मलेरिया के लक्षण और इलाज – Maleria Ke Lakshan Or Ilaj

मलेरिया के लक्षण और उपचार:- मौसम में बदलाव के साथ शरीर में भी कई प्रकार के बदलाव होते हैं बदलते मौसम और मच्छरों के प्रकोप से कई तरह की बीमारियां होती हैं. और इसी कारण से लोग मौसमी बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं. कई बार ऐसा होता है कि लोगों को यह समझ नहीं आता.

क्यों न मौसमी बीमारी या मौसमी बुखार हुआ है या आम बुखार हुआ है. रोजमर्रा के काम के बाद थकान के साथ सिरदर्द अथवा शरीर में दर्द होता है. तो लोगों को यह समझ नहीं आता कि उन्हें डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए या फिर इसका इलाज किस तरह कराना चाहिए.

मलेरिया के लक्षण और उपचार

मौसमी बीमारियों में कई प्रकार के बुखार होते हैं जैसे वायरल बुखार, चिकनगुनिया बुखार, डेंगू का बुखार और मलेरिया का बुखार भी इनमे से एक है. मलेरिया इन सब में सबसे खतरनाक और जानलेवा बुखार होता है. बुखार के प्रकार के होते हैं टाइफाइड बुखार दूषित जल और दूषित खाने के सेवन करने से शरीर में फैलता है.

इस का सबसे ज्यादा असर हमारे पेट की आंतों पर होता है टाइफाइड बुखार होने के दौरान पेट दर्द सिर दर्द कमजोरी उल्टी दस्त और भी कई तरह के लक्षण होते हैं जिनसे आप पता लगा सकते हैं कि आपको टाइफाइड है या नहीं.

मलेरिया के लक्षण और उपचार – टाइफाइड होने के दौरान आपको किसी भी प्रकार का हैवी फूड या आसानी से ना पचने वाला खाना नहीं खाना है क्योंकि इसका सबसे ज्यादा तर आपके पेट पर होता है और जितना हो सके लॉन्ग का पानी उबाल कर पिए तुलसी के पत्ते और नीम के 500 पत्ते का पेस्ट बनाकर इसका सेवन करें तो टाइफाइड बुखार दूर हो जाएगा क्योंकि नीम के अंदर कई सारे एंटीबायोटिक गुण होते हैं.

मलेरिया के उपाय

म सभी जानते हैं कि मलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है. बारिश के दिनों में यहां वहां पानी जमा हो जाता है और छत पर रखी टंकी फायर फूटे घड़े आदि में साफ पानी जमा रहने के कारण इन में एनोफ्लिस नाम का मच्छर पनपने लगता है जिनके काटने से मलेरिया होता है.

मलेरिया होने पर इसका इलाज कराना बेहद जरूरी हो जाता है. मलेरिया होने के कई लक्षण होते हैं. और मलेरिया होने के दौरान आपको कई लक्षण देखने को मिलते हैं इसमें शरीर पर रह रहकर ठंड आती है. उसके बाद बहुत तेज पसीना आता है गर्मी लगने लगती है और शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है और पसीना भी बहुत आता है.

और मलेरिया होने के दौरान सिरदर्द, बदन दर्द, बहुत तेज गर्मी लगने के साथ पसीना के निकलना यह सभी मलेरिया के गुण हैं और मलेरिया लगातार काफी दिनों तक नहीं रहता यह कुछ दिनों मैं उतर जाता है मलेरिया में बुखार रेगुलर नहीं रहता है इसमें बुखार उतर जाता है फिर दोबारा से आ जाता है, कभी दो दिन बाद, कभी तीसरे दिन इस तरह से यह बुखार बना रहता है.

मलेरिया होने पर क्या करे

जैसे रोगी को रोगी को ठंड के साथ बहुत तेज बुखार आता है, उल्टियां होती हैं, कब्ज, बेचैनी होती है और घबराहट भी होने लगती है.यह कुछ विशेष लक्षण हैं मलेरिया के लिए यदि आप भी मलेरिया से ग्रसित हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो मलेरिया के इलाज के लिए आप तुलसी के पत्तों का पेस्ट अच्छी तरह बना लें.

इस को शहद के साथ ले और गिलोय के पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. अदरक, लौंग, काली मिर्च और तुलसी के पत्तों को मिलाकर और इन्हें उबाल कर काढ़ा बना लें. मलेरिया के दौरान शरीर की इम्यूनिटी पावर यानी रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कम हो जाती है.

इसी कारण से हमारे शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है, इसीलिए हमें हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पावर को मजबूत बनाए रखना चाहिए. और इन घरेलू नुस्खों के साथ साथ हमें कुछ ऐसी दवाइयां भी लेने चाहिए लेनी चाहिए. जिससे शरीर में शक्ति बनी रहे.

मलेरिया में क्या करना चाहिए

मलेरिया के लक्षण और उपचार के कुछ सामान्य घरेलू नुस्खे और सावधानियां:- मलेरिया के लक्षण और उपचार आयुर्वेद में कई प्रकार की औषधियों का वर्णन है, जिनका उपयोग कर आप अपने शरीर को शरीर की इम्युनिटी पावर को बढ़ा सकते .हैं. गिलोय के पत्तों का सत्तू यानी अमृत सत्तू जिसे कहते हैं उसका सेवन करने से इम्यूनिटी पावर बढ़ जाती है.

इससे आपके शरीर में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता काफी हद तक बढ़ जाती है. सुबह सुबह खाली पेट चार से पांच तुलसी के पत्ते अच्छी तरह चबा कर खाएं, जिससे कुछ ही दिनों में बुखार उतर जायेगा. मलेरिया का इलाज घरेलू तरीकों से करने के लिए एक गिलास पानी में 10 ग्राम हींग डालकर उसे उबाल लें.

और उसका लेप बनायें और इसलिए को हाथों और पैरों के नाखूनों में अच्छी तरह लगा दें. इससे कुछ ही दिनों में मलेरिया से राहत मिलती है थोड़ा-सा नमक ले और इसको तवें पर तब तक सीखें, जब तक उसका रंग भूरा ना हो जाए. उस पूरे नमक को एक चम्मच लें व इसे पानी में मिलाकर खाना खाने के बाद पी लें.

मलेरिया निवारण के उपाय

यदि आपको बहुत तेज मलेरिया हो चुका है तो इस विधि का उपयोग ना करें. मलेरिया का बुखार यदि बार-बार आता है तो छाछ का सेवन जरूर करें. सिर्फ सेब को खाने से भी मलेरिया का बुखार कम हो जाता है. नमक और पीसे हुए धनिया को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को पानी के साथ लें इससे मलेरिया से ग्रसित रोगी को बहुत आराम मिलता है.

नींबू पानी पीने से भी मलेरिया दूर हो जाता है. पिसी हुई काली मिर्च और नमक को नींबू में लगाकर चूसने से बुखार की गर्मी खत्म हो जाती है.इस प्रक्रिया को दिन में कम से कम 2 बार अवश्य करें. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं जब तक आपका बुखार पूरी तरह खत्म ना हो जाए.

मलेरिया रोग के उपचार

5 काली मिर्च को 500 ग्राम नीम की पत्तियों के साथ बारीक पीसकर और उसे अच्छी तरह से छान लें और इसे थोड़ा-थोड़ा करके मलेरिया के रोगी को पिलाएं इसे मलेरिया के रोगी को बुखार नहीं आता है. अमरुद और सेब का सेवन करने से भी मलेरिया के बुखार में राहत मिलती है.

20 ग्राम शहद में आधा ग्राम सेंधा नमक, आधा ग्राम हल्दी इन सब को गरम पानी में मिलाकर रात को पीएं. इस मिश्रण को पीने से मलेरिया का जुखाम और मलेरिया का बुखार दोनों ही दूर हो जाते हैं. एक चम्मच बिना सिका हुआ जीरा पीसकर और तीन गुना गुड़ मिलाकर. इसकी छोटी छोटी गोलियां बना लें.

मलेरिया के लक्षण और उपचारमलेरिया के दौरान ठंड लगने पर गोली को एक 1 घंटे के अंतराल के बाद खाते रहें इससे आपका मलेरिया का बुखार हट जाएगा लेकिन इन सब आयुर्वेदिक नुस्खे और घरेलू उपायों के द्वारा हम मलेरिया के बुखार को खत्म कर सकते हैं. और इसका सबसे बेहतर मलेरिया के लक्षण और उपचार है कि हम अपने आसपास गंदा पानी जमा ना होने दें छत पर रखी टंकी छात्रों पर रखी टंकी बैंक बैंक आदि को अच्छी तरह से साफ रखें और इन्हें ढक कर रखें.

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