यूरिन इन्फेक्शन का इलाज

Urine Infection In Hindi : युरिन इन्फेक्शन एक गंभीर बीमारी है जो किसी भी महिला या पुरुष दोनों को हो सकती है। यूरिन इंफेक्शन महिला व पुरुषों में होना आम बात हैं। इस इंफेक्शन के कारण मूत्र मार्ग प्रभावित होता हैं। जब मूत्राशय में बैक्टीरिया संक्रमण जमा हो जाते है जो मूत्र मार्ग को प्रभावित कर देते हैं।

How To Prevent Urinary Tract Infection Hindi

और जब हम टॉयलेट जाते हैं तो टॉयलेट के माध्यम से ये इंफेक्शन और भी बढ़ता जाता हैं| इस इंफेक्शन से गुर्दे, मूत्र बहिकाए, मूत्राशय आदि प्रभावित होते हैं| ये इंफेक्शन बच्चो में कम होता हैं जबकि वयस्कों में ये इंफेक्शन बहुत अधिक होता हैं|

यूरिन इन्फेक्शन होम रेमेडीज

वैसे तो बीमारी और इंफेक्शन के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता की ये किसे हो सकता हैं| लेकिन ये इंफेक्शन महिलाओ में अधिक होता हैं| क्योकि महिलाओ का मूत्र मार्ग बहुत ही छोटा होता हैं| जिस कारण से बैक्टीरिया वहां आसानी से अपनी पहुँच बना लेते हैं और महिलाओ के लिए ये खतरा बढ़ जाता हैं|

ये बीमारी जिसको हो जाये तो घबराएँ नहीं, लेकिन इसका समय रहते इलाज करा लेना चाहिए| क्योकि अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया जाता हैं| तो ये धीरे धीरे आपकी किडनी व गुर्दे ख़राब कर सकती हैं| इसके लिए आज हम आपके लिए कुछ उपचार लेके आये हैं|

यूरिन इन्फेक्शन के लिए होम रेमेडीज : यूरिन इन्फेक्शन का आप घर पर भी इलाज कर सकते हैं| पानी के पीने से यूरिन इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है| और गर्म पानी से सिकाई के द्वारा भी इसका उपाय किया जाता है| इसके अलावा बेकिंग सोडा, लहसुन के सेवन से, सिरके के सेवन से, अनानास का सेवन, चंदन आदि से भी इस बीमारी का इलाज बहुत आसानी से किया जा सकता है| इसके बारे में नीचे पूरी जानकारी विस्तृत रूप से दी गयी है|

यूरिन इन्फेक्शन कैसे होता हैं

इस यूरिन इन्फेक्शन को मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहते हैं ये रोग जब होता हैं| जब आप ज्यादा समय तक पेशाब को रोके रहते हैं| जिस कारण से मूत्राशय में बैक्टीरिया संक्रमण जमा हो जाते हैं| और तब पेशाब के माध्यम से ये बैक्टीरिया बढ़ता जाता हैं| इस रोग में इकोली नाम का बैक्टीरिया मुख्य कार्य करता हैं|

यूरिन इंफेक्शन के लक्षण | Urine Infection In Hindi

Home Remedies For Urinary Tract Infection

  • पेशाब का रंग नार्मल से गहरा होना.
  • बार बार अधिक पेशाब का आना.
  • टॉयलेट जाते समय पेशाब में जलन व दर्द होना.
  • यूरिन से बदबू आना.
  • गुप्त अंगो में खाज-खुजली होना.
  • कमर के निचे के हिस्से में दर्द होना और दर्द का हमेशा बना रहना.
  • अधिक सर्दी का लगाना और सर्दी लग के बुखार का आना.
  • मूत्र मार्ग की उपरी परतो में सूजन आना.
  • जी मचलना और उलटी जैसा मन होना.
  • तत्काल पेशाब हो जाने का डर होना.
  • पेशाब के साथ खून का आना.
  • पेशाब करते समय रुकावट आना और रुक रुक के पेशाब का आना.

यूरिन इंफेक्शन होने के कारण

  • ज्यादा अधिक समय तक पेशाब को रोक कर रखने के कारण.
  • जिन लोगों को काफी समय से शुगर है उन्हें इसके होने के खतरे बहुत अधिक होते है.
  • पानी का कम पीना शारीर में पानी की कमी होने के कारण.
  • गर्भावस्था में मूत्राशय बहुत जल्द सक्रमण हो जाता है जिससे उस समय ये खतरा अधिक होता है.
  • रीड की हड्डी में चोट लगने के कारण.
  • समय समय पर और ठीक से साफ सफाई न रखने के कारण.
  • लडकियों को मासिक धर्म के समय इसके चांस बड जाते है.
  • दस्त होने के कारण.
  • पथरी होने के कारण से.
  • एंटीबायोटिक दवाओ के अधिक उपयोग से.

यूरिन इन्फेक्शन के घरेलू उपाय

Home Remedies To Prevent Urinary Tract Infection

  • अधिक मात्रा में पानी पीना: जब भी किसी को भी यूरिन इंफेक्शन हो जाता है तो इसका ये सबसे आसान और मुफ्त का इलाज है की आप ज्यादा से ज्यादा पानी पियें| इससे पेशाब ज्यादा बनेगा और जब बार बार पेशाब जायेंगे, तो मूत्र के साथ बैक्टीरिया आपके शारीर से बाहर निकल जायेगा| और इसी प्रकार आपके शारीर में इंफेक्शन ख़त्म हो जायेगा और आप ठीक हो जायेंगे|
  • गर्म पानी से सिकाई: अगर आपको दर्द होता है तो आप पानी को गर्म करके प्लास्टिक की एक बोतल डाले| और उससे मूत्राशय की सिकाई करे इससे आपको दर्द में राहत मिलेगी| और साथ ही सूजन भी कम हो जाएगी और इस बात का खास ध्यान रखे की पानी ज्यादा गर्म न हो|
  • बेकिंग सोडा: इस इंफेक्शन के इलाज में बेकिंग सोडा को बहुत ही अच्छा माना जाता हैं| बेकिंग सोडा में एसिड पाया जाता हैं| जो शारीर में एसिड की मात्रा को पूरी कर देता है| जिससे पेशाब में होनी वाली जलन में राहत मिलती हैं| एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकंग सोडा डालें, और दिन में 2 बार इसका सेवन करे|
  • लहसुन का सेवन: लहसुन को जीवाणु नाशक माना जाता हैं| और यूरिन इंफेक्शन का मुख्य कारण जीवाणु ही होते हैं| इसलिए लहसुन का सेवन फायदेमंद होता हैं 3-5 लहसुन की कली को लें और उनको पीसकर पेस्ट बना लें| और फिर इसमें माखन मिला लें और उसका सेवन करें|
  • सेब का सिरका: सेब के सिरके में एन्जाइम पाए जाते हैं जो की लाभकारी होते हैं| और यूरिन इन्फेशन में फायदेमंद होते हैं एक गिलास पानी लें लें| और उसमे एक चम्मच सेब का सिरका डाले फिर अच्छे से मिक्स कर लें| अगर आप जल्दी फायदा लेना चाहते हैं| तो आप इसमें नींबू का रस और थोडा शहद भी मिला सकते हैं इसे दिन में 2 बार पिए|
  • खट्टे फलो का सेवन: खट्टे फलों में सिट्रिक एसिड पाया जाता हैं और ये सिट्रिक एसिड बैक्टीरिया को ख़त्म करने में बहुत हद तक कारगर शाबित होना हैं| जिस कारण से इसे यूरिन के इलाज में लिया जाता हैं खट्टे फलों में आप संतरा, आंवला और नींबू को लें सकते हैं|
  • क्रैनबेरी जूस: यूरिन इन्फेक्शन के इलाज में क्रैनबेरी जूस बहुत मददगार होता हैं| ये जूस यूरिन इन्फेक्शन को धीरे धीरे पूरी तरह से ख़त्म कर देता हैं| आप इस जूस का रोजाना सेवन करे यदि आप ये जूस नहीं पी पाते हैं| तो आप इसमें सेब का जूस भी मिलकर पी सकते हैं|
  • अनानास का सेवन: यूरिन इन्फेक्शन के इलाज के लिए फायदेमंद होता हैं| अनानास का ज्यादा उपयोग गुप्त अंग से बैक्टीरिया को ख़त्म करने के लिए ही किया जाता हैं| अनानास को आप ऐसे भी खा सकते है या आप चाहे तो इसके रस का भी सेवन कर सकते हैं|
  • चन्दन: शिलाजीत और पुनर्नवा दो तत्व होते हैं| जो गुप्तांगों की समस्या और इन्फेक्शन को ख़त्म करने का काम करते है इसीलिए चन्दन मददगार होता हैं|

यूरिन इन्फेक्शन से कैसे बचें

हमेशा पानी साफ स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए| कभी भी पेशाब को रोकना नहीं चाहिए| जब भी पेशाब आने जैसा महसूस ही तो तुरंत जाएँ चाहे किसी भी काम में व्यस्त हों| पहले पेशाब जाये इसे रोके नहीं यदि आप रोकते रहे तो आपको यूरिन इन्फेक्शन हो सकता है|
मूत्र त्याग के बाद आगे से पीछे की तरफ पोंछें या धोएं| न की पीछे से आगे की तरफ, ताकि इस प्रक्रिया में गुदा के

बेक्टिरिया योनि या मूत्र द्वार तक न पहुंचें| बाथ टब में नहीं नहाना चाहिए इसके आलावा आप शॉवर या मग्गे बाल्टी से नहाएं|

यौन सम्बन्ध से पहले तथा बाद में साफ सफाई का ध्यान रखें| यौन सम्बन्ध के बाद यूरिनल का उपयोग जरूर करें| ताकि यदि मूत्र नली बेक्टिरिया आदि से मुक्त होकर साफ हो जाये| कॉटन अंडरवियर काम में लें| नायलोन अंडरवियर या टाइट जीन्स का उपयोग करने से नमी बनी रहती है|

जिसके कारण बेक्टिरिया पैदा हो सकता है और इन्फेक्शन बढ़ सकता हैं| कुछ समय के लिए तेज खुशबुदार स्प्रे या डूश आदि का उपयोग न करें इनसे स्थिति बिगड़ती ही हैं| डॉक्टर के बताये अनुसार पूरी दवा लेनी चाहिए| ठीक हो गए ऐसा समझ कर दवा बीच में छोड़नी नहीं चाहिए| जब तक डॉक्टर दवा बंद करने के लिए न बोले तब तक दवा लेते लेना चाहिए|