दिमागी बुखार का इलाज – Encephalitis Treatment In Hindi

दिमागी बुखार का इलाज – घरेलू उपचार द्वारा दिमागी बुखार का इलाज यहां जाने मस्तिष्क ज्वर से बचाव कैसे करें और दिमागी बुखार से अपने आपको एवं आपके परिवार को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है. आज हेल्थ टिप्स इन हिंदी ब्लॉग में इसके बारे में आपको बता रहे हैं. दोस्तों अगर ये जानकारी आपको उपयोगी लगे तो कृपया अपने facebook टाइमलाइन पर जरुर शेयर करें, जिससे कि आपके मित्र भी इस जानकारी को पढ़ सकते हैं.

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दिमागी बुखार का इलाज और इससे कैसे बचा जा सकता है

Health Tips In Hindi  वेबसाइट में दिमागी बुखार का इलाज घरेलू नुस्खों द्वारा बता रहे हैं दोस्तों दरअसल दिमागी बुखार तीन तरह का होता है पहला वायरल मेनिनजाइटिस दूसरा बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस और तीसरा फंगल मेनिनजाइटिस नीचे आप पढ़ेंगे मस्तिष्क ज्वर क्या है और मस्तिष्क ज्वर के लक्षण क्या होते हैं और मस्तिष्क ज्वर से बचाव कैसे किया जा सकता है.

अगर आपकी या आपके बच्चों की याददाश्त कमजोर है तो आप हमारी इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय दोस्तों मेनिनजाइटिस को हिंदी भाषा में आमतौर पर बोलचाल की भाषा में दिमागी बुखार भी कहते हैं और यह आमतौर पर बैक्टीरिया या कवक अथवा परजीवी और अन्य कुछ जीवों के संक्रमण से भी हो जाता है. दोस्तों दरअसल दिमागी बुखार एक तरह का इंफेक्शन होता है.

जो कि मस्तिष्क और मानव शरीर में रीढ़ की हड्डी की रक्षा करने वाले मेंब्रेन में एक तरह की सूजन पैदा कर देता है. ये आमतौर पर ज्यादातर मामलों में इसका होने का कारन वायरस ही होता है इसके अलावा दिमागी बुखार के अन्य संक्रमण कारन भी होते हैं. शुगर की बीमारी का इलाज घरेलू नुस्खा द्वारा यहां जाने.

मेनिनजाइटिस के प्रकार 

वायरल मेनिनजाइटिस :- दोस्तों मेनिनजाइटिस को बोल चाल की भाषा में वायरल फीवर भी बोलते हैं यह ज्यादा गंभीर संक्रमण नहीं होता है ये एक प्रकार के मच्छर के काटने से आपके शरीर में वायरस पहुंचा देता है जिससे आपको बुखार हो जाता है. और इस प्रकार के बुखार के लिए खास इलाज नहीं है यह एक तरह का आम बुखार होता है जो प्राथमिक दवाइयां लेने से सही हो जाता है. और ये ज़्यादातर इस बारिश के मौसम में हो सकता है.

वायरल मेनिनजाइटिस
वायरल मेनिनजाइटिस

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस :- यह गंभीर संक्रमण है और यह तीन तरह के बैक्टीरिया से होता है पहला नेसेरिया मेनिनजाइटाइडिस, दूसरा  हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी और तीसरा स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया बैक्टीरिया.

फंगल मेनिनजाइटिस:- इसमें फंगल इंफेक्शन से दिमागी बुखार होने का खतरा रहता है इस प्रकार का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नहीं फैलता. लेकिन जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है ऐसे लोग बहुत जल्दी जैसे प्रभाव में आ जाते हैं. और जिन लोगों को कैंसर अथवा जो लोग HIV से पीड़ित होते हैं उन लोगों में इस रोग को होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

दिमागी बुखार के लक्षण – मेनिनजाइटिस के लक्षण

छोटे बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण या निमोनिया के लक्षण इस तरह से पहचान लें, बच्चों के ऐसे लक्षणों पर गौर करना चाहिए जैसे वह अकारण बहुत तेज़ रोने लगते हों या असामान्य अथवा तेज़ सांसों का चलना, या फिर उनका चेहरा पीला पीला पड़ जाए या चेहरे पर लाल या बैंगनी रंग के धब्बे अथवा दाने हो जाएं तो ये निमोनिया या दिमागी बुखार के लनशन हो सकते हैं.

Encephalitis fever in kids

बड़े बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण इस प्रकार होते हैं गर्दन में अकड़न आ जाना या फिर जोड़ों में तेज दर्द होना या बहुत तेज सर दर्द की समस्या और उनको चमकदार रोशनी से चिढ सी होने लगती है और हाथ पैर ठंडे हो जाते हैं बच्चा कांपने लगता है. और तेजी से सांस लेना शरीर की सभी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कभी कबार उलटी जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं.

दिमागी बुखार से बचाव कैसे करें

दिमागी बुखार में बैक्टीरिया आपके ब्लड सिस्टम में प्रवेश कर जाते हैं और ये आपके ब्लड के जरिए आपके दिमाग और स्पाइन कार्ड में जाकर या फिर कभी कभी ऐसा भी होता है यह बैक्टीरिया आपके मुंह से अथवा नाक द्वारा प्रवेश कर जाते हैं और मानव शरीर में दिमाग में सूजन पैदा कर देते हैं और फलस्वरुप आपको दिमागी बुखार हो जाता है.ये  दिमागी बुखार का इलाज एंटीवायरस एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है.

जब किसी को दिमागी बुखार हो जाता है तो उसको काफी देखभाल की ज़रुरत होती है. इस तरह के रोगी को अपने शरीर को पूरी तरह आराम देना चाहिए और दिमागी बुखार से प्रभावित व्यक्ति को या बच्चों को ज्यादा तेज रोशनी में ना रखें मतलब के जिस कमरे में हो रहे वह शांत हो और उसमें हल्की रोशनी या अंधेरा होना चाहिए और एक बात का विशेष ध्यान रखें यह किसी भी तरह के तरल पदार्थ वाला खाना रोगी को ना दें. ओ.आर.एस. का घोल गरम पानी में ले सकते हैं.

अनार के सेवन से दूर करें दिमागी बुख़ार 

दिमागी बुखार में आप अनार का जूस लें ये बहुत फायदा करता है और साथ में लहसुन का सेवन भी करवाएं तो और बहुत अच्छा होता है शरीर के तापमान को कम करने के लिए बर्फ़ के टुकड़ों को एक सूती कपड़े में लपेटकर उससे अच्छी तरह से तलवों, हाथों और माथे की सिकाई करें जिससे कि जल्द से जल्द रोगी के शरीर का तापमान कम हो जाए.

अनार के सेवन से दूर करें दिमागी बुख़ार 
अनार के सेवन से दूर करें दिमागी बुख़ार

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