टीबी रोग के लक्षण – TB (Tuberculosis) Rog ke Lakshan In Hindi

टीबी रोग के लक्षण – आजकल Enviroment बहुत ही ज्यादा Polluted हो चूका है और आजकल जितनी तेज़ी से Techology हमारी ज़िंदगी में जगह बनाती जा रही है. उतनी ही तेज़ी से लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं. टीबी को एक बहुत गंभीर बीमारी माना जाता है. और टीबी का पूरा नाम Tuberculosis है और ये सबसे ज्यादा भारत में होती है और भारत में हर साल लगभग 4 लाख लोग टीबी रोग से मृत्यु हो जाती है इसलिए टीबी रोग के लक्षण को जानना बहुत जरूरी क्योंकि टीबी रोग के इलाज के लिए बहुत ही जरूरी है.

और ये रोग सबसे ज्यादा हमारे देश में सबसे ज्यादा तेजी से फ़ैल रहा है और इसे कुछ लोग अनुवांशिक बीमारी मानते हैं, लेकिन आपको यह जानकर शायद अच्छा लगे कि ये बीमारी अनुवांशिक बीमारी नहीं है क्योंकि ये बीमारी किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकती है और और इसका इलाज लगभग असंभव है लेकिन लेकिन हमारी Medical Science इतनी तरक्की कर चुका है कि आज के समय में इस बीमारी का इलाज पूरी तरह से किया जा सकता है.

TB (Tuberculosis) टीबी रोग के लक्षण

पर यदि कोई व्यक्ति टीबी रोग के लक्षण पहले से जान लेता है और समय पर इस का इलाज कराने लगता है तो वह आसानी से और नियमित खुराक से टीबी रोग से पूर्णतः छुटकारा पा सकता है. टीबी रोग का इलाज करने से पहले टीबी के बारे में जानना बहुत है टीबी को वैज्ञानिक भाषा में ट्यूबरक्लोसिस के नाम से भी जाना जाता है जो कि एक संक्रामक रोग है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है और यह बैक्टीरिया शरीर के सभी हिस्सों में फैलकर संक्रमण फैला देता है. और शरीर को कमजोर बना देता है और सामान्यतः यह फेफड़ों में ही पाया जाता है.

और टीबी रोग सिर्फ हमारे फेंफड़ों में ही नहीं बल्कि शरीर के हर एक अंग को धीरे-धीरे प्रभावित करता है जैसे आंतें, मस्तिष्क, हड्डियां, जोड़े, गुर्दे, त्वचा, हृदय भी इससे सभी अंग संक्रमित हो जाते है और बीमारी के ज्यादा फैलने पर रोगी को बचा पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है. और इसलिए टीबी रोग के लक्षण जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है.

टीबी रोग के लक्षण

सबसे पहला और आसानी से पहचाना जाने वाला लक्षण है जोकि कोई भी व्यक्ति बहुत ही आसानी से पहचाना जा सकता है इस रोग प्रमुख लक्षण ये कि इस रोग में लम्बे समय तक खांसी चलती है और यदि आपको तीन हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी है तो यह टीबी का शुरूआती चरण हो सकता है. और इसलिए खांसी होने पर अपने बलगम जांच अवश्य करवाएं.

और दूसरा और सामान्य लक्षण जो रोगी खुद ही देख सकता है. टीबी के शुरूआती लक्षणों में बलगम से साथ खून आना शुरू हो जाता है और यदि आपको भी बहुत तेज खांसी हो रही है और आपके बलगम में खून आ रहा है तो Seriously लेना चाहिए क्योकि ये टीबी का दूसरा लक्षण है. और ऐसा होने पर तुरंत किसी अच्छे Doctor से मिले और इसका Treatment करना शुरू कर दें.

टीबी रोग के लक्षण और इलाज

और जब किसी व्यक्ति को बुखार आता है और वो बुखार आम बुखार से अलग हो मतलब कि दिन में बुखार ना चढ़े और जैसे जैसे शाम हो वैसे वैसे बुखार बढे तो यह टीबी का लक्षण है इसे नज़रअंदाज़ न करें तुरंत डॉक्टरी सलाह लें.यदि आपको सांस लेने में थोड़ी सी समस्या आ रही है तो ये सांस संबंधी रोग हो सकता है लेकिन यदि बहुत ज्यादा परेशानी हो रही और सीने में बहुत ज़ोरो का दर्द होने लगे तो ये भी टीबी का प्रमुख लक्षण है अगर किसी भी जलन या दर्द सीने में होता है तो ये टीबी हो सकता है इसलिए लापरवाही न करें और तुरंत इसका इलाज कराएं और अपना जीवन बचाएं.

टीबी होने पर या फिर शरीर का इसके द्वारा संक्रमित होने पर व्यक्ति को भूख लगनी बंद हो जाती है, और बाद में उसे किसी भी चीज को खाना अच्छा न लगे तो ये टीबी हो सकता है. और भूख न लगने की वजह से व्यक्ति को शरीर में पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते जिससे उसके वजन में भारी मात्रा में गिरावट आने लगती है और उसका शरीर बहुत ही दुबला हो जाता है. और सबसे ज्यादा Infection फेंफड़ो में फैलता है.रात को सोते समय अत्यधिक पसीना आना भी टीबी का एक लक्षण है. ये कुछ टीबी रोग के लक्षण है जिन्हे पहचान कर आप टीबी से बच सकते है.