Sar Dard Ka Ilaj

Sar Dard Ka Ilaj: सिर का दर्द होना आम बात है क्योकि आमतौर पर सिर दर्द ही अधिक होता है. लोगो में सिर दर्द नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी हुई समस्या है. जब कभी हम अगर सुबह-सुबह उठाते है तो देखते है. कि उठाने के साथ ही सिर दर्द होना शिरू हो चूका है इसका मतलब है पूरा दिन बर्बाद हो जाना.
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सिर दर्द एक बहुत सामान्य समस्या है पर कई बार ये इतना तेज होता है कि बर्दाश्त कर पाना मुश्‍क‍िल हो जाता है. इतना ही नहीं बल्कि इसके लिए बाजार में कही सारी दवाइयां भी उपलब्ध होती है. जो कुछ समय के लिए सिर दर्द में राहत मिल जाती है.(Sar Dard Ka Ilaj)
लेकिन ये दवाइयां बाद में बहुत अधिक नुकसान करती है इसलिए इन्हें लेना सही नहीं है. इनके सेवन से हमें कई और बिमारियों का भी कारण बन सकता है अगर आप चाहे तो आप कई घरेलू उपचारों को कर सकते है. और अपने सिर दर्द की परेशानी से राहत पा सकते है.

सिर दर्द के प्रकार

ऐसा तो हो ही नहीं सकता की सभी का सिर एक सामान ही दर्द हो आज के समय में कही बीमारियाँ चल रही है. जिस कारण से एक ही बीमारी कही प्रकार की होती है तो आइये जाने सिर दर्द के प्रकार.

प्राथमिक सिरदर्द 

  • तनाव से सिरदर्द: तनाव सिरदर्द का सबसे बड़ा कारण है क्योकि हम कुछ भी सोचते है समझते है. तो सिर से ही हमारे सरे काम होते है तनाव के कारण होने वाले सिरदर्द लम्बे समय तक रहते है. और सबसे बड़ी समझया रहती है की ये कभी भी कही पर दर्द होने लगता है.
  • माइग्रेन: माइग्रेन ऐसा सिरदर्द है जो कि दिमाग में खून का थक्का जम जाने की वजह से उठता है. इसके एक बार हो जाने से ये कुछ घंटो से लेकर 2-3 दिनों तक रहते है.
  • क्लस्टर: इसमें आमतौर पर 15 मिनट से लेकर 3 घंटे तक सिरदर्द होता है इसमें सिरदर्द अचानक से होता है. और लगभग दिन में 6-8 बार होता है ऐसा सप्ताह या महीने भर भी हो सकता है.

मध्यम सिरदर्द:

इस सिरदर्द में सिर की नाशो में तेज दर्द होना और आमतौर पर ही दर्द का रहना सिरदर्द के लक्षण हो सकते है. इसमें संवेदनशील नशे होती है जो प्रभावित हो जाती है जिस कारण से ये दर्द उत्पन्न होता है. इसमें कुछ लक्षणों को देखा जा सकता है जैसे- रात के समय दांतों को पीसना, दर्द की दवओयों का अधिक सेवन करना आदि.

सिरदर्द होने के कारण

  • सिर में उपस्थित दर्द-संवेदी ढ़ांचो में जलन या चोट लगने से.
  • तनाव के कारन सिरदर्द होना.
  • शराब के सेवन से.
  • दीमाग में खून का थक्के के जमने से.
  • दीमाग या फिर उसके चारों और रक्त के रिसाव से.

सिरदर्द के घरेलु उपचार

एक्यूप्रेशर के द्वारा: सिरदर्द से राहत पाने के लिए लोग एक्यूप्रेशर का उपयोग करते है. इसके लिए आप हथेलियों को सामने ले आइए. इसके बाद एक हाथ से दूसरे हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच की जगह पर हल्के हाथ से मसाज कीजिए. ये प्रक्रिया दोनों हाथों में दो से चार मिनट तक दोहराइए.

पानी का सेवन: आप रोजाना कुछ कुछ समय के बाद थोडा थोडा पानी पीते रहे इससे आपके शारीर में पानी की कमी पूरी हो जाएगी. और आपके शारीर में हाईड्रेटेड की कमी पूर्ण हो जाये हो आपकी सिरदर्द की हर समस्या से राहत मिल जाएगी.

सेब पर नमक डालकर खाने से: अगर बहुत कोशिश के बाद भी आपका सिर दर्द हो ही रहा है और जाने का नाम नहीं ले रहा है तो एक सेब काट लें और उस पर नमक डालकर खाएं. सिर दर्द में राहत पाने के लिए ये एक बहुत कारगर उपाय है.

लौंग के द्वारा: कुछ लौंग की कलियों को लें और तवे पर लौंग की कुछ कलियों को गर्म कर लीजिए. इन गर्म हो चुकी लौंग की कलियों को एक रूमाल में बांध लीजिए. कुछ-कुछ देर पर इस पोटली को सूंघते रहिए. आप पाएंगे कि सिर का दर्द कम हो गया है.

तुलसी की पत्त‍ियों द्वारा: आपने देखा होगा कि लोग अक्सर सिरदर्द होने पर चाय या काफी का सेवन करते है. लेकिन आपने कभी सोचा है कि ये लोग ऐसा क्यों करते है क्योकि चायपत्ती में तुलसी की पत्तियां होती है. जिनका सेवन करने से सिरदर्द में राहत मिलती है और ये सिरदर्द के उपाय के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है.

Sirdard Ke Gharelu Ilaj

अदरक: अदरक, सिर की ब्लड वेसल्स में इन्फ्लामेशन को कम करके सिरदर्द में राहत प्रदान करता है. अदरक के रस और निम्बू के रस को बराबर मात्रा में मिला लें फिर इसे दिन में दो बार सेवन करें. या फिर, आप चाहे तो सूखे अदरक का पाउडर जिसे सोंठ भी कहा जाता है.

इसमें पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और अब इस पेस्ट को अपने माथे पर लगायें. आप अदरक के पाउडर को गर्म पानी में डालकर इसकी वाष्प भी ले सकते हैं अदरक से बनी कैंडी को चूसकर खाएं.

पुदीना: पुदीना में मेंथोल और मेंथोन नामक प्राथमिक घटक पाए जाते हैं जो सिरदर्द को दूर करने में काफी फायदेमंद होते हैं. पुदीना की पत्तियों का जूस निकालकर अपने माथे पर लगायें या फॉर एक चम्मच जैतून के तेल में दो बूंदे पुदीना के तेल की डालकर अपने माथे की मालिश करें.

रोजमेरी (मेहंदी): रोजमेरी आयल में रोजमेरिनिक एसिड (Romanticism Acid) पाई जाती है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो सिरदर्द को ठीक करने में मदद करती हैं। रोजमेरी आयल की कुछ बूंदों को अपने माथे पर लगाकर मालिश करें।

हर्बल टी बनाकर सेवन करें हर्बल टी बनाने के लिए एक कप उबलते पानी में एक चम्मच पिसी रोजमेरी की पत्तियां डालें. उबलते समय इसे ठक कर रखें और फर 10 मिनट के लिए ठंडा होने दें इस टी का सेवन दिन में दो-तीन बार करें.

आइस पैक: बर्फ या आइस का ठंडापन, सिर के इन्फ्लामेशन को कम करने सिरदर्द में राहत देता है. साथ ही यह दर्द वाली जगह को सुन्न कर देता है.

जिससे दर्द की अनुभूति नहीं होती अपनी गर्दन के पीछे आइस पैक लगाने से माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है. बर्फ डाले ठन्डे पानी में एक कपड़ा भिगोकर सिर पर पांच मिनट के लिए रखें इसे चार-पांच दोहराएँ.

लैवेंडर आयल: लैवेंडर आयल की सुखदायक गंध को सिर्फ सूंघने भर से ही टेंशन से पैदा होने वाले सिरदर्द में काफी राहत मिलती है. कई शोधों से यह पता चला है कि यह माइग्रेन को कम करने में भी मदद करता है. लैवेंडर आयल की कुछ बूंदों को एक कपड़े पर डालकर सूंघें.

आप दो कप उबलते पानी में दो बूंदे लैवेंडर आयल की डालकर वाष्प भी ले सकते हैं या फिर, एक चम्मच बादाम के तेल या जैतून के तेल में दो तीन बूंदें लैवेंडर आयल की डालकर माथे पर मालिश करें. इससे आपको काफी राहत मिलेगी.