीड़े का इलाज :- कभी कभी लोगों के पेट बहुत तेज दर्द होता है, और इसके कुछ न कुछ दुष्परिणाम भी होते है. और ये दर्द पेट की गैस से नहीं होता है. बल्कि हो सकता है कि आपके पेट में कीड़े पद गए हो. कीड़े यदि शरीर में कही भी हो जाते है तो वह रोग का कारण भी बन सकते है और ये ऊतकों में अंग में या फिर खून में हो सकते है. और ये शरीर में बहुत तेजी से फैलते है. और इसके क्या कारण है. मतलब पेट में कीड़े पड़ने के क्या कारण है? पहले आपको बता दे कि पेट में कीड़ा कैसे विकसित होता है परजीवी या कीड़े कीश्रेणी में गोल, फीता कृमि इत्यादि शामिल है. ये परजीवी किसी भी आकार का हो सकता है और कई प्रकार की समस्या उत्पन्न कर सकते हैं. पेट के कीड़े का इलाज का बहुत ही आसान है.

पेट के कीड़े का इलाज

पेट में कीड़े होने के लक्षण कई सारे है जिनमे से ज्यादातर कब्ज़ की शिकायत होना, खाना खाने के बाद उसे ठीक से न पचा पाना, बार बार दस्त लगना, मल में बलगम तथा खून आना, खाना खाने के तुरन्त बाद मल का आ जाना, पेट में दर्द तथा जलन, गैस और सूजन का अनुभव, बहुत जल्दी थकान होना, बवासीर का हो जाना, त्वचा रोग और एलर्जी, अत्यधिक कमजोरी ये सभी कारण है जिनके द्वारा आप पता लगा सकते है कि आपके पेट में कीड़े है या नहीं.

पेट में कीड़े होने के कारण 

कुछ कीड़े लाल रक्त कोशिकाओं को अपना आहार बनाकर एनीमिया का शिकार बना देता है. शेष कीड़े आपके भोजन का उपभोग करते है. ये आपको भूखा रखते हुए और इसके कारण आपका वजन भी बढ़ने से रुख जाता है .पेट के कीड़े से खुजली, चिड़चिड़ापन, और यहां तक कि अनिद्रा की समस्या का भी सामना करना पड़ता है.ज्यादातर कीड़े हमारे शरीर की त्वचा में खुजली पैदा करते है. जिसके कारण शरीर में बहुत तेजी से खुजली होती है.

और जिससे इसंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है. जब ऊतकों को इन परजीवियों से सूजन होता है, तब श्वेत रक्तकोशिका शरीर की सुरक्षा करना प्रारंभ करती है. और इसी के कारण त्वचा पर निशान बन जाते है शरीर में हर हिस्से में पिम्पल्स हो जाती है. और किले मुंहासे जैसे कई रोग हो जाते है और इसके कारण आपके बाल में डेंड्रफ हो जाता है और त्वचा शुष्क पड़ जाती है.

लेकिन कुछ जीव परजीवी के रूप में रहकर आतों क़ी श्लेष्मा झिल्ली को नुकसान पहुंचाते हैं. आयुर्वेद में भी इन कृमियों के इलाज के लिए कुछ नुस्खे बताये गए हैं. जो इन्हें खींच कर बाहर निकालते हैं तथा इनकी प्रकृति से उलट होने के कारण इन्हें जीने के विपरीत वातावरण बना देते हैं. इसके अलावा यदि इनके उत्पन्न होने वाले कारणों को छोड़ दिया जाए तो ये फिर कभी नहीं पनपते हैं. आयुर्वेद में उपाय है जिनके द्वारा इन कीड़ों को मार सकते है.

पेट में कीड़े होने के लक्षण

और पेट में कीड़े और भी कुछ लक्षण है. जो शरीर में इस तरह की परेशानियां और समस्याएं हो जाती है.पेट के कीड़े का इलाज का बहुत ही आसान है. त्वचा के नीचे सनसनी रेंगना, दानेदार घाव, धीरे सजगता, निद्रा संबंधी परेशानियां, नींद के दौरान दांत पीसना, वजन और भूख समस्या, मांसपेशियों और जोड़ों की शिकायत, रक्त विकार, यौन और प्रजनन समस्या, सांस लेते समय मुसीबत होती है. इन कीड़ों से बचने के लिए कुछ मेडिकल परीक्षण और बेहत इलाज की जरुरत होती है और इनका परीक्षण करते समय परम्परागत अंडाणु और परजीवी स्टूल टेस्ट किया जाता है जो कि सबसे महत्त्वपूर्ण है.

परम्परागत मल परीक्षण आपके मल में परजीवी या परजीवी अंडे पहचान सकता है. इस परीक्षण की अभी भी कुछ सीमाएं है. इस परीक्षण में तीन अलग-अलग मल के नमूने की जाँच अति आवश्यक है। सभी नमूनों को सूक्ष्मदर्शी से जाँच के लिए चिकित्सक के पास भेजा जाना चाहिए. परजीवियों का एक बहुत ही अनोखा जीवन चक्र होता है जो उन्हें निष्क्रिय चीजों में भी जिंदा रखता है. इस पारंपरिक परीक्षण में उन्हें पहचानने के लिए, परजीवी जीवित होना चाहिए, ताकि चिकित्सक कीड़े से बचने के लिए उचित दवा दे सके. पेट के कीड़े का इलाज बहुत ही सरल है.

कीड़े को मारने के उपाय और उन्हें रोकने के उपाय करने के लिए आपको रोज़ाना कद्दू के बीजों को अंजीर और तिल के बीज के एक साथ मिलाकर दिन में कम से कम दो से तीन बार इसका इस्तेमाल करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते है. और जितना हो सके उबला हुआ या फिर सील पैक या बोतल बंद मिनरल वाटर को पीएं क्योंकि पानी के द्वारा भी पेट में कीड़े प्रवेश कर सकते है. और परजीवी का विनाश करने के लिए अनानास का सेवन करें और रोज़ाना एक अनानास को खाएं ऐसा करने से पेट से जुडी समस्याएं भी दूर हो जाती है. चीनी, वसा, मांस, चिकन, भेड़ और सुअर का मांस उत्पादों को बिलकुल न खाएं क्योंकि इनके मांस में भी कीड़े हो सकते है जोकि सीधे ही आपके पेट में आ जाते है. पेट के कीड़े का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जा सकता है. पेट के कीड़े का इलाज आसान है. भोजन के 30 मिनट पहले या बाद कुछ मात्रा में पपीता खाएं. और सबसे ख़ास बात इस समय अंतरंग संबंध बनाने से बचें क्योंकि ये औरों के शरीर में भी फ़ैल जायेंगे. अंडरवियर, बिस्तर और तौलिये को प्रत्येक उपयोग के बादगर्म पानी में धो लें.परजीवी विरोधी खाद्य पदार्थ जैसे कि सरसों के बीज खाएं, बार बार हाथ धोएं, इस समस्या के दौरान कॉफी, शराब से बचें. अदरक पेट के कीड़े को मारने का प्राकृतिक स्त्रोत है. अदरक छोटे टुकड़ों में काट कर शहद के साथ मिला ले तथा कुछ मात्रा में काला नमक डालें. इससे बने घोल को दिन में कम से कम तीन बार मरीज को दे. पेट के कीड़े का इलाज बहुत ही सरल है.

पेट के कीड़े का इलाज करने के लिए करें कुछ परहेज 

और जब पेट में कीड़े पड़ जाएँ तो आपको कुछ खाने की चीजों से परहेज करना चाहिए और कुछ फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए जैसी चुकंदर, लहसुन, भिंडी, मटर, मूली, मीठे आलू, टमाटर, शलजम  आदि और फलो में आपको कुछ फल जैसी केले, जामुन, चेरी, अंगूर, कीवी फल, नींबू, तरबूज, संतरा, पपीता, अनानास, आलू बुखारा, अनार की छाल एवं उसकी पत्तियों को खाना चाहिए ये आपके के लिए सबसे बेहतर होगा. औषधीय जड़ी बूटी में एंजेलिका, राख लौकी बीज, सुपारी, काले अखरोट हल्स, झूठी गेंडा, गोल्डन सील जड़ तथा अजवाइन का उपयोग करें. पेट के कीड़े का इलाज करने के लिए परहेज करना बहुत ही जरूरी है.