खर्राटे की होम्योपैथिक दवा | Kharate Dur Karne Ke Upay In Hindi

अक्सर आप देखते होंगे कि कुछ लोगो को सोते वक्त जोर जोर से गले से आवाज करने की आदत होती हैं। यहाँ मैं ‘आदत’ शब्द का प्रयोग खर्राटे की समस्या को बताने के लिए कह रहा हूँ. यह इसलिए क्योंकि अधिकतर लोग मानते हैं  कि खर्राटे लेना एक आदत है. इस कारण हम अक्सर खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को खर्राटे न लेने के लिए कहते हैं. पर यह सच्चाई नही है.

क्या होता है खर्राटे लेना

खर्राटे लेना एक आदत नही बल्कि एक समस्या है. खर्राटे लेने वाले को खुद भी यह पता नही चलता कि वह खर्राटे ले रहा रहा है. बल्कि उसे वो  लोग बताते है जिनकी इन खर्राटों की वजह से नींद खराब हो गईं हैं. खर्राटे के भी प्रकार होते हैं. जैसे कुछ लोगो को हल्के खर्राटे आते है. हल्के खर्राटों आने पर ज्यादा दिक्कत तो नही होती, पर समस्या तो समस्या ही है.

खर्राटे रोकने के उपाय

वही कुछ लोगो के खर्राटे इतने तेज होते हैं, कि इन खर्राटों की आवाज से उनकी खुद की ही नींद खुल जाती है. इसके अलावा तेज खर्राटे शरीर मे कई समस्याओं के जनक बन सकते हैं. इसलिये जितना जल्दी हो सके खर्राटों का इलाज कराएँ.

खर्राटे से कैसे छुटकारा पायें

लोग जब सोते समय हैं, उस वक़्त उनके सांस लेने और छोड़ते समय एक घरघराहट भारी आवाज उत्पन्न होती है, जिसे साधारण बोलचाल में खर्राटें कहा जाता है. ये खर्राटों की आवाज नाक के साथ साथ मुह से भी आ सकती है. यह समस्या बढ़ते उम्र के साथ बढ़ती जाती है. पुरुषों में यह समस्या महिलाओ की तुलना में अधिक देखी जाती है.

एक आंकड़े के अनुसार लगभग 41 प्रतिशत वयस्क पुरुष और 24 प्रतिशत वयस्क महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है. यह समस्या एक अनुवांशिक समस्या होती है. यदि घर के किसी सदस्य को खर्राटें लेने की समस्या है, तो बाकी सदस्यों को भी समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है.

क्यों आते है खर्राटे

हम लोग बचपन मे एक खेल खेलते थे, जिसमे एक प्लास्टिक की पाइप लेते थे, फिर उसे बीच मे से हल्का सा दबा लेते थे. उसके बाद एक तरफ से उस पाइप में फूंक मरते थे. फूक मारने के साथ ही उस पाइप से एक आवाज आती थी, जैसे विसिल बजती है. इसके पीछे का विज्ञान यह है कि जब हवा किसी सकरे द्वार से बहुत तेजी से गुजरती है, तो वहाँ आवाज उत्पन होती है. यही कॉन्सेप्ट खर्राटे की स्थिति में भी होती है.

खर्राटे आने के कारण

खर्राटे आने का मुख्य कारण स्वास नली में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होना है. जब किसी कारण से हमारी स्वास नली दब जाए तो हवा को पर्याप्त जगह नही मिल पाती गुजरने के लिए. परिणाम स्वरूप स्वसन नली में मौजूद ऊतकों के एक कंपन उत्पन होता है, और यही कंम्पन खर्राटे का कारण बनता है.

हम में से अधिकतर लोग मानते है, की खर्राटे थकान या बहुत अधिक काम करने के वजह से आता है, और ऐसा सोच कर लोग इस समस्या को नजरअंदाज कर देते है. पर ऐसा भी हो सकता है कि खर्राटों के बाद कोई बड़ी बीमारी भी आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकती है. इसलिये समस्या ज्यादा बढ़ने पर खर्राटों का कारण जरूर पता लगाएं और इसका उचित इलाज करें.

खर्राटे आने के कुछ कारण ये भी हो सकते हैं

  • खर्राटे आना का प्रमुख कारण सांसो में आने वाली रुकावट है.
  • यह रुकावट जीभ के द्वारा आ सकती है. जीभ मोटी होने पर सांस लेने में दिक्कत आती है. इसलिए जीभ की सफाई नियमित करना चाहिए.
  • जो लोग पीठ के बल सोते है, उनमे यह दिक्कत ज्यादा देखने मे आती है. कारण यह होता है कि सोते वक्त जीभ पलटकर पीछे की तरफ चली जाती है, और तालू के पास जो मांस लटकता है, उस पर लग जाती है, जिस कारण सांस लेने में वाइब्रेशन होता है.
  • यदि नाक के अंदर का मांस  बढ़ गया हो या फिर नाक ही हड्डी किसी कारण से टेढ़ी हो तो ये  सांस छिद्रों को छोटा कर देते है, और सांस लेने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, ताकि पर्याप्त मात्रा में हवा की सप्लाई हो सके.
  • अक्सर देखने में आता है, की जिसकी गर्दन ज्यादा मोटी होती है, वह इस समस्या से ज्यादा ग्रसित है. इसलिए मोटी गर्दन भी खर्राटे आने की एक वजह होती है.
  • ज्यादा वजन बढ़ने पर गर्दन के आसपास भी चर्बी जमा होने लगती है. यही चर्बी सोते वक्त श्वसन नली में ( जो गले से होकर जाती है) पर दबाब डालती है, और परिणाम स्वरूप खर्राटे उत्पन होते है.
  • खर्राटे आने का एक कारण ठंडी चीजो का सेवन भी है.
  • कभी किसी कारण से यदि सांस नली में संकुचन हो जाए तो तो खर्राटे आने लगते है.
  • नशीले पदार्थो का सेवन, ध्रूमपान करना भी इस समस्या को जन्म देते है.

खर्राटे से जुड़ी बीमारी

कभी कभी खर्राटे आना एक सामान्य बात हो सकती है, क्योंकि सोने के तरीके से कभी कभी हमारी सांस नली दब जाती है और खर्राटे आते है. पर यदि यह समस्या लगातार रहे, और बढ़ती ही जाए तो यह एक गंभीर बीमारी को जन्म दे सकती है, जिसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) कहते है. यदि खर्राटे के साथ यह लक्षण दिखे तो यह OSA का संकेत हो सकता है.

Obstructive Sleep Apnea In Hindi

नींद में खर्राटे लेना के लक्षण

  • यदि सुबह उठते ही सिर में दर्द बना रहे.
  • सोने के दौरान यदि नाक से आवाज आती हो.
  • कभी कभी रात को जब सो रहे हो तो दम घुटने जैसा एहसास हो.
  • यदि रात में सोते समय छाती में जोरदार दर्द हो.
  • दिन के समय यदि ज्यादा नींद आती हो.
  • ऐसी समस्या होने पर ध्यान लगाने में कठनाई होती है, गले मे खराश हमेशा बना रहता है.
  • रक्तचाप का स्तर बहुत बढ़ जाता है.

खर्राटे से बचाव के उपाय

खर्राटे लेने की बीमारी से बचने के लिए हम आपको यहाँ कुछ उपाय बता रहे हैं. इन्हें आजमाएंगे तो बिना किसी डॉक्टर के इलाज के आप खर्राटों से छुटकारा पा सकते हैं. नीचे लिखे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें.

  • मोटापा खर्राटे का एक प्रमुख कारण है, यदि खर्राटे से बचना है तो अपने शरीर को हमेशा फिट रखें.
  • कोशिश करे कि हमेशा करवट लेकर सोयें, इससे खर्राटों की समस्या कम हो जाती है.
  • कभी कभी खर्राटे आने का कारण गले मे सूजन का होना होता है, ऐसी परिस्थिति में नमक का सेवन कम करें.
  • सिर ऊँचा करके सोने से यह समस्या कम होती है.
  • सोते समय शरीर को रिलैक्स रखे, मन को पूरी तरह शांत रखे.
  • गर्म-गरम दूध में हल्दी डालकर पीने से खर्राटे नहीं आते, या आना बंद हो जाते हैं.
  • हल्दी को घी में भून कर उनको अपने मुहं में रख लें, और इसका रस चूसें.
  • इलाइची, दालचीनी, अदरक, ग्रीनटी चाय पीने से जल्द छुटकारा मिल जाता है.
  • लहसून को सरसों के तेल में गरम करके इस तेल से छाती और गले की अच्छी तरह मालिश करे.
  • सोने का एक ही समय निर्धारित करे.
  • पुदीने का तेल 1- 2 बूंद पानी मे मिलाकर पीने से खर्राटे से राहत मिलती है.
  • एक ग्लास गर्म पानी ले और इसमें एक चम्मच शहद मिला कर रोज रात में सोने से पहले पिये.
  • जैतून का तेल एक चम्मच, शहद दो चम्मच इनको मिलाकर रोज़ रात तो सोने से पहले लें.

खर्राटे से छुटकारा पाने के लिए कुछ असरदार घरेलू उपाय

उबलता हुए पानी मे नीलगिरी का तेल या चाय के पेड़ का तेल लेकर उसमे मिला ले , फिर अपने सिर को ढककर ( टॉवेल से) करीब 10 मिनट तक गर्म भाप ले. शहद का सेवन भी इसके लिए कारगर है. शहद का सेवन आप रात को सोने से पहले कर के सोये. इसके अलावा शहद के साथ अदरक का रस भी ले सकते है.

2 सेब, 2 गाजर 1 अदरक और आधा नींबू को ग्राइंडर में अच्छी तरह पीस कर इसका जूस बना ले और सोने के तीन घंटे पहले पिये. ऐसा रोजाना करने से राहत मिलती है. खर्राटे रोकने के घी एक कारगर उपाय है. इसके इस्तेमाल करने के लिए देशी घी को गरम करके नाक में 2-3 बूंद डाल कर सोये, यही प्रक्रिया सुबह भी दोहरा सकते है.

आधा चम्मच इलाइची पावडर को 1 ग्लास पानी डालकर पिये, ऐसा कुछ दिन करने से नाक में जमी गंदगी की वजह से आने वाले खर्राटे बंद हो जाते है. रात को सोने से पहले गरम पानी पी कर सोये इससे सांस की नली खुल जाती है. इसके अलावा आप गरम पानी मे 1 चम्मच नमक डालकर उस पानी से गरारा करे . यह उपाय बहुत कारगर है.

खर्राटों से परेशान हैं तो आपके घर में भी मौजूद है इसका उपचार

पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। कभी कभी ऐसा होता है खर्राटे नाक में नमी के कारण आते है. पानी पीने से समस्या खत्म हो जाती है. करीब 2 चम्मच शहद को गरम दूध में मिलाकर सोने से आधा घण्टे पहले पिये. ऐसा करीब 15 दिनों तक करने से भी परिणाम दिखने लगते है.

गर्म पानी मे 1-2 चम्मच पुदीने क तेल मिलाकर उस पानी से सोने से पहले गरारे करें. ध्यान रहे इस पानी को पीना नही है. धूम्रपान स्वास नली को संकुचित बनाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. इसलिए कोशिश करे इन सब बुराइयों से दूर रहने का. यदि सोने के लिए नींद की गोली लेने की लत है तो इसे जल्दी छोंड़ दे क्योंकि यह खर्राटे आने का एक प्रमुख कारण है.

खर्राटे के कुछ योगासन

इन उपायों के अलावा योग भी एक बड़ा माध्यम है इस बीमारी से निजात पाने का. आइए जानते है कुछ ऐसे योग जो खर्राटे की समस्या को ठीक कर सकते है.

धनुरासन

Dhanurasana Yoga In Hindi

यहाँ पोस्ट बहुत अधिक बड़ी हो जाने के कारण आपको सिर्फ कुछ ऐसे प्रभावशाली योग के नाम बता रहे हैं जिनको करने से आप खर्राटे की समस्या से बहुत ही कम समय में छुटकारा पा सकते हैं. और इन योगासनों के नियम और पूर्ण लाभ जानने के लिए विस्तृत जानकारी आप इस लिंक से ले सकते हैं. योग के लाभ

  • भुजंगासन
  • सूर्यनमस्कार
  • भ्रामरी प्राणायाम
  • ॐ का उच्चारण
  • सिंघासन
  • उज्जायी प्राणायाम
  • कपालभाति
  • अनुलोम-विलोम

उपर बताये गए इन सभी आसनों और प्राणायाम को आप अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं. आपको इनसे न तो किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट होता है, वाल्की ये आपको 100 प्रतिशत फायदा ही पहुंचाते हैं.

खर्राटे दूर करने की मशीन: (सी पैप मशीन)

खर्राटे की समस्या की मुख्य वजह सांस नली में पड़ने वाला दबाव होता है, जिस कारण सांस रुक जाती है. पर अब एक ऐसी मशीन आ गई है, जो आपको इस समस्या का समाधान दे सकती है. सी पैप मशीन खासकर स्लीप एप्निया के लिए बहुत फायदेमंद है.

How Do Cpap Machines Work In Hindi

खर्राटों से छुटकारा दिलाने वाली यह सी पैप मशीन सांस नली में लगातार स्टीम भेजता है, जिसके द्वारा सांस नली खुल जाती है. और उसमें लगातार ऑक्सीजन सप्लाई होती है, यह एक बेहद ही कारगर मशीन है. ये कुछ उपायों के द्वारा आप खर्राटों से छुटकारा पा सकते है.