अश्वगंधा के फायदे और नुकसान | Ashwagandha Ke Fayede

अश्वगंधा AshwaGandha एक बहुत ही फायदेमद औषधी है| इस आयुर्वेदिक औषधी का नाम अश्वगंधा इसके गुणों के अनुसार रखा गया है| आपको बता दें कि इसकी जड़ों से घोड़े के पसीने जैसी गंध आती है और इसी वजह से इसका नाम संस्कृत के दो शब्द अश्व+गंध मिलाकर अश्वगंधा दिया गया है| भारत समेत दुनियाभर में इसका सबसे ज्यादा उपयोग दवाइयां बनाने में किया जाता है| देश विदेशों के Doctors ने भी इसे बहुत ही फायदेमंद दवा के रूप में माना है| अश्वगंधा में कई असाध्य रोगों को ठीक करने की अदभुद छमता है|

अश्वगंधा का पौधा

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AshwaGandha का पौधा एक सामान्य आकार का पौधा होता है| और ये अपने नाम के अनुरूप ही मज़बूत होता है| अश्वगंधा का पेड़ अधिकतर शुष्क क्षेत्र वाले इलाकों में पाया जाता है| इसकी एक और सबसे खास बात ये भी है कि ये बहुत अधिक कम तापमान और बहुत ज्यादा तापमान वाली जगह में भी आसानी से जीवित रह सकता है| इसको आयुर्वेदिक औषधी के रूप में उपयोग सबसे पहले भारत में किया गया था| इसके बाद धीरे-धीरे इसकी ख्याती विदेशों तक फैल गयी| आज भारत से ज्यादा विदेशों में AshwaGandha को Health Benefits के लिए प्रयोग किया जाता है|

Ashwagandha Ke Fayde In Hindi

अश्वगंधा की खेती

अश्वगंधा में सबसे ज्यादा रसायन इसकी जड़ों के अंदर पाया जाता है| भारत के कई क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है| अश्वगंधा की जड़ लगभग 6,000 रूपए प्रति क्विंटल से लेकर 10,000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकती है| इसका बीज 50 रूपए से 60 रुपए प्रति किलो है| इस पौधे की ऊंचाई लगभग 170 सेंटीमीटर होती है| इसमें जो फल लगता है वो देखने में लाल रंग का होता है और ये एक छोटे से टमाटर जैसा दिखता है|

अश्वगंधा खाने के फायदे

दोस्तों अश्वगंधा खाने के बहुत फायदे हैं| इसके प्रयोग से मरियल शरीर में एक नए स्फूर्ती आ जाती है| AshwaGandha का दवाइयों में अधिकतम उपयोग दीर्गायु, वीर्य बढाने, शरीर को अतिरिक्त बलशाली और सुडौल बनाने में, महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म को ठीक करने में किया जाता है| इसके अलावा महिलाओं में बाँझपन को ठीक करने, बढ़ती हुयी उम्र को रोकने, टीबी की बीमारी और Asthma मतलब श्वांस की बीमारी को रोकने के लिए किया जाता है|

आपको इसके बारे में एक बात ज़रूर जन लेना चाहिए कि अश्वगंधा के बलवर्धक रसायन ओषधि है| मतलब ये कि अगर इसको एक सीमा से बहार उपयोग किया गया तो ये आपको फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है| प्राचीन काल से ही AshwaGandha हमारे यहाँ दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है| पुराने समय में राजा महाराजा इसका उपयोग बलिष्ठ संतान की प्राप्ती के लिए भी करते थे|

अश्वगंधा के फायदे | Ashwagandha Benefits

पुराने समय से ही आयुर्वेदज्ञों और ऋषि-मुनियों ने इसे एक उत्तम वीर्यवर्धक, शरीर को ओज प्रदान करने वाली और मानव शरीर के लिए एक अती उत्तम रोगनाशक दवा और मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने वाली जड़ी माना है| AshwaGandha Ka Upyog वायु विकार, कफ नाशक, खांसी, और Fungal Infection जैसे के दाद, खाज, खुजली का नाश करने वाली आयुर्वेदिक औषधी के रूप में इस्तेमाल करते आये हैं|

एक चमत्कारी जड़ी के तौर पर काम करने वाला अश्वगंधा के फायदे इस छोटी सी पोस्ट में आपको सब कुछ बताना संभव नहीं है| लेकिन यहाँ आप कुछ प्रमुख और विशेष बीमारियों के इलाज के बारे में जान सकते हैं| किस रोग में अश्वगंधा को किस तरह से प्रयोग किया जाता है यहाँ देखें|

हृदय स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा के फायदे | Ashwagandha Benefits For Heart In Hindi

दिल की बीमारी के लिए अश्वगंधा एक रामबाण औषधि है| अश्वगंधा में सूजन को कम करने के गुण पाए जाते हैं| AshwaGandha में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं| तनाव कम करने के लिए अश्वगंधा बहुत ही ज्यादा सहायक है| अश्वगंधा के सेवन से ह्रदय की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है| AshwaGandha के खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है| हृदय में किसी भी प्रकार की बीमारी होने जैसे हार्ट की नसों का ब्लाक हो जाना या फिर हार्ट अटैक आने की संभावना बहुत कम हो जाती है|

कैंसर के लिए अश्वगंधा के फायदे AshwaGandha Benefits For Cancer

अश्वगंधा कैंसर को कम करने मैं भी बहुत सहायक है| अश्वगंधा एक कीमती गुणों वाली आयुर्वेदिक औषधि, जड़ी-बूटी है| अमेरिका की जानी मानी प्रसिद्ध हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार AshwaGandha मानव शरीर में ब्रेन कैंसर, प्रोटेस्ट कैंसर, स्किन कैंसर और गुर्दे के कैंसर जैसी भयानक बीमारियों से भी छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होती है|

AshwaGandha का प्रयोग केंसर के ट्यूमर की कोशिकाओं को बदने से रोकता है| जिससे कैंसर ज्यादा नहीं फैल सकता| इसके अलावा ये केंसर के लिए की जाने वाली रेडिएशन थेरेपी के प्रभाव को बढ़ा देता है| और इस थेरेपी से होने वाले साइड इफेक्ट्स को कम कर देता है| अश्वगंधा की एक और खासियत ये भी है कि केंसर के मरीज़ को दी जानेवाली कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को ये कम कर देता है| क्योंकी कीमोथेरेपी करने में जिन दवाओं का उपयोग किया जाता है उनसे कई तरह के साइड इफेक्ट्स होते हैं|

वज़न बढाने के लिए अश्वगंधा का प्रयोग | Ashwagandha Benefits For Weight Gain

वज़न बढ़ाने के लिए अश्वगंधा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है| अगर सही मात्रा में लिया जाए तो ये आपके शरीर को बलशाली करने के साथ-साथ सुडौल भी बना देता है| अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो अश्वगंधा पाउडर को शतावरी के साथ बराबर मात्रा में ले लें|

इन मिश्रण में इतनी ही मात्रा डेले वाली मिश्री की मिला लें| ये मिश्री आपको पंसारी के यहाँ मिल जायेगी| अब इन तीनों को मिलकर बनाये हुए पाउडर को बिना नागा किए, रोज़ाना रात को सोने से पहले या फिर कसरत करने के बाद एक चम्मच खाकर ऊपर से गर्म गुनगुना दूध पी लें| 4 से 6 हफ्ते में ही आपका वज़न पहले से बढ़ जाएगा और शरीर में स्फूर्ती आ जायेगी|

AshwaGandha Health Benefts

ल्यूकोरिया के लिए अश्वगंधा के फायदे | Ashwagandha Benefits For Leucorrhea

ल्यूकोरिया का इलाज अश्वगंधा से बेहतर कोई दवा नहीं कर सकती| सबसे पहले आपको ये जान लेना ज़रूरी है की ल्यूकोरिया क्या होता है? महिलाओं की योनी में से चिपचिपा सफेद पदार्थ का रिसाव होने लगता है| इस तरल से बहुत गंदी बदबू भी आती है| जिन युवतियों या महिलाओं को ये रोग हो जाता है वो बहुत तकलीफ में रहती हैं| कई बार उनको हीन भावना का शिकार भी होना पड़ता है|

आमतौर पर इसको सफ़ेद पानी की समस्या भी कहते हैं| दोस्तों ये महिलाओं की एक गंभीर बीमारी है| इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता में कमजोरी आ जाती है| और लिकोरिया की वजह से उनकी प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है| इससे महिलाओं में बाँझपन की समस्या भी हो सकती हैं|

अश्वगंधा के प्रयोग से लिकोरिया की बीमारी ऐसे दूर करें

लिकोरिया की बीमारी होने पर शतावरी के साथ अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन करना चाहिए| इसके खाने का सही तरीका ये हैं कि दोनों का एक-एक चम्मच चूर्ण बराबर मात्रा में लें| उपर से गुनगुना गाय या भैंस का दूध पी लें| ध्यान रहे ये दूध पाश्चुरीकृत दूध न हो, मतलब दूध डेयरी वाले जिस दूध में से क्रीम निकाल लेते हैं वो न हो| इसके सेवन से महिलाओं में प्रजनन क्षमता बढ़ जाती है और गर्भधारण करने की शक्ती शरीर में आ जाती है|

आँखों की रोशनी के लिए अश्वगंधा | Aankhon Ki Roshni Badhane Ke Upay

ज्यादा समय तक पढ़ाई करने वालों की आंखें कमजोर हो जाती हैं| ऑफिस में कंप्यूटर के सामने ज्यादा समय बैठने की वजह से भी आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत हो जाती है| ऐसे लोगों को चाहिए कि अपनी आंखों को दिन में तीन चार बार ठंडे पानी से धोने के बाद कम से कम 5-10 मिनट का आराम दें|

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आप एक आसान घरेलू नुस्खे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं| इसके लिए अश्वगंधा आंवला और मुलेठी के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें| इस पाउडर का रोज़ाना खाना खाने के कुछ देर बाद एक चम्मच सेवन करने से ४ हफ़्तों में ही आँखों में बहुत फायदा होता है| अगर किसी को चश्मा लगा हुआ है तो उसके चश्मे का नंबर भी कम होने के बहुत ज्यादा चांस हैं| आँखों की कमजोर द्रष्टी के लिए ये बहुत अच्चा घरेलू नुस्खा है|

सहनशक्ति और धीरज बढ़ाए

आपके मस्तिष्क को सुकून देने वाली दवा का काम करता है अश्वगंधा पाउडर| इसके सेवन से आपमें सकारात्मक उर्जा का संचार होता है| AshwaGandha मन को शांति देता है| इसके सेवन से उत्साह का प्रभाव बढ़ता है और ये तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को कम कर देता है| जिसके फलस्वरूप अश्वगंधा आपको एकाग्रता बनाये रखने और आपकी सहनशक्ति में सुधार लाता है| इसके सेवन से शरीर में मांसपेशियों के खिंचाव में राहत मिलती है और जोड़ों में दर्द के लिए व शारीरिक दर्द के लिए ये सफल औषधि है|

अश्वगंधा के फायदे बहुत ज्यादा और नुकसान कम

दोस्तों अश्वगंधा का सेवन करने से प्रजनन में इजाफा होता है| इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है और वीर्य भी अच्छी मात्रा में बनता है| अश्वगंधा शरीर को जोश देता है| जिससे पूरे शरीर में आलस्य नहीं रहता है, और से#क्स करते समय थकान भी नहीं आती है| जिन लोगों को सेक्स के दौरान थकान होने लगती है, उन्हें अश्वगंधा के सेवन से काफी लाभ मिलता है|

इसके पाउडर को तेल में मिला कर बॉडी पर लगाने से तव्चा में निखार आता है| इसके सेवन से याददाश्त बढ़ती है| दिमाग तेज़ होता है| अश्वगंधा के सेवन से जबरजस्त यौन शक्ति बढ़ती है| वीर्य की गुणवत्ता बढ़ती है, और वीर्य ज्यादा मात्रा में बनता है|

अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

अश्वगंधा में जवानी को बरकरार रखने की काफी शक्ति होती है| यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है| इसके पत्ते और इसकी जड़ो को उबाल कर चाय बनाई जाती है| अश्वगंधा की चाय स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक होती है| इसके सेवन से सर्दी-खांसी, पुराना नजला, जुकाम और श्वांस के रोग में काफी फायदा होता है|

कई बार अश्वगंधा पौधे के पत्तों को त्वचा पर होने वाले रोगों जैसे एक्जिमा, दाद, खाज, खुजली और फफूंदी जैसे रोगों से बचाव के लिए काम में लाया जाता है| अश्वगंधा के पत्ते शरीर पर हुयी सूजन को कम करने में मदद करते हैं| अश्वगंधा के पत्ते शरीर पर हुए घाव व किसी भी प्रकार के ज़ख्मों को जल्दी भर कर ठीक कर देते हैं| अश्वगंधा के चूर्ण को किसी भी तेल में मिला कर शरीर पर लगाकर मालिश करने से चर्मरोग नहीं होता|

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे | Ashwagandha Powder Health Benefits

अगर अश्वगंधा के चूर्ण को दूध में घोल कर पीया जाए तो ये रक्तचाप नियंत्रण में रखता है| अश्वगंधा का चूर्ण लेने से खांसी ठीक हो जाती है| अश्वगंधा को सुबह शाम लेने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है| अश्वगंधा खाने से आपकी यादद्दाश्त भी बहुत ही तेज़ हो जाती है| इससे आपको सिरदर्द और माइग्रेन जैसी बीमारीयां भी नहीं होती है| अश्वगंधा का इस्तेमाल दवाई के रूप में कई सालों से हो रहा है| अश्वगंधा के पत्ते पीसकर शरीर पर लेप करने से तव्चा के रोगों में राहत मिलती है|

अश्वगंधा का सेवन महिलाओं के लिए भी बहुत ही ज्यादा लाभकारी है| लेकिन इसका सेवन उन महिलाओं को कतई नहीं करना चाहिए जो गर्भधारण कर चुकी हैं| अन्यथा ऐसी अवस्था में अश्वगंधा का उपयोग गर्भपात का कारण बन सकता है| यह भ्रूण को भी नुकसान पहुंचा सकता है| इसलिए गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए|

अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कैसे करें | How To Use Ashwagadha Powder

अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन गर्म गुनगुने दूध में करना चाहिए| और इसको कभी भी भूखे पेट सेवन न करें| जो लोग अपने शरीर को बलिष्ठ बनाने के लिए इसका सेवन करते हैं तो उन्हें ये कसरत करने के बाद दूध के साथ लेना चाहिए| इससे नसों को सुकून मिलता है| और शरीर की मांसपेशियां मज़बूत हो जाती हैं|

शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए रोज़ाना दोपहर के खाने के बाद एक चम्मच अश्वगंधा का चूर्ण पानी के साथ ले सकते हैं| इसके सेवन कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है| यह मन को शांत रखता है|जो लोग सम्भोग के दौरान जल्दी थक जाते हैं, यह उनके लिए भी एक बहुत हीं प्रभावशाली औषधी है|

अश्वगंधा में पाए जाने वाले मिनरल्स और विटामिन से हमें तनाव से मुक्त होने में मदद मिलती है| इससे आपके शरीर में ऐसे हॉर्मोंस का निर्माण होता है जिससे ये तनाव से मुक्ति दिलाता है| अश्वगंधा के सेवन से नींद न आने की समस्या दूर हो जाते है|

वीर्य को गाढ़ा करता है अश्वगंधा

अश्वगंधा टेस्टेस्टोरॉन लेवल बढ़ाने में मदद करता है| अश्वगंधा का सेवन वीर्य को गाढ़ा करने के लिए भी किया जाता है क्योंकी ये यौन शक्ती बढ़ाने में बहुत सहायक होता है| और अगर महिला इसका सेवन करे तो उसकी गर्वधारण करने की क्षमता बढ़ जाती है| 3 महीने तक लगातार लिया जाए तो बाँझपन से छुटकारा मिलने के अधिकतर सम्भावना रहती है| अश्वगंधा के फायदे के साथ साथ इसे ज्यादा मात्र में खाने के नुकसान भी हैं| तो निश्चित सीमा से ज्यादा इसका सेवन न करें|

इसके अधिक सेवन से नींद आने लगती है| मतलब की आप बहुत ही ज्यादा आलसी हो जाते हैं| आपका मन केवल और केवल आराम करने के लिए प्रेरित करता है| और आपको बता दें इसके ज्यादा इस्तेमाल से आपको कई सारी समस्याओं जैसे पेट से, दिमाग से जुडी और शरीर से जुडी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है| इसके अधिक सेवन से पेट रोग होने लगते हैं| अश्वगंधा का अधिक सेवन शरीर को कमज़ोर कर सकता है|